मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!

Starlink को भारत में D2D कनेक्टिविटी जैसी एडवांस सैटेलाइट सर्विस के लिए नया अप्रूवल लेना पड़ सकता है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 27 जनवरी 2026 14:57 IST
ख़ास बातें
  • Starlink को D2D फीचर के लिए नया अप्रूवल लेना पड़ सकता है
  • भारत में फिलहाल सिर्फ Gen 1 सैटेलाइट ब्रॉडबैंड को मंजूरी
  • D2D कनेक्टिविटी के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क अभी तैयार नहीं

भारत में फिलहाल सिर्फ Gen 1 सैटेलाइट ब्रॉडबैंड को मंजूरी

Photo Credit: SpaceX

Startlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजीज पेश करने के लिए एक बार फिर रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) कनेक्टिविटी जैसे नए फीचर्स के लिए भारतीय अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe के पास अलग से आवेदन करना पड़ेगा। फिलहाल Starlink को भारत में सिर्फ अपने बेसिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए ही मंजूरी मिली है, जिसके अब जल्द शुरू होने के आसार है, लेकिन ये सर्विस D2D से काफी अलग है।

ET की रिपोर्ट के अनुसार, Starlink ने भारत में सर्विस शुरू करने के लिए अपने Gen 1 और Gen 2 दोनों सैटेलाइट कंस्टीलेशन्स के लिए आवेदन किया था। हालांकि, IN-SPACe ने केवल Gen 1 कंस्टीलेशन को अप्रूव किया है, जिसके तहत कंपनी अपने 4,408 लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स के जरिए पारंपरिक ब्रॉडबैंड सर्विस दे सकती है। Gen 2 कंस्टीलेशन को मंजूरी इसलिए नहीं मिली क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले कुछ फीचर्स और फ्रीक्वेंसी बैंड भारत में फिलहाल अनुमति के दायरे में नहीं आते।

ET से बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जब Starlink ने पहली बार भारत में आवेदन किया था, उस समय D2D कनेक्टिविटी जैसी टेक्नोलॉजी प्रचलन में नहीं थी। Gen 2 कंस्टीलेशन में D2D समेत कई नए फीचर्स शामिल हैं, जिन्हें लेकर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क अभी तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि अगर Starlink दोबारा आवेदन करता है, तो इन फीचर्स का मूल्यांकन मौजूदा रूल्स और पॉलिसी के हिसाब से किया जाएगा।

क्या होता है D2D?

D2D यानी Direct-to-Device एक ऐसी सैटेलाइट कनेक्टिविटी टेक्नोलॉजी है, जिसमें मोबाइल फोन या अन्य डिवाइस सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट हो जाते हैं, बिना किसी मोबाइल टावर या ग्राउंड नेटवर्क के। इसका मतलब है कि जहां सेलुलर नेटवर्क नहीं पहुंचता, जैसे दूरदराज इलाके, पहाड़ या समुद्र, वहां भी कॉल, मैसेज या डेटा सर्विस मिल सकती है। D2D में आमतौर पर वही स्मार्टफोन काम करते हैं, जिनमें कोई अलग सैटेलाइट हार्डवेयर नहीं होता, बल्कि सॉफ्टवेयर और स्पेक्ट्रम सपोर्ट के जरिए सैटेलाइट से डायरेक्ट कनेक्शन बनाया जाता है।

भारत में D2D सर्विस पर क्यों है रोक?

फिलहाल भारत में D2D कनेक्टिविटी की अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए कोई स्पष्ट रेगुलेटरी स्ट्रक्चर मौजूद नहीं है। समान रिपोर्ट में बताया गया है कि दूरसंचार विभाग (DoT) इस टेक्नोलॉजी को लेकर अगले कदमों पर विचार कर रहा है और इस मामले को TRAI के पास भेजे जाने की संभावना है। इसके अलावा, D2D सर्विस के लिए इस्तेमाल होने वाले स्पेक्ट्रम बैंड्स को लेकर भी चर्चा चल रही है, जिसमें हैंडसेट मेकर्स, OS प्रोवाइडर्स और सैटकॉम कंपनियां शामिल हैं।

टेलीकॉम कंपनियों की चिंता

भारतीय टेलीकॉम कंपनियां लंबे समय से D2D सर्विस को अपने बिजनेस के लिए संभावित खतरे के तौर पर देखती रही हैं। उनका कहना है कि अगर सैटेलाइट कंपनियों को सीधे मोबाइल कनेक्टिविटी देने की इजाजत मिलती है, तो उन्हें भी वही नियम और शर्तें माननी चाहिए जो टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर लागू होती हैं।

रिपोर्ट बताती है कि भारत में Starlink के एडवांस फीचर्स का रास्ता फिलहाल रेगुलेटरी फैसलों पर टिका है और आने वाले समय में सरकार इस टेक्नोलॉजी को लेकर किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर पूरी इंडस्ट्री की नजर बनी हुई है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
  2. Tecno Pova 8 vs Realme 16T 5G vs OnePlus Nord CE 6: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  3. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  4. Oppo Reno 16c जल्द होगा भारत में लॉन्च! 50MP कैमरा के साथ ऐसे होंगे फीचर्स, जानें सबकुछ
  5. FIFA World Cup 2026 LIVE: भारत में कहां देख सकेंगे मैच? फ्री स्ट्रीमिंग का ऑप्शन भी मिलेगा
#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
  2. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  3. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  4. Reliance Jio AI Call Agent: अब फोन पर बात करते हुए होगा खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग! जानें कैसे काम करेगा Jio AI कॉल एजेंट
  5. 80 किमी रेंज वाली Raleigh One इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, रिमूवेबल बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
  6. Tecno Camon Slim जल्द होगा लॉन्च, 5,600mAh हो सकती है बैटरी
  7. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
  8. Reliance AGM 2026: AI एजेंट, AI ऐप्स से AI डेटा सेंटर तक, ये हैं रिलायंस के 10 बड़े ऐलान
  9. iPhone, MacBook जल्द हो सकते हैं महंगे, Apple CEO ने बताई वजह
  10. iQOO Z11i में मिल सकता है Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट, जल्द लॉन्च की तैयारी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.