Elon Musk ने कहा, लेबर की कमी को दूर कर सकता है Tesla Bot

मस्क ने दावा किया है कि इस वर्ष की शुरुआत में पेश किए गए Tesla Bot से लेबर की कमी से जुड़ी समस्या का समाधान हो सकता है

विज्ञापन
आकाश आनंद, अपडेटेड: 8 दिसंबर 2021 17:50 IST
ख़ास बातें
  • Tesla ने इस Bot के लिए हायरिंग शुरू कर दी है
  • Tesla Bot में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताएं होंगी
  • यह दोहराए जाने वाले कार्यों को कर सकेगा

इसका डिजाइन मैनुअल तौर पर किए जाने वाले असुरक्षित और दोहराए जाने वाले कार्यों को करने के लिए बनाया गया है

अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार मेकर Tesla के हेड, Elon Musk ने एक बार बड़ा बयान दिया है। इससे उन लोगों को झटका लग सकता है जिनका मानना है कि ऑटोमेशन और AI जैसी टेक्नोलॉजीज से बहुत से नौकरियां कम हो सकती हैं। मस्क ने दावा किया है कि इस वर्ष की शुरुआत में पेश किए गए Tesla Bot से लेबर की कमी से जुड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस Tesla Bot में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमताएं होंगी। यह दोहराए जाने वाले कार्यों को कर सकेगा।

Carandbike की रिपोर्ट के अनुसार, Tesla ने इस Bot के लिए हायरिंग शुरू कर दी है। इसका डिजाइन मैनुअल तौर पर किए जाने वाले असुरक्षित और दोहराए जाने वाले कार्यों को करने के लिए बनाया गया है। मस्क ने कहा, "मेरा मानना है कि ऑटोपायलट और फुल सेल्फ-ड्राइविंग के साथ हम वास्तविक दुनिया में नेविगेशन के लिए सबसे एडवांस्ड AI डिवेलप कर रहे हैं। आप Tesla को दुनिया की सबसे बड़ी रोबोट कंपनी भी मान सकते हैं। कार चार पहियों पर एक रोबोट की तरह है। हम शायद इसी टेक्नोलॉजी को मानव की तरह काम करने वाले रोबोट में भी लाएंगे। हमें कुछ एक्युटेटर्स और सेंसर्स को डिवेलप करने की जरूरत है।"
Advertisement

मस्क ने कहा कि वह नहीं जानते कि यह काम कब तक पूरा होगा लेकिन इसे सही तरीके से किया जाएगा। उनका मानना है कि यह लेबर की कमी से जुड़ी समस्या का एक वास्तविक समाधान हो सकता है। बहुत से देशों में पहले ही जनसंख्या में वृद्धि कम हो रही है। इन देशों में जापान और चीन प्रमुख हैं। इस वजह से लेबर की कमी एक बड़ी समस्या बन सकती है। मस्क मे कहा, "इसमें समय के साथ मानवीय लेबर का एक सामान्य विकल्प बनने की क्षमता है। इकोनॉमी का आधार लेबर होती है।"

बहुत से रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स ने Tesla के Bot प्रोजेक्ट को लेकर आशंका जताई है। इसका बड़ा कारण Boston Dynamics जैसी रोबोटिक्स सेगमेंट की बड़ी कंपनियों का अपनी टेक्नोलॉजी को कमर्शियल तौर पर सफल करने में नाकाम होना है। इस तरह की टेक्नोलॉजी को वर्षों से डिवेलप किया जा रहा है लेकिन इसे पूरी तरह सटीक बनाने में ये कंपनियां असफल रही हैं। रोबोट्स की मदद से ऑटोमोबाइल जैसे कुछ सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सामान्य कार्य किए जा रहे हैं लेकिन जटिल कार्यों को करने के लिए इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Tesla, Elon Mask, BOT, automation

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 200MP कैमरा और 7800mAh बैटरी वाली Vivo X500 Series की प्री-बुकिंग शुरू, 25 नवंबर को लॉन्च!
  2. Samsung Galaxy A56 5G पर भारी डिस्काउंट! ₹31 हजार से कम में खरीदने का मौका
#ताज़ा ख़बरें
  1. Zomato से अब 40KM दूर के रेस्टोरेंट से भी मंगा सकेंगे खाना, इन 7 शहरों में शुरू हुई नई सर्विस
  2. Samsung Galaxy A56 5G पर भारी डिस्काउंट! ₹31 हजार से कम में खरीदने का मौका
  3. 33 घंटे तक चलने वाली बैटरी वाला Asus Zenbook 14 लैपटॉप लॉन्च, Snapdragon, AMD और Intel प्रोसेसर का विकल्प
  4. Tata कारों पर हैकिंग का खतरा! भारत की सरकारी एजेंसी ने दी चेतावनी, तुरंत करें ये काम
  5. BGMI Air: आ रहा है BGMI का Lite वर्जन! 1GB में डाउनलोड होगा गेम, इस दिन से मिलेगा खेलने का मौका
  6. Jio दे रहा 5 महीने तक फ्री वाई-फाई, मिस्ड कॉल देकर क्लेम करें JioHome Diwali Offer
  7. ₹44500 सस्ता मिल रहा Samsung का फ्लिप स्मार्टफोन, Amazon दिवाली सेल में सिर्फ आज मौका
  8. Google Pixel 11 Pro XL vs Vivo X300 Ultra vs Samsung Galaxy S26 Ultra: जानें किस फ्लैगशिप पर मिल रहा ज्यादा डिस्काउंट
  9. दिल्ली में प्रदूषण से बुरा हाल, घर पर ये एयर प्यूरिफर करेंगे हवा को साफ, Amazon सेल में डिस्काउंट पर मिल रहे
  10. ₹14249 में Samsung का 5G फोन, 6000mAh बैटरी और 50 मेगापिक्सल कैमरा, मौका हाथ से न जाने दें
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.