Gyanvapi case : हालांकि इसका इस्तेमाल चट्टानों या पत्थर की उम्र का पता लगाने के लिए नहीं किया जाता है। कार्बन डेटिंग सिर्फ उन चट्टानों के लिए काम करती है, जो 50,000 साल से कम उम्र की हैं।
Photo Credit: सांकेतिक तस्वीर
Gyanvapi case : कार्बन डेटिंग सदियों से मौजूद वस्तुओं के इतिहास समेत विभिन्न प्रजातियों के विकास की प्रक्रिया को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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