• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • Deepfake का शिकार हुई मल्‍टीनेशनल कंपनी, CFO बनकर Rs 215 करोड़ का चूना लगा गए बहरुपिए, जानें पूरा मामला

Deepfake का शिकार हुई मल्‍टीनेशनल कंपनी, CFO बनकर Rs 215 करोड़ का चूना लगा गए बहरुपिए, जानें पूरा मामला

Deepfake Fraud : कॉल में दिख रहे लोग साइबर क्र‍िमिनल्‍स थे, लेकिन उन्‍होंने डीपफेक तकनीक का इस्‍तेमाल करके खुद को कंपनी का CFO व अन्‍य अधिकारी बना लिया था।

Deepfake का शिकार हुई मल्‍टीनेशनल कंपनी, CFO बनकर Rs 215 करोड़ का चूना लगा गए बहरुपिए, जानें पूरा मामला

डीपफेक का शिकार हुआ इम्‍प्‍लॉयी फ्रॉड को समझ ही नहीं पाया।

ख़ास बातें
  • डीपफेक की मदद से हांगकांग की कंपनी को लगाया चूना
  • कंपनी का CFO बनकर 26 मिलियन डॉलर कराए ट्रांसफर
  • पीड़‍ित शख्‍स कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट का कर्मचारी
विज्ञापन
Deepfake (डीपफेक) के जरिए हो रहे फ्रॉड का दायरा बढ़ता जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हांगकांग की एक मल्‍टीनेशनल कंपनी को 26 मिलियन डॉलर (लगभग 215 करोड़ रुपये) का चूना लगा दिया गया। हांगकांग पुलिस का कहना है कि यह अपनी तरह का पहला मामला है। बताया जा रहा है कि साइबर क्रिमिनल्‍स ने कंपनी का चीफ फाइनेंशल ऑफिसर यानी CFO बनकर वीडियो कॉन्‍फ्रेंस कॉल की। इस दौरान पैसे ट्रांसफर करने का आदेश दिया गया और 26 मिलियन डॉलर हड़प लिए गए। 

AFP की रिपोर्ट में बताया गया है कि मल्‍टीनेशनल कंपनी का एक कर्मचारी धोखाधड़ी का‍ शिकार हुआ। उसे एक वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग कॉल आई। कॉल में दिख रहे लोग साइबर क्र‍िमिनल्‍स थे, लेकिन उन्‍होंने डीपफेक तकनीक का इस्‍तेमाल करके खुद को कंपनी का CFO व अन्‍य अधिकारी बना लिया था। डीपफेक का शिकार हुआ इम्‍प्‍लॉयी फ्रॉड को समझ ही नहीं पाया।  

पुलिस को घटना की शिकायत 29 जनवरी को मिली। तब तक 15 ट्रांसफर के जरिए कंपनी को 26 मिलियन डॉलर का नुकसान हो गया था। पुलिस ने कंपनी के नाम का खुलासा नहीं किया है। मामले में अबतक किसी को अरेस्‍ट नहीं किया गया है। 

डीपफेक का‍ शिकार हुआ इम्‍प्‍लॉयी कंपनी के फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करता है। घोटालेबाजों ने खुद को कंपनी का यूके बेस्‍ड चीफ फाइनेंशल ऑफ‍िस बताया। कॉल में कई लोग शामिल थे, जिनमें से सिर्फ पीड़‍ित असली था, बाकी सभी ने डीपफेक तकनीक का इस्‍तेमाल करके अपनी पहचान बदल दी थी। 
 

ऐसे बन गए कंपनी के ऑफ‍िसर 

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के असली ऑफ‍िसरों के ऑडियो और वीडियो इंटरनेट यानी यूट्यूब आदि पर मौजूद थे। साइबर क्र‍िमिनल्‍स ने उनकी नकल की और डीपफेक तकनीक का इस्‍तेमाल करके बहरुपिए बन गए। यह भी पता चला है कि कॉन्‍फ्रेंस कॉल के दौरान पीड़‍ित को जो वीडियो दिखा, वह प्री-रिकॉर्डेड था। आरोपियों ने पीड़‍ित के साथ कोई बातचीत नहीं की। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
  2. पीएम नरेंद्र मोदी के Instagram पर सिर्फ 4 दिनों में बढ़े 40 लाख फॉलोअर्स, सेल्फी वीडियो पर आए करोड़ों व्यूज
  3. boAt ने बच्चों के लिए लॉन्च की स्मार्टवॉच Sailor Nav, माता-पिता कर पाएंगे लोकेशन ट्रैक, सुरक्षा होगी हाथ में
  4. चुटकी में साफ होंगे लैपटॉप, कीबोर्ड और कार! Portronics भारत में लॉन्च किया बजट एयर डस्टर
  5. Redmi Note 17 सीरीज की कीमत हुई लॉन्च से पहले लीक, टिप्सटर ने किया खुलासा
  6. छोटा सा गैजेट आपकी घड़ी को बना देगा मिनी स्मार्टफोन, यहां जानें इसका प्राइस
  7. SIR Deleted List जारी, वोटर लिस्ट से कट गया नाम? घर बैठे ऐसे करें चेक
  8. ₹47 हजार से ज्यादा सस्ता हुआ Samsung का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, जानें कैसे होगा फायदा
  9. 5G का भारत में तेजी से विस्तार, 99% जिलों में पहुंचा हाई स्पीड नेटवर्क, गांवों में लगे 24 हजार मोबाइल टावर
  10. Flipkart Freedom sale vs Amazon Great Freedom Sale अगस्त में इस दिन से : सेल डेट, कार्ड डिस्काउंट से लेकर जानें सब कुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »