अंतरिक्ष में टकराने वाले थे अमेरिका-रूस, 10 मीटर से बाल-बाल बची ‘पृथ्‍वी’

दो सैटेलाइटों के इतने नजदीक आने और कोई गलती होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 11 अप्रैल 2024 13:21 IST
ख़ास बातें
  • अंतरिक्ष में फरवरी में होने वाली थी टक्‍कर
  • अमेरिका और रूस के सैटेलाइट टकरा जाते
  • ऐन वक्‍त पर टल गई मुसीबत

फरवरी में होने वाली थी टक्‍कर लेक‍िन ऐन वक्‍त पर टल गई मुसीबत।

Photo Credit: Telegraph UK

अमेरिका और रूस के बीच चल रही वर्चस्‍व की लड़ाई फरवरी महीने में तब सुर्खियों में आई थी, जब दोनों देश स्‍पेस में आमने-सामने आ गए थे। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अमेरिका और रूस के दो सैटेलाइट्स आपस में टकरा सकते हैं। अब खुलासा हुआ है कि ‘कॉसमॉस 2221' (Cosmos 2221) नाम का रूसी अंतरिक्ष यान स्‍पेस में 10 मीटर की दूरी से गुजरते हुए एक अमेरिकी सैटेलाइट के करीब आ गया था। यह खतरनाक स्थिति है। एक्‍सपर्ट का दावा है कि दो सैटेलाइटों के इतने नजदीक आने और कोई गलती होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह पृथ्‍वी पर जीवन को खतरे में डाल सकता है।  

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नासा की डेप्‍युटी एडमिनिस्‍ट्रेटर और पूर्व एस्‍ट्रोनॉट कर्नल पाम मेलरॉय ने घटना पर अपनी राय दी है। अमेरिका के कोलोराडो में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्‍होंने कहा कि यह व्‍यक्तिगत तौर पर और नासा में हम सभी के लिए बहुत चौंकाने वाली चीज थी। उन्‍होंने बताया कि हमारा टाइम्‍ड (Timed) सैटेलाइट रूस के निष्क्रिय जासूसी सैटेलाइट के साथ टकराने से बाल-बाल बच गया। 

उन्‍होंने कहा कि अगर दोनों सैटेलाइट आपस में टकराते, तो मलबे के छोटे-छोटे टुकड़े 10 हजार मील प्रति घंटे की स्‍पीड से यात्रा करते हुए पृथ्‍वी पर इंसानी जीवन को खतरे में डाल सकते थे। उन्‍होंने अंतरिक्ष में मौजूद छोटी-छोटी चीजों से होने वाले नुकसार पर भी बात की।  

गौरतलब है कि स्‍पेस कचरा बीते कई वर्षों में लगातार बढ़ा है। दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियां अपने सैटेलाइट अंतरिक्ष में पहुंचा रही हैं, जो एक निश्चित वक्‍त के बाद निष्क्रिय हो जाते हैं और कचरे के तौर पर तैरते रहते हैं। इसे आंकड़ों में समझें तो 4 फरवरी 2022 तक के डेटा से पता चलता है कि रूस की 7 हजार से अधिक रॉकेट बॉडी कचरे के तौर पर स्‍पेस में घूम रही हैं। 

लिस्‍ट में दूसरे नंबर पर अमेरिका है। 5,216 स्‍पेस कचरे के टुकड़ों के साथ अमेरिका अंतरिक्ष में मलबे को बढ़ा रहा है। अमेरिका के बाद लिस्‍ट में चीन का नंबर है। तीसरे नंबर पर मौजूद चीन ने 3,845 मलबे के टुकड़ों को अंतरिक्ष में छोड़ा हुआ है, जो भविष्‍य में स्‍पेस मिशनों के लिए चुनौती बन सकते हैं। जापान और फ्रांस क्रमश: चौथे और पांचवें नंबर पर हैं। इनके 520 और 117 मलबे के टुकड़े अंतरिक्ष कचरे को बढ़ा रहे हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. एल्युमिनियम फॉयल बना देगा घर के वाई-फाई का दमदार, जहां चाहेंगे वहां मिलेगा तेज नेटवर्क
  2. ₹2450 सस्ता मिल रहा 6000mAh बैटरी वाला Motorola स्मार्टफोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. ISRO में गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों के लिए मुश्किल होगा इस्तीफा देना
  2. Asus का नया टैबलेट जल्द होगा भारत में लॉन्च, 9,000mAh की बैटरी
  3. Vivo X500 Ultra में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के तीन कैमरा
  4. iQOO Z11 Lite में मिलेगी 6,500mAh की बैटरी, भारत में अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  5. Samsung Music Studio 5, Music studio 7 स्पीकर भारत में लॉन्च, कीमत 24,900 रु. से शुरू
  6. Maple 1st Anniversary Sale: iPhone 16 Pro Max, 16 Pro, iPhone 15 सेल में Rs 40,999 से शुरू, जानें ऑफर्स की पूरी लिस्ट
  7. Oppo K15 के जल्द लॉन्च की तैयारी, MediaTek Dimensity 7360 Super होगा प्रोसेसर
  8. भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में आई 6 साल की सबसे बड़ी मंदी! Rs 15 हजार के स्मार्टफोन्स की बिक्री में बड़ी गिरावट
  9. Apple के फोल्डेबल iPhone में मिल सकता है वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम
  10. 13MP कैमरा, 9000mAh बैटरी के साथ Asus Pad T3201 पेश, अगस्त में देगा दस्तक
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.