साइटिसिन को पूर्वी यूरोप में 1960 के दशक से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका हमारे स्वास्थ्य पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं देखा गया है।
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स्टडी कहती है कि इस कम खर्चीले कंपाउंड को अगर गरीब देशों में यूज किया जाए, तो ग्लोबल हेल्थ में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।
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