• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 5 करोड़ टन पानी हवा में उड़ गया! यह विस्‍फोट पृथ्‍वी को और गर्म करेगा, जानें पूरा मामला

5 करोड़ टन पानी हवा में उड़ गया! यह विस्‍फोट पृथ्‍वी को और गर्म करेगा, जानें पूरा मामला

स्‍टडी के अनुसार इससे समताप मंडल की कूलिंग और सतह के ताप यानी सर्फेस हीटिंग के चक्र में बदलाव आ सकता है और ये असर आने वाले महीनों तक जारी रह सकता है।

5 करोड़ टन पानी हवा में उड़ गया! यह विस्‍फोट पृथ्‍वी को और गर्म करेगा, जानें पूरा मामला

टोंगा ज्‍वालामुखी विस्फोट 13 जनवरी को शुरू हुआ था और दो दिन बाद यह अपने पीक पर पहुंच गया था।

ख़ास बातें
  • यह पिछले 140 साल में सबसे बड़ा विस्फोट था
  • समुद्र के नीचे हुआ था यह विस्‍फोट
  • इससे बड़ी मात्रा में पानी भाप बनकर हवा में उड़ गया था
विज्ञापन
दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित देश टोंगा (Tonga) में इस साल की शुरुआत में एक ज्‍वालामुखी (volcano) फट गया था। समुद्र के नीचे फटे इस ज्‍वालामुखी ने बड़े स्‍तर पर दबाव वाली लहरें पैदा की थीं। इनमें से कुछ पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरी थीं। 14 जनवरी की इस घटना के 8 महीने से अधिक समय के बाद भी वैज्ञानिक ज्‍वालामुखी विस्फोट के असर का विश्लेषण कर रहे हैं। वो पता लगा रहे हैं कि क्‍या यह हमारे ग्रह को गर्म कर सकता है। वैज्ञानिकों की रिसर्च में कुछ चौंकाने वाले अनुमान लगाए गए हैं। 

लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर्स ने कैलकुलेट किया है कि इस ज्‍वालामुखी विस्फोट से भारी मात्रा में राख और ज्वालामुखी गैसों के अलावा वायुमंडल में 5 करोड़ टन (45 मिलियन मीट्रिक टन) जल वाष्प फैल गया। यानी पानी भाप बनकर ऊपर चला गया। इस वाष्पि‍त पानी ने ग्‍लोबल समताप मंडल (global stratosphere) में नमी की मात्रा में करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी की है। एक स्‍टडी के अनुसार इससे समताप मंडल की कूलिंग और सतह के ताप यानी सर्फेस हीटिंग के चक्र में बदलाव आ सकता है और ये असर आने वाले महीनों तक जारी रह सकता है। 

टोंगा ज्‍वालामुखी विस्फोट 13 जनवरी को शुरू हुआ था और दो दिन बाद यह अपने पीक पर पहुंच गया था। स्‍टडीज से पता चलता है कि यह पिछले 140 साल में सबसे बड़ा विस्फोट था। टोंगा की घटना की तुलना 1883 में इंडोनेशिया में हुए क्राकाटाऊ विस्फोट से की गई है। उस उस भयावह घटना में 30 हजार से ज्‍यादा लोग मारे गए थे।

बड़े ज्वालामुखी विस्फोट आमतौर पर सल्फर डाइऑक्साइड को पृथ्वी के वायुमंडल की ऊपरी परतों में धकेल कर ग्रह को ठंडा कर देते हैं। 1991 में फिलीपींस में हुए ज्वालामुखी विस्फोट से निकलने वाले एरोसोल ने ग्‍लोबल टेंपरेचर को कम से कम एक साल के लिए 0.5 डिग्री सेल्सियस कम कर दिया था। 

लेकिन टोंगा ज्‍वालामुखी पानी के नीचे फटा था और इसने समताप मंडल में ‘पर्याप्त मात्रा में पानी' भेजा है। यह पानी पृथ्वी की सतह से लगभग 50 किलोमीटर ऊपर 6 से 20 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। क्‍योंकि वायुमंडलीय जल वाष्प, सौर विकिरण को अवशोषित करता है और इसे गर्मी के रूप में दोबारा उत्सर्जित करता है, इसलिए टोंगा ज्‍वालामुखी विस्‍फोट की वजह से पृथ्वी की सतह के गर्म होने का अनुमान है। यह असर कई वर्षों तक नजर आ सकता है। हाल में एक स्‍टडी में पता चला था कि इस विस्‍फोट ने इतना पानी समताप मंडल में भेज दिया था, जिससे ओलंपिक के आकार के लगभग 60 हजार स्वीमिंग पूल को भरा जा सकता है। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
  2. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  3. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  4. Reliance Jio AI Call Agent: अब फोन पर बात करते हुए होगा खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग! जानें कैसे काम करेगा Jio AI कॉल एजेंट
  5. 80 किमी रेंज वाली Raleigh One इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, रिमूवेबल बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
  6. Tecno Camon Slim जल्द होगा लॉन्च, 5,600mAh हो सकती है बैटरी
  7. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
  8. Reliance AGM 2026: AI एजेंट, AI ऐप्स से AI डेटा सेंटर तक, ये हैं रिलायंस के 10 बड़े ऐलान
  9. iPhone, MacBook जल्द हो सकते हैं महंगे, Apple CEO ने बताई वजह
  10. iQOO Z11i में मिल सकता है Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट, जल्द लॉन्च की तैयारी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »