Wi-fi की रेंज होगी 1 किलोमीटर, कोई भी डिवाइस पर चलाएं इंटरनेट

जहां एक ओर मौजूदा टेक्नोलॉजी बैंडविड्थ के मामले में 2.4Ghz से 5Ghz स्पेक्ट्रम पर काम करती है। वहीं, दूसरी ओर वाई-फाई HaLow टेक्नोलॉजी को 1Ghz से कम स्पेक्ट्रम पर काम करने के लिए विकसित किया जा रहा है।

Wi-fi की रेंज होगी 1 किलोमीटर, कोई भी डिवाइस पर चलाएं इंटरनेट

Wi Fi HaLow टेक्नोलॉजी को 1Ghz से कम स्पेक्ट्रम पर काम करने के लिए विकसित किया जा रहा है

ख़ास बातें
  • Wi-Fi HaLow टेक्नोलॉजी पर हो रहा है जोर-शोर से काम
  • 1 km की वाई-फाई रेंज से लैस होगी यह टेक्नोलॉजी
  • अगले साल कमर्शियल या पब्लिक यूज़ में देखने को मिल सकती है HaLow तकनीक
विज्ञापन
वाई-फाई की दुनिया में नई टेक्नोलॉजी वाई-फाई हैलो (Wi-Fi HaLow) से वाई-फाई के मायने बदल जाएंगे। ऐसा हम नहीं, एक लेटेस्ट रिपोर्ट का कहना है। आज के समय में भारत में आपको कम कीमत में हाई-स्पीड वाई-फाई सर्विस तो मिल रही है, लेकिन रेंज को लेकर अभी भी कई लोग परेशान रहते हैं। Wi-Fi HaLow इस समस्या से निजाद पाने का एक तरीका होगा। यह टेक्नोलॉजी वाई-फाई की रेंज को कुछ मीटर से बढ़ा कर एक किलोमीटर तक करने में सक्षम होगी। आइए इस टेक्नोलॉजी के बारे में जानते हैं। 

Business Insider की रिपोर्ट कहती है कि Wi-Fi Alliance द्वारा विकसित की जा रही Wi-Fi HaLow टेक्नोलॉजी (Wi-Fi Alliance) लोगों की कम रेंज की समस्या को खत्म कर सकती है। जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि Wi-Fi Alliance वाई-फाई टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली कंपनियों का एक ग्रुप है। यह ग्रुप पिछले कई वर्षों से HaLow टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। इस टेक्नोलॉजी से वाई-फाई रेंज को कुछ मीटर से बढ़ा कर लगभग एक किलोमीटर किया जा सकता है।

वाई-फाई HaLow तकनीक को को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर फोकस करते हुए तैयार किया जा रहा है। इसका उपयोग औद्योगिक, स्मार्ट बिल्डिंग व स्मार्ट सिटी के कार्यों को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है। वाई-फाई अलायंस का कहना है कि वाई-फाई हैलो बेहतर और लॉन्ग रेंज वायरलेस कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसकी रेंज लगभग एक किलोमीटर होगी और यह चुनौतीपूर्ण वातावरण जैसे कि मोटी दीवारों के आर-पार या अन्य बाधाओं को बेहद आसानी से भेदने की क्षमता रखता है। बता दें कि वर्तमान में आने वाले कई महंगे राउटर भी मोटी कंक्रीट की दिवारों के पार स्टेबल कनेक्शन देने में अक्षम रहते हैं।

जहां एक ओर मौजूदा टेक्नोलॉजी बैंडविड्थ के मामले में 2.4Ghz से 5Ghz स्पेक्ट्रम पर काम करती है। वहीं, दूसरी ओर वाई-फाई HaLow टेक्नोलॉजी को 1Ghz से कम स्पेक्ट्रम पर काम करने के लिए विकसित किया जा रहा है। यह तकनीक लो फ्रिक्वेंसी (Low Frequency) में भी लंबी दूरी पर डेटा ट्रांसमिट करने की क्षमता रखेगी।

फिलहाल वाई-फाई HaLow टेक्नोलॉजी के सार्वजनिक होने को लकर Wi-Fi Alliance की ओर से कोई स्पष्ट टाइमलाइन सामने नहीं आई है। पिछले कई वर्षों से इसका इंतज़ार हो रहा है। हालांकि वाई-फाई अलायंस ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि इस टेक्नोलॉजी को लेकर 2021 की चौथी तिमाही में डिवाइस सर्टिफिकेशन शुरू किए जाने की उम्मीद है, जिससे उम्मीद की जा सकती है कि हमें यह टेक्नोलॉजी अगले साल कमर्शियल या पब्लिक लेवल पर इस्तेमाल होती नज़र आ जाए।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Wifi Halow, Wi Fi HaLow, Wi Fi Technology
नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. बिना फीस NEET की प्रैक्टिस! Google Gemini पर कर पाएंगे तैयारी, यहां जानें कैसे
  2. Redmi K90 Max आया गीकबेंच पर नजर, जानें फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस
  3. Vivo X300 Ultra, X300 FE की लॉन्च तारीख का खुलासा, जानें सबकुछ
  4. Honor 600, 600 Pro हो रहे 23 अप्रैल को लॉन्च, रेंडर्स और स्पेसिफिकेशंस हुए लीक
  5. Infinix Note 60 Pro vs Realme 16 5G vs Vivo V60e: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  6. LPG के लिए घर बैठे ऑनलाइन कैसे करें ई-केवाईसी, नहीं रुकेगा सिलेंडर
  7. 50MP कैमरा वाले Google Pixel फोन पर 49 हजार रुपये का गजब डिस्काउंट, देखें पूरा ऑफर
  8. Vivo T5 Pro 5G में मिलेगा AMOLED डिस्प्ले, डुअल रियर कैमरा
  9. Ola ने लॉन्च किया इलेक्ट्रिक स्कूटर S1 X+ 5.2 kWh, जानें प्राइस, रेंज
  10. ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, 45 दिनों से ऑनलाइन कनेक्टिविटी से दूर 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »