What is Denel Rooivalk? 27 साल में बन पाया दुनिया का यह घातक हेलीकॉप्‍टर! जानें खूबियां

Denel Rooivalk : हेलीकॉप्‍टर भले साउथ अफ्रीकी ओरिजन का है, पर इसका डिजाइन, फ्रेंच एरोस्पातियाल एसए 330 प्यूमा से प्रभावित है, जोकि एक फ्रेंच हेलीकॉप्‍टर है।

What is Denel Rooivalk? 27 साल में बन पाया दुनिया का यह घातक हेलीकॉप्‍टर! जानें खूबियां

Photo Credit: wiki

ख़ास बातें
  • Denel Rooivalk है दुनिया का घातक हेलीकॉप्‍टर
  • इसे साउथ अफ्रीका में किया गया है तैयार
  • इसकी टेक्‍नॉलजी और पार्ट्स एक फ्रांसीसी हेलीकॉप्‍टर से मिलते हैं
विज्ञापन
दुनिया में कई घातक हेलीकॉप्‍टर हैं। उन्‍हें अलग-अलग देशों की आर्मी इस्‍तेमाल कर रही है। बीते दिनों हमने अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्‍टर (Apache Helicopter) के बारे में जाना था। भारतीय सेना भी उन्‍हें यूज कर रही है और जल्‍द AH-64E अपाचे हेलीकॉप्‍टर की नई खेप देश में आने वाली है। आज बात करेंगे डेनेल रूइवॉक (Denel Rooivalk) लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर की। इसे दुनिया के टॉप-10 घातक हेलीकॉप्‍टरों में माना जाता है। इसका डेवलपमेंट साल 1984 में शुरू हुआ था। 

Denel Rooivalk मूल रूप से साउथ अफ्रीका का हेलीकॉप्‍टर है। इसे डेनेल एविएशन नाम की कंपनी ने मैन्‍युफैक्‍चर किया है। हेलीकॉप्‍टर भले साउथ अफ्रीकी ओरिजन का है, पर इसका डिजाइन, फ्रेंच एरोस्पातियाल एसए 330 प्यूमा (French Aérospatiale SA 330 Puma) से प्रभावित है, जोकि एक फ्रेंच हेलीकॉप्‍टर है। यहां तक कि टेक्‍नॉलजी और पार्ट्स भी फ्रांस पर ही निर्भर करते हैं। 

डेनेल एविएशन ने इस हेलीकॉप्‍टर को बनाने का जिम्‍मा उठाया, क्‍योंकि वह दुनिया के बेस्‍ट लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर में से एक को तैयार करना चाहती थी। कहा जाता है कि कंपनी काफी हद तक इसमें सफल रही। हेलीकॉप्‍टर का डेवलपमेंट साल 1984 में शुरू हुआ था। 

हालांकि जितनी जल्‍दी इस हेलीकॉप्‍टर पर काम शुरू हुआ, इसे बनाने में उतना ही वक्‍त लगा। 1990 के दशक में बजट की कमी के चलते रूइवॉक के डेवलपमेंट में देरी हुई। साउथ अफ्रीका की वायुसेना यानी एयरफोर्स ने 12 रूइवॉक का ऑर्डर दिया। उसके बाद भी पहले Denel Rooivalk को साल 2011 में डिलिवर किया जा सका। साउथ अफ्रीकी एयरफोर्स इसे Rooivalk Mk 1 नाम से उड़ाती है। अबतक ऐसे 12 हेलीकॉप्‍टर बनाए गए हैं। 
 

Denel Rooivalk Features 

Denel Rooivalk में दो क्रू की जगह है। इसमें पायलट के अलावा वेपन सिस्‍टम ऑफ‍िसर शामिल है। हेलीकॉप्‍टर की लेंथ 61 फीट और 5 इंच है। इसकी ऊंचाई 17 फीट है। बिना लोडिंग के यह 5,730 किलो का है और कुल 8,750 किलो वजन के साथ उड़ान भर सकता है। हेलीकॉप्‍टर की फ्यूल कैपिसिटी 1,854 लीटर है। यह 278 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और रेंज 740 किलोमीटर है। यह समुद्र तल से 1525 मीटर तक ऊंचा उड़ सकता है। 

Denel Rooivalk में लॉन्‍ग रेंज एंट्री-टैंक गाइडेड मिसाइल फ‍िट की जा सकती है, जो इसे घातक बनाती है। यह एयर-टु-एयर मिसाइल भी लॉन्‍च कर सकता है। लेजर गाइडेड रॉकेट भी इससे दागे जा सकते हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Ai+ LapTab लॉन्च होगा 10,000mAh बैटरी, 33W फास्ट चार्जिंग के साथ!
  2. Vivo की नया बजट फोन लाने की तैयारी! SIRIM लिस्टिंग में स्पॉट
  3. ₹349 से शुरू होने वाले ब्लूटूथ स्पीकर, ईयरबड्स U&i ने किए लॉन्च, 50 घंटे तक की बैटरी!
  4. Flipkart Big Billion Days सेल में Samsung Galaxy S25, S25 FE को ₹50,000 से कम में खरीदने का मौका!
  5. Motorola Signature 27 होगा 22 सितंबर को पेश, 200MP दो कैमरा के साथ, टीजर जारी
  6. ₹5075 सस्ता मिल रहा 50 हजार एमआरपी वाला लेटेस्ट Vivo 5G फोन! 50MP दो कैमरा, 7050mAh बैटरी
  7. मक्का के पास ड्रोन को हवा में कैसे मार गिराया? Saudi Arabia की Air Defence और Drone Detection Technology कैसे करती है काम
  8. Royal Enfield की Flying Flea C6 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को मिला नया व्हाइट कलर
  9. Honor 700 Pro में मिल सकता है रियर डिस्प्ले, 200 मेगापिक्सल का कैमरा
  10. OnePlus 16 में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »