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हेलमेट न पहनने के वजह से भारत में गई 47 हजार लोगों की जान, सामने आया चौंकाने वाले आंकड़ा

Todt की पोस्ट में हेलमेट न पहनने के चलते साल 2021 में भारत में अनुमानित 47,000 मौतों की बात कही गई है।

हेलमेट न पहनने के वजह से भारत में गई 47 हजार लोगों की जान, सामने आया चौंकाने वाले आंकड़ा

Photo Credit: Unsplash/Manas Manikoth

ख़ास बातें
  • 2021 में भारत में हेलमेट न पहनने की वजह से 47,000 लोगों की जान गई है।
  • 2021 में भारतीय सड़कों पर तेज रफ्तार के चलते 40,450 लोगों की जान गई है।
  • सीट बेल्ट न पहनने के चलते रोड एक्सीडेंट से 19,800 लोगों की जान गई है।
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FIA के पूर्व प्रेसिडेंट और Scuderia Ferrari Team के प्रिंसिपल, जीन टॉड ने हाल ही में ट्विटर पर भारत में एक्सीटेंट के बारे में एक डाटा साझा किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने बताया कि देश में हेलमेट पहनना अनिवार्य है। मगर सेफ्टी हेलमेट न पहनने के चलते 2021 में करीबन 47 हजार लोगों की जानें गई थीं। टॉड की पोस्ट भारत के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों से संबंधित है, जिसमें दिखाया गया है कि कारों में सीट बेल्ट नहीं पहनने और टू-व्हीलर्स पर सेफ्टी हेलमेट न पहनने से देश में 63 हजार से ज्यादा जानें गई हैं।

वहीं Todt की पोस्ट में हेलमेट न पहनने के चलते साल 2021 में भारत में अनुमानित 47,000 मौतों की बात कही गई है। MoRTH डाटा से साफ होता है कि वास्तविक संख्या इससे थोड़ी ही कम 46,593 है। इनमें बिना हेलमेट वाले राइडर और पीछे बैठे लोग दोनों शामिल थे। मरने वालों में कुल 13,700 पिछली सीट पर बैठे थे, जिन्होंने एक्सीडेंट के वक्त हेलमेट नहीं पहना था। WHO के डाटा के अनुसार, हेलमेट पहनने से टू-व्हीलर चलाने वालों के दिमाग की चोटों को 74 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

MoRTH के डाटा के अनुसार, 2021 में 40,450 मौतों के साथ भारतीय सड़कों पर तेज रफ्तार दूसरा बड़ा कारण है। सीट बेल्ट न पहनना देश में रोड एक्सीडेंट से संबंधित मौतों का तीसरा बड़ा कारण है। 19,800 सीट-बेल्ट-संबंधित मौतों में से करीब 83 प्रतिशत (16,397) पीड़ितों ने दुर्घटना के समय सीटबेल्ट नहीं पहना था। 16,397 पीड़ितों में से 8 हजार यात्री ऐसे थे जिन्होंने सीटबेल्ट नहीं पहना था। यह वाहन के अंदर सभी यात्रियों के लिए सेफ्टी डिवाइस के लाभ को दर्शाता है।

हेलमेट पहनने से काफी सुरक्षा हो सकती है, हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि आप जो सेफ्टी हेलमेट पहनते हैं, वह ISI-सर्टिफाइड हो और सरकार द्वारा अनुमोदित क्रेश प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड का अनुपालन करता है। मार्केट में ज्यादा महंगे DOT और ECE सर्टिफिकेशन वाले हेलमेट उपलब्ध हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा उन्हें वैध नहीं माना जाएगा। इसके अलावा जिस हेलमेट को आप खरीद रहे हैं वह आपको फिट होना चाहिए। उसके अलावा हेलमेट पहनने बाद उसे बांधना भी जरूरी है। दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट के ठीक से काम करने के लिए यह बहुत जरूरी है। एक्सपर्ट द्वारा डबल-डी रिंग स्टाइल लॉकिंग सिस्टम खरीदने की सलाह दी जाती है। बिना स्ट्रैप के हेलमेट पहनना बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है।
   
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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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