वीडियो को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि वाहन मालिक ने हाई-वोल्टेज ईवी सिस्टम पर काम करने के लिए अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की टेक्निकल जानकारी का इस्तेमाल किया।
Photo Credit: Instagram/dhillon8375
ईवी में बैटरी की खराबी को खुद ठीक किया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट घर पर ही अपनी इलेक्ट्रिक कार (EV) की बैटरी ठीक करते हुए नजर आ रहा है। जब वीडियो वायरल हुई तो लोगों ने इसकी तारीफ भी की और कई लोगों ने चिंता भी जताई। वीडियो पोस्ट करने के साथ एक जानकारी में लिखा गया कि कंपनी ने रिपेयर के लिए बहुत ज्यादा पैसे बताए थे और कहा था कि रिप्लेसमेंट पार्ट्स आने में कई दिनों का समय लगेगा। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
वीडियो पोस्ट के अनुसार , भारी बिल से बचने और लंबे इंतजार से बचने के लिए स्टूडेंट ने खुद ही दिक्कत का पता लगाने और उसे ठीक करने का फैसला लिया। उसने कार का कुछ हिस्सा खोला, बैटरी पैक निकाला, खराबी का पता लगाया और दो दिनों में पूरा रिपेयर कर लिया। बताया गया कि इसमें ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर द्वारा बताए गए खर्च की तुलना में काफी कम खर्च हुआ और बाद में गाड़ी ने ठीक से चलना शुरू कर दिया। वीडियो की असलियत और खास EV मॉडल, बैटरी की खराबी और बताई गई रिपेयर की सही लागत की पुष्टि नहीं की गई है।
वीडियो को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि वाहन मालिक ने हाई-वोल्टेज ईवी सिस्टम पर काम करने के लिए अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की टेक्निकल जानकारी का इस्तेमाल किया। वीडियो को लोकर कुछ यूजर्स ने तरीफ की, जिसमें कमेंट किया गया कि ऐसी जानकारी कई ईवी मालिकों के काम आ सकती है। वहीं दूसरों ने सर्विस के ज्यादा खर्च पर नाराजगी जताई और कहा कि कंपनियां हमें लूटती हैं और ग्राहकों का पैसा खराब करती हैं।
वहीं कई यूजर्स ने चेतावनी दी कि इस प्रकार के रिपेयर को देखते हुए उसे फॉलो नहीं करना चाहिए। एक यूजर ने कमेंट किया कि बैटरी पैक में ब्लास्ट होने के लिए बस एक छोटी सी चिंगारी ही काफी है और कहा गया कि ईवी बैटरी पैक को गलती से नहीं खोलना चाहिए। वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया कि अनुभवी सर्विस सेंटर भी हाई-वोल्टेज बैटरी को हटाने और उन पर काम करने में बहुत सावधान रहते हैं और इस प्रकार की घटनाओं के बारे में बताया, जहां गलती से कई खतरनाक स्थितियां पैदा हो गईं।
एक यूजर ने कमेंट किया कि अगर बाद में कोई और दिक्कत आती है तो कौन जिम्मेदार होगा और कहा कि इन चीजों को हमेशा OEM से ही ठीक करवाना सही रहताहै। एक अन्य यूजर ने कमेंट में बताया कि इंजीनियरिंग का स्टूडेंट होने का मतलब यह नहीं है कि वह खुद हाई-वोल्टेज सिस्टम पर काम कर सकता है और कहा कि पैसे बचाने के चक्कर में सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए।
कैसा खतरा हो सकता है
ईवी ट्रैक्शन बैटरी आमतौर पर कई सौ वोल्ट पर काम करती हैं और जानलेवा करंट पैदा हो सकता है। इंडस्ट्री की सिक्योरिटी गाइडलाइंस में हाई-वोल्टेज कंपोनेंट्स पर काम करते हुए ट्रेंड टेक्नीशियन, इंसुलेटेड टूल्स, सही आइसोलेशन प्रोसेस और पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट की जरूरत होती है। एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि बिना सही ट्रेनिंग और इक्विपमेंट के बैटरी पैक खोलने से इलेक्ट्रिक शॉक, आर्क फ्लैश, आग या थर्मल रनअवे जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹44,590
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹41,061
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Haier M70 Mini LED 65-inch
Starts from ₹74,990
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹2,199
Xiaomi TV FX Mini LED 65
Starts from ₹64,999
85km रेंज वाली नई इलेक्ट्रिक बाइक Trek Inbound+ लॉन्च, जानें कीमत
Motorola Edge 70 Neo भारत में लॉन्च होगा Snapdragon चिप, 6GB रैम के साथ, IP68, IP69 रेटिंग!
₹65 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17 Pro, Croma पर आई जबरदस्त डील!