Aditya L1 Mission : पृथ्‍वी से 1.21 लाख किलोमीटर दूर पहुंचा ‘आदित्‍य’, सूर्य की ओर लगाई चौथी छलांग

Aditya L1 Mission : कक्षा में बदलाव के बाद आदित्य एल-1 की पृथ्‍वी से न्‍यूनतम दूरी 256 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 1 लाख 21 हजार 973 किलोमीटर हो गई है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 15 सितंबर 2023 13:02 IST
ख़ास बातें
  • भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है आदित्‍य एल-1
  • 2 सितंबर को लॉन्‍च हुआ था भारत का आदित्‍य मिशन
  • सूर्य के नजदीक पहुंचकर उससे जुड़ी जानकारियां जुटाएगा

इसरो ने बताया है कि कक्षा में बदलाव की अगली प्रक्रिया 19 सितंबर को देर रात लगभग 2 बजे की जाएगी।

Photo Credit: ISRO

भारत के पहले सौर मिशन ‘आदित्‍य एल-1' (Aditya L1) ने अपनी कक्षा की ओर एक और कदम बढ़ा दिया है।  सूर्य को स्‍टडी करने के लिए निकले ‘इसरो' के इस स्‍पेसक्राफ्ट ने शुक्रवार तड़के चौथी बार सफलतापूर्वक पृथ्वी की एक कक्षा (orbit) से दूसरी कक्षा में प्रवेश किया। भारतीय स्‍पेस एजेंसी ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स' पर शेयर की है। स्‍पेस एजेंसी ने एक पोस्‍ट में लिखा कि चौथी बार पृथ्वी के ऑर्बिट में बदलाव की प्रक्रिया (ईबीएन-4) को पूरा कर लिया गया है। इसरो ने बताया है कि मॉरीशस, बंगलूरू, एसडीएससी-एसएचएआर और पोर्ट ब्लेयर में इसरो के ‘ग्राउंड स्टेशनों' ने इस अभियान के दौरान स्‍पेसक्राफ्ट को मॉनिटर किया।

ऑर्बिट यानी कक्षा में बदलाव के बाद आदित्य एल-1 की पृथ्‍वी से न्‍यूनतम दूरी 256 किलोमीटर और अधिकतम दूरी  1 लाख 21 हजार 973 किलोमीटर हो गई है। इसरो ने बताया है कि कक्षा में बदलाव की अगली प्रक्रिया 19 सितंबर को देर रात लगभग 2 बजे की जाएगी। 
 

आदित्य-एल-1 भारत की पहली स्‍पेस बेस्‍ड ऑब्‍जर्वेट्री है। यह पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर सूर्य-पृथ्वी के पहले लैग्रेंजियन पॉइंट (एल1) के चारों ओर सूर्य की स्‍टडी करेगी। आपको यह दूरी बहुत ज्‍यादा लग सकती है, लेकिन यह पृथ्‍वी और सूर्य की कुल दूरी का सिर्फ 1 फीसदी है। 

आदित्य-एल-1 की कक्षा में पहले भी बदलाव किया जा चुका है। तीन, पांच और 10 सितंबर को एक के बाद एक तीन बार स्‍पेसक्राफ्ट की कक्षा में बदलाव किया गया था। आदित्‍य एल-1 मिशन ने इस महीने 2 सितंबर को उड़ान भरी थी। इसका लक्ष्‍य सूर्य-पृथ्वी के पहले लैग्रेंजियन पॉइंट (एल1) पर पहुंचना है। यह पृथ्वी और सूर्य के बीच एक संतुलित गुरुत्वाकर्षण वाली जगह है, जिसे स्‍पेस एजेंसियां ‘पार्किंग' भी कहती हैं।  
Advertisement

एल1 पॉइंट पृथ्‍वी से 15 लाख किलोमीटर दूर है। यहां से सूर्य पर हमेशा नजर रखी जा सकती है। जब मिशन अपना काम शुरू कर देगा तो इसरो को रियलटाइम में सौर गतिविधियों का पता चल पाएगा। आदित्‍य स्‍पेसक्राफ्ट अपने साथ 7 साइंटिफ‍िक इंस्‍ट्रूमेंट्स लेकर गया है। ये सभी स्‍वेदशी हैं और भारत के विभ‍िन्‍न विभागों द्वारा तैयार किए गए हैं। इंस्‍ट्रूमेंट्स की मदद से सूर्य के अलग-अलग हिस्‍सों को स्‍टडी किया जाएगा। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  2. 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी वाले Nothing फोन पर 2026 में आया जबरदस्त डिस्काउंट, देखें डील
  3. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Reno 14 5G को Rs 6000 सस्ता खरीदने का मौका, 6000mAh बैटरी, 50MP मेन कैमरा
  2. Oppo Find X10 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  3. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  5. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
  6. सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
  7. ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
  8. iQOO 15R जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,600mAh की होगी बैटरी
  9. Redmi K90 Ultra में लगा होगा पंखा, बैटरी होगी इतनी बड़ी कि खत्म हो जाएगी चार्जिंग की टेंशन!
  10. मात्र 8,999 रुपये में खरीदें सैमसंग फोन, 10 हजार का कैशबैक अलग से, गजब है फ्लिपकार्ट पर Galaxy Days ऑफर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.