साइटिसिन को पूर्वी यूरोप में 1960 के दशक से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका हमारे स्वास्थ्य पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं देखा गया है।
Photo Credit: Pixabay
स्टडी कहती है कि इस कम खर्चीले कंपाउंड को अगर गरीब देशों में यूज किया जाए, तो ग्लोबल हेल्थ में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Vivo Y05e में मिल सकती है 5,050mAh की बैटरी, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
5,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Samsung Galaxy A27 5G, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस