क्या है प्रधानमंत्री मोदी का खास प्रोजेक्ट DIGILocker और यह कैसे करेगा काम?

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NDTV Correspondent, अपडेटेड: 13 अप्रैल 2016 17:45 IST
ऐसा अक्सर होता है कि किसी काम के लिए आपको अपना पासपोर्ट चाहिए, पर वो मिलता नहीं। भले ही आपने सरकारी कागजात या फिर किसी अर्जेंट डॉक्यूमेंट को रखने के लिए घर में जगह तय कर रखी है, पर आप बार-बार उसे वहां रखना भूल जाते हैं।
 
कभी सोचा है कि आपके पास कितने सरकारी डॉक्यूमेंट हैं? सामान्य तौर पर बटुए में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और पैन कार्ड होता है व घर में पासपोर्ट। इसके अलावा इनकम टैक्स रिटर्न के पेपर, प्रॉपर्टी टैक्स की रिसिप्ट और स्कूल एवं कॉलेज के एजुकेशनल सर्टिफिकेट, इन सारे डॉक्यूमेंट को किसी सुरक्षित जगह पर रखा जाता है ताकि जरूरत के वक्त पर आसानी से मिल सकें।
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देखा जाए तो ऐसे डॉक्यूमेंट की संख्या बहुत ज्यादा है और इन्हें मैनेज करना आसान नहीं, शायद इसका एहसास सरकार को भी हो। डिजिटल इंडिया सप्ताह की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर डिजिटल लॉकर सर्विस डिजिलॉकर( DIGILocker) को लॉन्च किया, वैसे इसका सॉफ्ट लॉन्च पहले हो चुका है।
 
आखिर डिजिलॉकर (DIGILocker) है क्या? यह एक वेबसाइट है, जहां पर आप अपने सारे सरकारी डॉक्यूमेंट को स्टोर कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने आधार कार्ड (नंबर) की जरूरत पड़ेगी। वैसे आधिकारिक तौर पर तो यह नहीं कहा गया, पर हमें तो यह सभी सरकारी डॉक्यूमेंट को आधार कार्ड के संरक्षण में लाने की एक कोशिश नजर आती है। नतीजतन आने वाले समय में आधार कार्ड होना और भी जरूरी हो जाएगा।
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वेबसाइट पर रजिस्टर करने के लिए आधार नंबर डालना होगा। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक एसएमएस आएगा, फिर वन टाइम पासवर्ड डालकर ही आप पहली बार DIGILocker वेबसाइट को एक्सेस कर पाएंगे। वैसे आप तुरंत ही नया पासवर्ड बना सकते हैं या फिर DIGILocker को अपने गूगल (Google) या फेसबुक (Facebook) लॉगइन से लिंक कर सकते हैं।
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साइन अप करने के बाद आप अपने सभी सरकारी डॉक्यूमेंट को DIGILocker पर अपलोड कर सकते हैं। फिलहाल, इस लॉकर में 10एमबी की स्टोरेज है, पर आप सरकारी डॉक्यूमेंट के यूनिफॉर्म रिसोर्स आईडेंटिफायर्स Uniform Resource Identifiers (URIs) को DIGILocker का इस्तेमाल करके सेव कर सकते हैं।


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इसका मकसद हर डॉक्यूमेंट को साथ में रखने की जरूरतों से निजात दिलाना है। अगर आपका जन्म प्रमाणपत्र और शिक्षा प्रमाणपत्र ऑनलाइन मौजूद है और आप पासपोर्ट के लिए अर्जी देते हैं, तो पासपोर्ट ऑफिस आपके आधार नंबर का इस्तेमाल करके DIGILocker से आपके बारे में ज्यादा जानकारी मांग सकता है। फायदा यह होगा कि आपको एप्लिकेशन जमा करवाने वक्त डॉक्यूमेंट की फाइल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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आने वाले समय में ऐसा भी हो सकता है कि RTO आपका ड्राइविंग लाइसेंस आधार कार्ड की मदद से सीधे आपके DIGILocker पर भेज दे। ऐसे में अगर आपको अपने लाइसेंस को किसी एजेंसी के पास वेरिफिकेशन के लिए भेजना है, तो आपके पास प्रमाणित ऑनलाइन वर्जन हमेशा उपलब्ध रहेगा।
 
DIGILocker में ई सिग्नेचर फीचर भी है। हालांकि, इसे बाद में लॉन्च किया जाएगा। डिजिटल सिग्नेचर और सरकारी कागजात को ऑनलाइन स्टोर करके सरकार लोगों को इंटरनेट के जरिए सरकारी सेवाओं की सुविधा उठाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।
 
आज की तारीख में किसी भी सरकारी काम को पूरा करने के लिए आपको पहचानपत्र की जरूरत पड़ती है और इसके लिए सरकारी दफ्तर भी जाना जरूरी है। शायद ही कोई सरकारी विभाग है, जो आपको अपने डॉक्यूमेंट की कॉपी मेल करने की इजाजत देता हो, वैसे सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करना तर्कसंगत भी नजर आता है। लेकिन DIGILocker प्रमाणिकता से साथ आपके डॉक्यूमेंट को स्टोर करेगा और इसे अन्य विभागों के साथ साझा करना भी आसान हो जाएगा।
 
अब निजी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। वैसे तो DIGILocker वेबसाइट के मुख्य हिस्सों में HTTPS का इस्तेमाल करके सही कदम उठाया गया है (इसी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके बैंक आपके कंप्यूटर और अपने सर्वर के बीच सिक्योर कम्युनिकेशन बनाता है)। सवाल यह है कि इसका बैकएंड कितना सुरक्षित है। एक बात के लिए आप आश्वस्त रहें कि इस ऑनलाइन स्टोरेज हब पर देश और विदेश के हैकरों की बुरी नजर तो रहेगी ही।
 
फिलहाल, DIGILocker के ज्यादा फायदे नजर नहीं आते। हालांकि, हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, यह प्रोजेक्ट उस ओर इशारा जरूर करता है। कुछ लोगों को डर है कि इतने सारे डेटा के एक जगह होने से गलत इस्तेमाल का खतरा ज्यादा है और उनका मानना है कि किसी एक डॉक्यूमेंट में मामूली सी गलती पहले की तुलना में ज्यादा बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। पर हम इस बात को भी नहीं नकार सकते कि सभी अहम डॉक्यूमेंट को इंटरनेट पर एक जगह पर स्टोर कर पाना और जरूरत के वक्त पर आसानी से शेयर कर पाने की सुविधा हमारे लिए राहत ही लेकर आएगी।
 
डिजिटल लॉकर को एक्सेस करने के लिए DIGILocker की वेबसाइट पर जाएं। आप अपने आधार कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करके फ्री साइन अप कर सकते हैं।
 

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