Google पर आरोप, यूजर्स के लोकेशन डेटा पर नजर रखकर कमा रही मुनाफा

इस मामले में तीन अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने Google के खिलाफ केस दायर किया गया है।

Google पर आरोप, यूजर्स के लोकेशन डेटा पर नजर रखकर कमा रही मुनाफा

Google ने कहा है कि अधिकारियों के दावे गलत और उसकी सेटिंग से जुड़े पुराने दावों पर आधारित थे।

ख़ास बातें
  • आरोप है कि Google अपने यूजर्स की डिटेल प्रोफाइल बनाती है
  • जुटाए गए डेटा के साथ ज्‍यादा टारगेटेड विज्ञापन बेचती है
  • कहा गया है कि Google ने कंस्‍यूमर्स को झूठा भरोसा दिलाया है
विज्ञापन
अमेरिका के शीर्ष न्याय अधिकारियों के एक ग्रुप ने Google पर यूजर्स के लोकेशन डेटा पर नजर रखने और प्रॉफ‍िट कमाने का आरोप लगाया है। तर्क दिया गया है कि Google डिटेल प्रोफाइल बनाती है और अपने अरबों यूजर्स से जुटाए गए डेटा के साथ ज्‍यादा टारगेटेड विज्ञापन बेचती है। यूजर की लोकेशन इसमें एक अहम हिस्‍सा होती है। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन में अटॉर्नी जनरल कार्ल रैसीन ने कहा कि Google ने कंस्‍यूमर्स को यह झूठा भरोसा दिलाया है कि उनके अकाउंट और डिवाइस की सेटिंग बदलने से कस्‍टमर अपनी प्राइवेसी को प्रोटेक्‍ट कर सकेंगे। इस मामले में तीन अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने Google के खिलाफ केस दायर किया गया है।

Google ने कहा है कि अधिकारियों के दावे गलत थे और उसकी सेटिंग से जुड़े पुराने दावों पर आधारित थे। एक बयान में Google ने कहा कि हमने हमेशा अपने प्रोडक्‍ट्स में प्राइवेसी फीचर्स जोड़े हैं। लोकेशन डेटा के लिए मजबूत कंट्रोल दिया है। हम सख्ती से अपना बचाव करेंगे। 

अटॉर्नी जनरल रैसीन ने तर्क दिया कि 2014 से 2019 तक Google ने दावा किया कि यूजर्स अपनी "लोकेशन  हिस्‍ट्री" सेटिंग को बंद कर सकते हैं और ‘यूजर जिन जगहों पर जाते हैं, उन्‍हें स्‍टोर नहीं किया जाता है।' रैसीन ने  कहा कि यह गलत है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि लोकेशन हिस्‍ट्री बंद होने पर भी Google अपने यूजर्स की लोकेशन कलेक्‍ट और स्‍टोर करती है। 

अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि टेक दिग्‍गज कंपनी गूगल ने ‘डार्क पैटर्न' या डिजाइन ट्रिक्स का इस्तेमाल किया है। इसका मकसद यूजर्स की पसंद को प्रभावित करना है, ताकि कंपनी को फायदा पहुंच सके। 

रैसीन के ऑफ‍िस ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ ऐप्स में लोकेशन देने के लिए यूजर्स को बार-बार प्रेरित किया गया। दावा किया गया कि इससे प्रोडक्‍ट ठीक से काम करेगा, जबकि हकीकत में उस ऐप के लिए लोकेशन देने की जरूरत नहीं थी। 

इंडियाना की अटॉर्नी जनरल टॉड रोकिता ने एक बयान में कहा कि लिमिटेड मात्रा में लोकेशन डेटा से भी किसी शख्‍स की पहचान और रूटीन का पता चल सकता है। उन्होंने कहा कि इस जानकारी का इस्‍तेमाल यूजर के राजनीतिक या धार्मिक विश्वासों के बारे में जानने, इनकम, हेल्‍थ और अन्‍य सेंसटिव पर्सनल डिटेल्‍स का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 33 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Vivo का 64MP कैमरा वाला फोल्डेबल फोन
  2. 600 लीटर क्षमता वाला Mijia Refrigerator Pro Cross किया Xiaomi ने लॉन्च, 10 साल की वारंटी! जानें कीमत
  3. Motorola Edge 70 Pro vs OnePlus Nord 6 vs Vivo V70 FE: 40K में कौन सा फोन है बेस्ट?
  4. Xiaomi ने नया कॉर्डलैस वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 2600mAh बैटरी के साथ 75 मिनट लगातार क्लीनिंग, जानें कीमत
  5. Apple के आगामी iPhones में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का कैमरा 
  6. गेमिंग के लिए लॉन्च हुआ Redmi K Pad 2 टैबलेट, इसमें है 3K डिस्प्ले, 9100mAh बैटरी और कूलिंग सिस्टम
  7. Vivo Y600 Pro में होगी सबसे बड़ी 10,200mAh की बैटरी, 27 अप्रैल को है लॉन्च, जानें सबकुछ
  8. Honor 600, Honor 600 Pro हुए लॉन्च, 7000mAh बैटरी, 200MP कैमरा
  9. 700W पावर और वायरलेस सेटअप! boAt ने भारत में लॉन्च किया Aavante Prime X साउंड सिस्टम
  10. Google Pixel का अप्रैल अपडेट बना सिरदर्द, यूजर्स बोले - 'फोन कुछ घंटों में हो रहा डाउन'
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »