Intermittent Fasting: दिमाग पर असर डालता है ऐसा उपवास- स्टडी

उपवास सिर्फ धार्मिक प्रवृत्ति तक ही सीमित नहीं है, आज के जमाने में बहुत बड़ी जनसंख्या उपवास इसलिए भी करती है ताकि वह फिट रह सके

Intermittent Fasting: दिमाग पर असर डालता है ऐसा उपवास- स्टडी

Photo Credit: istock

बहुत से लोग वजन घटाने के लिए भी उपवास जैसा तरीका अपनाते हैं।

ख़ास बातें
  • इस तरह उपवास करना दिमाग की कार्यशैली को प्रभावित कर सकता है
  • इंटरमिटेंट फास्टिंग पेट में पाए जाने वाले बैक्टिरिया को बदल सकता है
  • ब्रेन एक्टिविटी और गट बैक्टीरिया में दिखे बदलाव
विज्ञापन
उपवास सिर्फ धार्मिक प्रवृत्ति तक ही सीमित नहीं है, आज के जमाने में बहुत बड़ी जनसंख्या उपवास इसलिए भी करती है ताकि वह फिट रह सके, या बेहतर स्वास्थ्य बनाए रख सके। बहुत से लोग वजन घटाने के लिए भी उपवास जैसा तरीका अपनाते हैं। इनमें इंटरमिटेंट फास्टिंग, या रुक-रुक कर उपवास करना भी वजन घटाने के लिए काफी प्रचलित है। लेकिन एक नई स्टडी कहती है कि इस तरह उपवास करना दिमाग की कार्यशैली को प्रभावित कर सकता है। हमारा दिमाग भूख या किसी अन्य आदत के अनुसार शरीर को सिग्नल भेजता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग से ब्रेन की इस एक्टिविटी में बदलाव आ सकता है। 

न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, बीजिंग में हेल्थ मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में शोधकर्ताओं ने पाया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग पेट में पाए जाने वाले बैक्टिरिया को बदल सकता है, साथ ही ब्रेन एक्टिविटी को भी बदल सकता है। इसके सकारात्मक प्रभाव भी दिख सकते हैं, और नकारात्मक भी। स्टडी को Frontiers in Cellular and Infection Microbiology में प्रकाशित किया गया है। यह बताती है कि रिसर्च में भाग लेने वाले लोगों ने 2 महीने के भीतर औसत रूप से 7.5 किलोग्राम वजन कम किया। लेकिन इन लोगों में दिमाग के उस हिस्से की प्रक्रिया में बदलाव देखा गया जो भूख और लत से संबंधित था। 

शोधकर्ताओं ने पाया कि इंटरमिटेंट एनर्जी रेस्ट्रिक्शन (IER) डायट के चलते पेट में पाए जाने वाले बैक्टीरिया की संख्या में भी इजाफा हो गया। इसके लिए शोधकर्ताओं ने चीन के 25 महिला और पुरुषों के मल सैम्पल का अध्य्यन किया। पहले भागीदारों को 32 दिन हाइ कंट्रोल फास्टिंग फेज से गुजारा गया। यहां पर उन्हें डायटिशियन के द्वारा बताई गई डायट दी गई। उसके बाद अगले 30 दिन उन्हें कम कंट्रोल वाले फास्टिंग फेज से गुजारा गया। यहां पर भागीदारों को अपनी मर्जी से खाने की ज्यादा छूट दी गई। 

डिजाइन की गई डायट के हिसाब से खाने वाले पुरुषों को रोजाना 600 कैलोरी मिली, जबकि महिलाओं को 500 कैलोरी मिली। अंत में उनके शरीर का 7.5 किलो वजन कम हो गया। जिससे कि उनका बॉडी फैट कम हुआ, और कमर के चारों और जमा चर्बी कम हो गई। यहां पर उनका ब्लड प्रेशर भी कम हो गया और कॉलेस्ट्रॉल भी कम हो गया। लेकिन साथ ही ब्रेन एक्टिविटी और गट बैक्टीरिया में भी बदलाव आए। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Find X10 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  2. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  4. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
  5. सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
  6. ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
  7. iQOO 15R जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,600mAh की होगी बैटरी
  8. Redmi K90 Ultra में लगा होगा पंखा, बैटरी होगी इतनी बड़ी कि खत्म हो जाएगी चार्जिंग की टेंशन!
  9. मात्र 8,999 रुपये में खरीदें सैमसंग फोन, 10 हजार का कैशबैक अलग से, गजब है फ्लिपकार्ट पर Galaxy Days ऑफर
  10. Xiaomi 17 Ultra के इंटरनेशनल वेरिएंट में हो सकती है 6,000mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »