अंतरिक्ष में किसने खड़े किए पिलर? जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप ने खींची तस्‍वीर, जानें पूरा मामला

इन पिलर्स को सबसे पहले साल 1995 में नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कैप्‍चर किया था। लेकिन जेम्‍स वेब ने इस तस्‍वीर को और बारीकी से कैप्‍चर किया है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 20 अक्टूबर 2022 17:33 IST
ख़ास बातें
  • जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप ने खींची तस्‍वीर
  • अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन है जेम्‍स वेब
  • यह तस्‍वीर ईगल नेबुला में ली गई है

तस्‍वीर में तारों से भरी गैस और धूल की विशाल संरचनाएं हैं।

अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप (James Webb Space Telescope) अपनी तस्‍वीरों से दुनिया को हैरान कर रही है। अब इस टेलीस्‍कोप ने पिलर्स ऑफ क्रिएशन (Pillars of Creation) की डिटेल तस्‍वीर खींची है। इन्‍हें देखकर ऐसा लगता है मानो अंतरिक्ष में कुछ निर्माण की तैयारी चल रही है…कोई बड़ा कंस्‍ट्रक्‍शन! वहीं, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने बताया है कि तस्‍वीर में तारों से भरी गैस और धूल की विशाल संरचनाएं हैं। नासा और यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी, ईएसए (ESA) ने मिलकर यह फोटो रिलीज की है। 

एक बयान में नासा ने कहा कि जेम्‍स वेब टेलीस्कोप ने पृथ्वी से 6,500 प्रकाश वर्ष दूर ईगल नेबुला (Eagle Nebula) का यह शॉट लिया है। इन पिलर्स को सबसे पहले साल 1995 में नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कैप्‍चर किया था। लेकिन जेम्‍स वेब ने इस तस्‍वीर को और बारीकी से कैप्‍चर किया है, जिसकी वजह टेलीस्‍कोप की इन्‍फ्रारेड क्षमताएं हैं। तस्‍वीरों में नए तारों के गठन को भी समझा जा सकता है। वेब टेलीस्‍कोप की इमेज में कई पिलर्स पर लाल, लावा जैसे धब्बे दिखाई देते हैं। नासा के मुताबिक ये तारों से निकलने वाले इजेक्शन हैं जो अभी भी बन रहे हैं और कई हजार साल पुराने हैं।

अपनी लॉन्चिंग के बाद से ही जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप हमें ब्रह्मांड की अनदेखी तस्‍वीरें दिखा रहा है और नई जानकारियों से लैस कर रहा है। हाल ही में पता चला था कि इस टेलीस्‍कोप ने हमारे सौरमंडल के बाहर किसी ग्रह पर कार्बन डाइऑक्साइड का पता लगाया है। यह खोज WASP-39 b नाम के एग्जोप्लेनेट पर की गई है जिसके बारे में 2011 में पता लगा था। यह धरती से लगभग 700 प्रकाश वर्ष दूर है और गर्म गैसों से बना है। यह सूर्य जैसे ही एक तारे के चारों तरफ घूमता है। NASA के अनुसार, इस खोज से इस ग्रह के बनने और इसकी संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही, इससे खोज से यह साबित होता है जेम्स वेब टेलीस्कोप छोटे और चट्टानी ग्रहों के पतले वातावरण में भी कार्बन डाइआक्साइड का पता लगा सकता है। 

नासा ने पिछले साल दिसंबर में इस टेलीस्‍कोप को लॉन्‍च किया था। जेम्‍स वेब के निर्माण में 10 अरब डॉलर (लगभग 75,330 करोड़ रुपये) की लागत आई है। अपनी पहली इमेज के रूप में जेम्‍स वेब ने सुदूर ब्रह्मांड को बेहतरीन तरीके से दिखाया गया था। इसे सुदूर ब्रह्मांड की अबतक की सबसे डीप और शार्प इन्‍फ्रारेट इमेज बताया गया था। जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप को हबल टेलीस्‍कोप की जगह लेने के लिए अंतरिक्ष में भेजा गया है। हबल टेलीस्‍कोप लगभग 30 साल से सर्विस में है और कई शानदार खोज कर चुका है। 
 

 

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