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भारत में पहली हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली कार Toyota Mirai लॉन्च, देगी 600 km की रेंज

Toyota Mirai भारत की पहली FCEV (फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल) कार है। केंद्रिय मंत्री ने देश के इस पहले FCEV का अनावरण किया और एक नए रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की भी घोषणा की।

भारत में पहली हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली कार Toyota Mirai लॉन्च, देगी 600 km की रेंज

Toyota Mirai हाईड्रोजन फ्यूल पर चलती है और इसे साल 2016 में लॉन्च किया गया था

ख़ास बातें
  • फुल टैंक में 600 km से ज्यादा दौड़ सकती है Toyota Mirai
  • नितिन गडकरी ने एक नए रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की घोषणा भी की
  • यह टीम हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर आधारित गाड़ियों की जांच और विश्लेषण करेगी
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जहां एक ओर पेट्रोल और डीज़ल को पर्यावरण के अनुकूल न समझते हुए दुनिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कई स्टडी यह साबित करने में लगी है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भी पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी को सपोर्ट नहीं करते हैं। ऐसे में वाहन निर्माता टोयोटा (Toyota) ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली कार को विकसित किया है, जो न केवल लंबी रेंज देगी, बल्कि इसे पर्यावरण के लिए भी अच्छा बताया जा रहा है। Toyota Mirai नाम की इस कार को अब भारत लाया गया है, जिसे खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पेश किया है।

Toyota Mirai भारत की पहली FCEV (फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल) कार है। केंद्रिय मंत्री ने देश के इस पहले FCEV का अनावरण किया और एक नए रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की भी घोषणा की। यह टीम भारत में हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर आधारित गाड़ियों की जांच और विश्लेषण करने की कोशिश करेगी। इस पायलट प्रोजेक्ट को इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) के साथ मिलकर चलाया जाएगा।
 

Mirai को लेकर Toyota का दावा है कि यह कार फुल टैंक के साथ 650 km की रेंज निकाल सकती है। बताया गया है कि यह कार पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल है और इसमें पानी के अलावा कोई और उत्सर्जन नहीं होता। इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ सबसे बड़ी समस्या लंबा चार्जिंग समय है, लेकिन Mirai इस समस्या को खत्म कर देती है, क्योंकि इसमें हाइड्रोजन रिफिल में ज्यादा समय नहीं लगता है।

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी रोशनी डाली कि कई रिन्यूएबल सोर्स और भरपूर मात्रा में उपलब्ध बायोमास के जरिए भारत में हाइड्रोजन को स्थायी रूप से कैसे प्राप्त किया जा सकता है। निश्चित रूप से हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित परिवहन सिस्टम कई फायदे लाता है और भविष्य के लो-कार्बन एनर्जी के लिए बड़ा रास्ता खोलने में मददगार साबित होगा। भारत सरकार भी सड़क परिवहन सहित कई क्षेत्रों को कार्बन फ्री करने के अवसरों को तलाश रही है।
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नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
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