Tata Motors ने नवंबर में जमकर बेची गाड़ी, बिक्री में आया 21% का उछाल
टाटा मोटर्स ने अपने MCV और HCV सेगमेंट में CNG टेक्नोलॉजी पेश की है। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स Tata Intra और Yodha सीरीज को भी अपडेट मिला है।
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Written by साजन चौहान,
अपडेटेड: 2 दिसंबर 2022 14:48 IST
ख़ास बातें
Tata Motors ने ओवरऑल सेल्स ग्रोथ में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।
कंपनी ने नवंबर 2022 में 75,478 यूनिट्स की बिक्री की है।
टाटा भारत में लीडिंग पैसेंजर व्हीकल मैन्युफेक्चरर्स में से एक है।
Photo Credit: Tata Motors
देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने हाल ही में ओवरऑल सेल्स ग्रोथ में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई है। कंपनी ने नवंबर 2022 में 75,478 यूनिट्स की बिक्री की है। कंपनी ने कुल घरेलू सेल में पिछले महीने 73,467 यूनिट्स की बिक्री की थी। वहीं, नवंबर 2021 में 58,073 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इसी साल दर साल 27 प्रतिशत की वृद्धि मिली। कमर्शियल व्हीकल्स की बात करें तो टाटा ने साल दर साल 10% का घाटा देखा है।
पिछले महीने 29,053 यूनिट्स की बिक्री हुई और नवंबर 2021 में 32,245 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। पैसेंजर व्हीकल सेल्स की बात करें तो कंपनी ने 46,425 यूनिट्स के साथ 55 प्रतिशत की साल दर साल की वृद्धि दर्ज की है। नवम्बर 2022 में 46,425 यूनिट्स और नवम्बर 2021 में 29,947 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। नवम्बर 2022 में एक्सपोर्ट्स 388 यूनिट्स पर रहा। कंपनी ने साल दर साल 130% की वृद्धि दर्ज की। वहीं, नवम्बर 2021 में 169 यूनिट्स से ज्यादा की बिक्री हुई थी।
टाटा भारत में लीडिंग पैसेंजर व्हीकल मैन्युफेक्चरर्स में से एक है। पिछले महीने, इसकी EV सेल्स 4,451 यूनिट्स पर रही। नवम्बर 2021 में 1,811 यूनिट्स की बिक्री हुई। कंपनी ने साल दर साल 146% की वृद्धि देखी। मीडियम और हैवी कमर्शियल व्हीकल्स की बात करें तो टाटा मोटर्स न साल दर साल 42% की ग्रोथ देखी। इस समय में 8,879-यूनिट की सेल्स हुई। नवंबर 2022 में लाइट और इंटरमीडिएट कमर्शियल व्हीकल्स सेल्स में 3,462 यूनिट्स की बिक्री हुई। कंपनी ने इसमें साल दर साल 32% की घटौती देखी।
हाल ही में, टाटा मोटर्स ने अपने MCV और HCV सेगमेंट में CNG टेक्नोलॉजी पेश की है। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स Tata Intra और Yodha सीरीज को भी अपडेट मिला है। घरेलू मार्किट में, SCV और पिकअप ट्रक सेल्स 13,048 व्हीकल्स पर रही। इसमें साल दर साल 17% का घाटा देखा गया।