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ऑनलाइन गेमिंग में बच्चे रहेंगे सुरक्षित, बस इन बातों पर जरूर दें ध्यान

अगर आपके बच्चे ऑनलाइन गेम खेलते हैं या खेलना की अनुमति मांग रहे हैं तो आपको कुछ चीजों पर बहुत ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

ऑनलाइन गेमिंग में बच्चे रहेंगे सुरक्षित, बस इन बातों पर जरूर दें ध्यान

Photo Credit: Pexels/JESHOOTS.com

ऑनलाइन रहने पर साइबर-बुलिंग का खतरा रहता है।

ख़ास बातें
  • ऑनलाइन रहने पर साइबर-बुलिंग का खतरा रहता है।
  • बच्चों से अपना कम्युनिकेशन हमेशा मजबूत रखना चाहिए।
  • कौन सा गेम खेलना है या नहीं यह पहले ही चेक करना चाहिए।
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अगर आपके बच्चे ऑनलाइन गेम खेलते हैं या खेलना की अनुमति मांग रहे हैं तो आपको कुछ चीजों पर बहुत ज्यादा ध्यान देना चाहिए। आज के समय में साइबर बुलिंग, डाटा चोरी और गलत आदतों के लगने का खतरा रहता है। ऐसे में आपको पेरेंटल कंट्रोल का इस्तेमाल करना चाहिए और अनुचित कंटेंट पर रोक लगानी चाहिए। लगातार किसी भी कंटेंट को देखने से या उसका सेवन करने से आदत लगने का खतरा रहता है। आज हम आपको उन 5 आदतों के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप अपने बच्चों के लिए ऑनलाइन गेमिंग अनुभव को सुरक्षित और बेहतर बना सकते हैं।

नियम हैं जरूरी:
बच्चों को गेम खेलने की अनुमति देने के साथ स्क्रीन टाइम लिमिट तय करनी चाहिए। कौन सा गेम खेलना है या नहीं यह पहले से तय करना चाहिए। गेमिंग के दौरान कैसा व्यवहार करना है यह आपको पहले से सिखाना चाहिए। ताकि बच्चे किसी भी तरह से गलत आदतों के शिकार न हो जाएं।

गेम खेलने की आजादी:
कौन सा गेम खेलना है या नहीं यह पहले ही चेक करना चाहिए, क्योंकि बच्चों को अपनी उम्र के हिसाब से गेम खेलना चाहिए। इसके लिए आप ESRB या PEGI से रेटिंग देख सकते हैं। किसी भी नए गेम को खेलने की अनुमित देने से पहले उसके लिए रिव्यू जरूर पढ़ना चाहिए। डेमो वर्जन को देख लेना चाहिए, जिससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि यह गेम कैसा है।

गेमप्ले पर नजर रखनी चाहिए:
आपको यह देखना चाहिए कि आपका बच्चा गेम कैसे खेलता है। इसके लिए आपको कभी-कभी साथ में बैठकर खेलना चाहिए। आपको अपने बच्चों के साथ बैठकर गेमिंग अनुभवों के बारे में बात करनी चाहिए।

ऑनलाइन सेफ्टी सिखाएं:
ऑनलाइन रहने पर साइबर-बुलिंग का खतरा रहता है तो ऐसे में बच्चों को उसके बारे में बताना चाहिए। आपको हमेशा अनुचित कंटेंट के बारे में सावधान करना चाहिए। बच्चों को ऑनलाइन अजनबियों के साथ सावधान रहना सिखाना चाहिए। 

कम्युनिकेशन को बढ़ावा देना चाहिए:
बच्चों से अपना कम्युनिकेशन हमेशा मजबूत रखना चाहिए और उनके लिए असहज अनुभवों के बारे में बात करना आसान बनाना चाहिए। बच्चों से नियमित रूप से उनकी ऑनलाइन बातचीत के बारे में पूछना चाहिए। आपको यह सिखाना चाहिए बुलिंग या संदिग्ध स्थितियों में बच्चे कैसे प्रतिक्रिया दें।
 

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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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