EPFO 2.01 पोर्टल रोलआउट होना शुरू हो गया है। नए सिस्टम में ऑटो PF ट्रांसफर, यूनिफाइड पोर्टल, 5 लाख रुपये तक ऑटो क्लेम सेटलमेंट और कई नई सुविधाएं मिलेंगी।
Photo Credit: EPFO
EPFO 2.01 पोर्टल में PF और पेंशन सेवाओं के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए
Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 2.01 को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। हाल ही में मेंटेनेंस के लिए वेबसाइट कुछ समय तक बंद रहने के बाद अब नया सिस्टम धीरे-धीरे लाइव हो रहा है। सरकार का कहना है कि इस अपग्रेड का उद्देश्य EPFO की सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज, आसान और ऑटोमेटेड बनाना है। हालांकि, फिलहाल यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह तैयार नहीं है और आने वाले दिनों में इसमें बाकी फीचर्स भी जोड़े जाएंगे।
EPFO 2.01 को Centralised IT Enabled Services (CITES) प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। इसके जरिए 34 करोड़ से ज्यादा EPF अकाउंट्स से जुड़े रिकॉर्ड, क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन सेवाओं को एक ही सिस्टम पर लाया जा रहा है। इसी प्लेटफॉर्म के जरिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित 8.25% ब्याज भी प्रोसेस किया जा रहा है। EPFO का कहना है कि करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज अगले कुछ हफ्तों में खातों में जमा किया जाएगा और फील्ड वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद 15 जुलाई के आसपास पासबुक में यह राशि दिखाई दे सकती है।
EPFO 2.01 की सबसे बड़ी खासियत इसका सिंगल नेशनल डेटाबेस है। पहले EPFO के अलग-अलग रीजनल ऑफिस अपने-अपने डेटाबेस पर काम करते थे, लेकिन अब पूरे देश के रिकॉर्ड को एकीकृत कर दिया गया है।
सरकार के मुताबिक, 120 से ज्यादा अलग-अलग डेटाबेस से करीब 34 करोड़ सदस्य अकाउंट्स को एक केंद्रीय सिस्टम में माइग्रेट किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि कर्मचारी को किसी पुराने रीजनल ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अगर किसी कर्मचारी ने एक राज्य में नौकरी की और बाद में दूसरे राज्य में शिफ्ट हो गया, तो वह वहीं के EPFO ऑफिस से अपनी सर्विसेज का बेनिफिट ले सकेगा।
EPFO 2.01 में एक नया यूनिफाइड मेंबर पोर्टल मिलेगा, जहां PF बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सदस्यता विवरण, पेंशन रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। पहले अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग सेक्शन या प्रोसेस अपनाना पड़ता था, लेकिन अब इन्हें एक प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।
नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। अगर आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) Aadhaar से लिंक है, तो नई नौकरी जॉइन करने पर PF ट्रांसफर का प्रोसेस काफी हद तक ऑटोमेटिक हो जाएगा।
इससे अलग से ट्रांसफर रिक्वेस्ट देने या पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी का इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है। कर्मचारी की सर्विस हिस्ट्री भी उसी अकाउंट के साथ आगे बढ़ेगी।
EPFO 2.01 में क्लेम सबमिट होने से पहले सिस्टम खुद जरूरी जानकारी की जांच करेगा। अगर किसी डॉक्यूमेंट या जानकारी में कमी होगी, तो उसकी सूचना SMS या पोर्टल के जरिए पहले ही दे दी जाएगी।
इसके अलावा, सिस्टम यह भी बताएगा कि अलग-अलग कैटेगरी में अधिकतम कितनी राशि निकाली जा सकती है। इससे तय सीमा से ज्यादा क्लेम करने की गलती कम होगी और पहली बार में क्लेम मंजूर होने की संभावना बढ़ सकती है।
EPFO ने ऑटो सेटलमेंट की सीमा भी बढ़ा दी है। पहले KYC वेरिफाइड एडवांस क्लेम के लिए 1 लाख रुपये तक की राशि ऑटो सेटल होती थी। अब यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इससे पात्र सदस्यों के क्लेम पहले की तुलना में तेजी से प्रोसेस हो सकेंगे।
नया सिस्टम केवल EPF सदस्यों तक सीमित नहीं रहेगा। EPS पेंशनर्स भी देश के किसी भी EPFO कार्यालय से सेवाएं ले सकेंगे। इसके अलावा, सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) के जरिए पेंशन किसी भी बैंक अकाउंट में जमा कराई जा सकेगी।
हालांकि EPFO 2.01 लाइव हो चुका है, लेकिन फिलहाल इसके सभी फीचर्स उपलब्ध नहीं हैं। आने वाले दिनों और हफ्तों में बाकी सुविधाएं भी धीरे-धीरे जोड़ी जाएंगी। EPFO के अनुसार, अगले वित्त वर्ष से ब्याज क्रेडिट की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड करने की योजना है। वहीं CITES प्रोजेक्ट पूरी तरह लागू होने के बाद UPI के जरिए PF निकासी जैसी सुविधा भी शुरू की जाएगी। फिलहाल यूजर्स को वेबसाइट पर सीमित फीचर्स ही दिखाई देंगे, जबकि बाकी अपडेट चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे।
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