खतरनाक सौर तूफानों से पहले अलर्ट करेगी Nasa! लेकिन आपके पास होंगे सिर्फ 30 मिनट

सौर घटनाओं के पृथ्‍वी को टार्गेट करने से सिर्फ 30 मिनट पहले ही अलर्ट जारी किया जा सकेगा।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 17 मई 2023 20:22 IST
ख़ास बातें
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने डेवलप की तकनीक
  • 30 मिनट पहले अलर्ट जारी किया जा सकेगा
  • पृथ्‍वी को प्रभावित कर सकते हैं सौर तूफान

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने मार्च में DAGGER (डीप लर्निंग जियोमैग्नेटिक पर्टर्बेशन) नाम के कंप्‍यूटर मॉडल के बारे में बताया था।

सोलर तूफान (Solar Storms) इंसानों को सीधे तौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन इंटरनेट और बिजली को घंटों तक ठप कर सकते हैं। हाल के दिनों में हमने देखा है कि सौर तूफानों के कारणों दुनिया के कई इलाकों में अस्‍थायी रूप से रेडियो ब्‍लैकआउट हुआ। इससे रेडियो कम्‍युनिकेशन बाधित हो गया। सौर तूफान का दायरा बड़ा हो तो अंतरिक्ष में मौजूद हमारे सैटेलाइट्स भी तबाह हो सकते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के मुताबिक, भविष्‍य में जब इस तरह की घटनाएं पृथ्‍वी को प्रभावित करने वाली होंगी, तो 30 मिनट पहले अलर्ट जारी किया जा सकेगा। 

नासा ने आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस से संचालित एक सिस्‍टम डेवलप किया है। इसके जरिए भविष्‍यवाणी की जा सकेगी कि ऐसी घटनाएं हमारे ग्रह को कब टार्गेट करेंगी। हालांकि सौर घटनाओं के पृथ्‍वी को टार्गेट करने से सिर्फ 30 मिनट पहले ही अलर्ट जारी किया जा सकेगा। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने मार्च में DAGGER (डीप लर्निंग जियोमैग्नेटिक पर्टर्बेशन) नाम के कंप्‍यूटर मॉडल के बारे में बताया था। इससे जुड़ा शोध अब सामने आया है। इंटरनेशनल रिसर्चर्स की एक टीम ने इस शोध को अंजाम दिया है। टीम में नासा, यूएस जियोलॉजिकल सर्वे और यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी से विशेषज्ञ शामिल थे। यह टीम सोलर विंड और जियोमैग्‍नेटिक गड़बड़ी के बीच कनेक्‍शन का पता लगाने के लिए एआई का इस्‍तेमाल कर रही है।  

रिसर्चर्स ने डीप लर्निंग नाम की एक मेथड इस्‍तेमाल की। इस मेथड में कंप्‍यूटर पिछले उदाहरणों के आधार पर सोलर विंड और जियोमैग्‍नेटिक गड़बड़ी के बीच कनेक्‍शन के पैटर्न का पता लगाता है। टीम ने अगस्त 2011 और मार्च 2015 के दो भू-चुंबकीय तूफानों पर DAGGER मॉडल को टेस्‍ट किया। नासा का कहना है कि यह मॉडल दुनियाभर में सौर तूफानों का सटीक पूर्वानुमान लगा सकता है। 

सौर तूफान के असर का सबसे ताजा उदाहरण साल 1989 में देखने को मिला था। तब कनाडा के एक शहर में 12 घंटों के लिए बिजली गुल हो गई थी। इस कारण स्‍कूलों और बिजनेसेज को बंद करना पड़ा था। ऐसी घटनाएं आज के समय में हो, तो लोगों को बड़े स्‍तर पर प्रभावित कर सकती है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Jio, Airtel की छुट्टी! Vi लाई 365 दिनों तक 2GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, Free JioHotstar, Amazon Prime वाला धांसू
  2. फोन नहीं, ये पावरबैंक हैं! 10000mAh तक बैटरी के साथ 2026 के सबसे पावरफुल स्मार्टफोन्स की देखें लिस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर अमेरिका ने लगाया बैन
  2. Tata Motors के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर 2.75 लाख रुपये तक के डिस्काउंट का ऑफर
  3. Jio, Airtel की छुट्टी! Vi लाई 365 दिनों तक 2GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, Free JioHotstar, Amazon Prime वाला धांसू प्लान
  4. चिलचिलाती गर्मी में स्मार्टफोन बैटरी को फटने से बचाएंगी ये स्मार्ट ट्रिक्स!
  5. फोन नहीं, ये पावरबैंक हैं! 10000mAh तक बैटरी के साथ 2026 के सबसे पावरफुल स्मार्टफोन्स की देखें लिस्ट
  6. OnePlus Ace 7 में मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Gen 6 चिपसेट
  7. Vivo लेटेस्ट फोन V70 Lite लॉन्च हुआ 6500mAh बैटरी, 50MP दो कैमरा के साथ, जानें कीमत
  8. OnePlus Turbo 6X, Turbo 6X Pro लॉन्च से पहले खुलासा, 8000mAh बैटरी, 50MP कैमरा से होंगे लैस!
  9. Rogbid SR15 Ultra स्मार्ट रिंग हुई लॉन्च, बिल्ट-इन डिस्प्ले, 30 दिन तक है बैटरी! जानें कीमत
  10. 20 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का यह धांसू फोन, 50MP 3 कैमरा से लैस!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.