• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • F1 बेस्ड सेल्फ ड्राइविंग रेस कार Minerva ने रचा इतिहास, बिना ड्राइवर के जीती रेस

F1 बेस्ड सेल्फ-ड्राइविंग रेस कार Minerva ने रचा इतिहास, बिना ड्राइवर के जीती रेस

रेस का आयोजन का मुख्य कारण दुनिया भर के छात्रों की टीमों को सेल्फ-ड्राइविंग व्हीकल्स की क्षमताओं को सभी के सामने पेश करने का मौका देना था।

F1 बेस्ड सेल्फ-ड्राइविंग रेस कार Minerva ने रचा इतिहास, बिना ड्राइवर के जीती रेस

Minerva ने सेल्फ-ड्राइविंग के जरिए 185 kmph की टॉप स्पीड हासिल की है

ख़ास बातें
  • AI सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी से लैस F1 पर बेस्ड रेस कार है Minerva
  • इटालियन अमेरिकी टीम PoliMOVE टीम ने की है विकसित
  • रेस के दौरान Minerva को Kaist नाम की टीम की कार ने दी थी कड़ी टक्कर
विज्ञापन
Tesla के बाद वर्तमान में कई कंपनियां हैं, जो सेल्फ-ड्राइविंग या ऑटोनोमस ड्राइविंग सिस्टम पर काम कर रही हैं। अभी तक आपने इस तरह की टेक्नोलॉजी पर्सनल या कमर्शियल व्हीकल में देखी होगी। हालांकि, CES 2022 में एक कंपनी ने सेल्फ-ड्राइविंग रेस कार दिखाई है। इटालियन अमेरिकी टीम PoliMOVE ने फॉर्मूला वन (F1) कार पर आधारित एक सेल्फ-ड्राइविंग रेस कार विकसित की है, जिसका नाम Minerva रखा गया है। यह रेस कार CES 2022 में इवेंट के दौरान कथित तौर पर 185 kmph (किलोमीटर प्रति घंटा) की रफ्तार से दौड़ती नज़र आई है।

फ्रांसीसी न्यूज़ एजेंसी (Via HT Auto) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Minerva रेस कार ने सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इस स्पीड को हासिल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। इस सेल्फ-ड्राइविंग रेस कार को इवेंट के दौरान अन्य सेल्फ-ड्राइविंग व्हीकल (Self driving vehicles) के साथ दौड़ाया गया था, जिसमें इसने करीब 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेल्फ ड्राइविंग कार को Kaist नाम की दक्षिण कोरियाई टीम ने कड़ी टक्कर दी थी।

रेस का आयोजन का मुख्य कारण दुनिया भर के छात्रों की टीमों को सेल्फ-ड्राइविंग व्हीकल्स की क्षमताओं को सभी के सामने पेश करने का मौका देना था। इसने यह साबित कर दिया है कि इंसान ऑटोनोमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी के शुरुआती चरण को पूरा करने के काफी करीब है। जहां एक ओर यह टेक्नोलॉजी निजी वाहनों में सफलतापूर्वक काम कर रही है। वहीं, दूसरी ओर इसे रेस कार में शामिल कर दिया गया है।

रिपोर्ट आगे बताती है कि इंडी ऑटोनॉमस चैलेंज (IAC) के सह-आयोजक पॉल मिशेल (Paul Mitchell) ने कहा कि 'यह एक सफलता थी।' इसमें कोई शक नहीं है कि इस साल CES ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के लिए अच्छा प्लेटफार्म साबित हुआ है। इस साल कई कंपनियों और स्टार्टअप्स ने इवेंट के दौरान अपने वाहनों में एडवांस ऑटोनोमस असिस्टेंस सिस्टम की पेशकश की।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Moltbook: 14 लाख AI एजेंट मिलकर उड़ा रहे इंसानों का मज़ाक, AI की इस दुनिया में इंसानों की 'नो एंट्री!'
  2. 7000mAh बैटरी के साथ Huawei Nova 14i का ग्लोबल लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  3. IKEA लाई 'चूहा' ब्लूटूथ स्पीकर, एक बार चार्ज में 24 घंटे तक बजाएं, बच्चों को भी लुभाएगा
  4. Oppo Reno 15 Pro को Rs 7500 सस्ता खरीदने का मौका, 200MP का है कैमरा
  5. Samsung Galaxy S26 होगा iPhone Air से भी हल्का! 50MP कैमरा के साथ डिजाइन लीक
  6. सस्ते मोबाइल भूल जाओ! नए स्मार्टफोन की औसत कीमत Rs 37 हजार के पार
  7. Xiaomi ने 34 इंच बड़ा, 180Hz कर्व डिस्प्ले गेमिंग मॉनिटर किया लॉन्च, जानें कीमत
  8. Samsung Galaxy S26 Ultra की पहली झलक! डिजाइन, कलर्स समेत खास फीचर्स का खुलासा
  9. 100 फीट बड़े 4 एस्टरॉयड धरती से टकराने वाले हैं? जानें NASA का अलर्ट
  10. स्मार्टबैंड बैन किए तो स्मार्ट अंडरवियर बना दिए! Whoop कंपनी का टेनिस खिलाड़ियों के लिए अनोखा कदम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »