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अमेरिका ने लॉन्‍च की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल, 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड के साथ आएगा चीन-रूस का ‘काल’

यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (USAF) ने उसके पहले प्रोटोटाइप हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल टेस्‍ट किया है। इसका नाम AGM-183A है, जो एक एयर-लॉन्‍च्‍ड रैपिड रेस्‍पॉन्‍स सिस्‍टम है।

अमेरिका ने लॉन्‍च की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल, 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड के साथ आएगा चीन-रूस का ‘काल’

Photo Credit: Lockheed Martin

अमेरिका की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल की मैक्सिमम स्‍पीड 24,000 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।

ख़ास बातें
  • प्रोटोटाइप हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल टेस्‍ट हुआ
  • यह अमेरिका सेना का पहला हाइपरसोनिक हथियार हो सकता है
  • अमेरिका ने इससे जुड़ी ज्‍यादा जानकारी शेयर नहीं की है
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दुनियाभर में चीन की बढ़ती दादागीरी और रूस के यूक्रेन पर हमले के बीच अमेरिका की एयर फोर्स ने एक बड़ा परीक्षण किया है। यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (USAF) ने उसके पहले प्रोटोटाइप हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल टेस्‍ट किया है। इसका नाम AGM-183A है, जो एक एयर-लॉन्‍च्‍ड रैपिड रेस्‍पॉन्‍स सिस्‍टम है। इसे ARRW भी कहा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अमेरिका सेना का पहला हाइपरसोनिक हथियार हो सकता है। इसकी स्‍पीड का सटीक पता तो अभी नहीं है, लेकिन अमेरिका पहली हाइपरसोनिक मिसाइल की मैक्सिमम स्‍पीड 24,000 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।  

रिपोर्टों के अनुसार, इस मिसाइल को लॉकहीड मार्टिन ने डिजाइन किया है। यह अमेरिका और दुनिया की जानी-मानी कंपनी है। अपने बयान में अमेरिकी एयर फोर्स ने कहा है कि 9 दिसंबर को मिसाइल की सफल ट‍ेस्टिंग कैलिफोर्निया के तट पर एक ट्रेनिंग रेंज में की गई। यह टेस्‍ट एक पूर्ण प्रोटोटाइप ऑपरेशनल मिसाइल का पहला लॉन्‍च था। बताया गया है कि परीक्षण के दौरान हाइपरसोनिक मिसाइल ने साउंड की स्‍पीड से भी 5 गुना स्‍पीड हासिल की। 

बताया गया है कि इसने अपने सभी टेस्‍ट को पूरा किया और जो मकसद इस मिसाइल के लिए तय किए थे, वह पूरे हुए। ARRW की फंक्‍शनिंग की बात की जाए, तो यह बूस्‍ट ग्‍लाइड मिसाइल है। इसका मतलब है कि बूस्‍टर रॉकेट के जरिए बारूद के गोले को हाइपरसोनिक स्‍पीड तक पहुंचाया जाता है। एक निश्चित समय के बाद वीकल और बूस्‍टर अलग हो जाते हैं और बूस्‍टर अपने टार्गेट की ओर बढ़ जाता है। अमेरिका काफी वक्‍त से इस मिसाइल को टेस्‍ट कर रहा था। कई बार नाकामी मिलने से प्रोजेक्‍ट पर सवाल उठाए जाने लगे थे, हालांकि अब इस हाइपरसोनिक मिसाइल के पूरे सिस्‍टम की सफल टेस्टिंग की है। 

कहा जाता है कि कई और देश भी हाइपरसोनिक मिसाइलों के निर्माण पर काम कर रहे हैं। हालांकि अमेरिका ने जो हासिल किया है, वह अबतक किसी ने हासिल नहीं किया। जितना अनुमान लगाया गया है, उतनी स्‍पीड अगर ARRW ने हासिल की है, तो यह अमेरिका के लिए बड़ी उपलब्‍धि होनी चाहिए। अमेरिकी एयरफोर्स के अनुसार इस मिसाइल को होल्‍ड फ‍िक्‍स्‍ड, हाई-वैल्‍यू, टाइम-सेंसटिव टार्गेट्स के लिए डिजाइन किया गया है यानी इसके जरिए पहले से तय टार्गेट्स को भेदा जाएगा। 
 

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ये भी पढ़े: America, Hypersonic missile, China, Russia, Lockheed Martin, USAF, ARRW

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