क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े स्टार्टअप्स की मदद करेगा सरकार का इंडिया ब्लॉकचेन प्रोग्राम

Blockchain Accelerator प्रोग्राम चार महीनों तक चलेगा और इसमें शुरुआती फेज़ के Web2 और Web3 स्टार्टअप और ब्लॉकचेन बिल्डर्स के आदेवन ही स्वीकार किए जाएंगे।

क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े स्टार्टअप्स की मदद करेगा सरकार का इंडिया ब्लॉकचेन प्रोग्राम

Blockchain Accelerator प्रोग्राम चार महीनों तक चलेगा

ख़ास बातें
  • तेलंगाना सरकार ने शुरू किया 'ब्लॉकचेन एक्सेलेरेटर' प्रोग्राम
  • ब्लॉकचेन मार्केट में अपनी रुचि रखने वाले स्टार्टअप्स को करेगा मदद
  • सीड फंडिंग के लिए लगभग 5.32 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल करने का मौका
विज्ञापन
तेलंगाना सरकार ने एक 'ब्लॉकचेन एक्सेलेरेटर' प्रोग्राम के लिए भारतीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज CoinSwith Kuber और Lumos Labs के साथ हाथ मिलाया है। इस प्रोग्राम के जरिए स्टार्टअप्स को मदद मिलने की उम्मीद है। ब्लॉकचेन मार्केट में अपनी रुचि रखने वाले स्टार्टअप्स इस प्रोग्राम के जरिए अपने प्रोजेक्ट के लिए अवसर, एडवाइस, टेक सपोर्ट और फंडिंग जैसी मदद ले सकते हैं। इंडिया ब्लॉकचेन एक्सेलेरेटर पिछले टी-ब्लॉक एक्सेलेरेटर का दूसरा एडिशन है। T-Block Accelerator को भी तेलंगाना सरकार ने ही शुरू किया था।

क्रिप्टोकरेंसी की पूरी कहनी ब्लॉकचेन से ही शुरू होती है। कहने का मतलब यह है कि क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इनकी सभी जानकारियां, जिन्हें ब्लॉक कहते हैं, क्रिप्टोग्राफी के जरिए ब्लॉकचेन से जुड़ी होती है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain technology) वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी, NFT (नॉन-फंजिबल टोकन), और मेटावर्स (metaverse) को सपोर्ट करती है।

Blockchain Accelerator प्रोग्राम चार महीनों तक चलेगा और इसमें शुरुआती फेज़ के Web2 और Web3 स्टार्टअप और ब्लॉकचेन बिल्डर्स के आदेवन ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा, चुने गए आठ स्टार्टअप के उद्यमियों को लाइटस्पीड (Lightspeed) और वुडस्टॉकफंड (WoodstockFund) जैसी कंपनियों से प्री-सीड और सीड फंडिंग के लिए $700,000 (लगभग 5.32 करोड़ रुपये) की फंडिंग हासिल करने का मौका भी मिलेगा। चुने हुए स्टार्टअप्स के सदस्यों को भी वर्कशॉप, मीट-अप्स, मेंटरशिप और कोचिंग में हिस्सा लेने का मौका दिया जाएगा।

यह प्रोग्राम ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब भारत इस बात पर विचार कर रहा है कि क्रिप्टो मार्केट पर कौन से नियम लागू किए जाएं। सरकार पहले ही चिंता जता चुकी है कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल निवेशकों को क्विक इनकम (जल्दी पैसा बनाने) के दावों के साथ लुभाने और आतंकी गतिविधियों व मनी लॉन्ड्रिंग जैसे क्राइम को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

हाल ही में, क्रिप्टो बाज़ार में एक और बड़ी खबर ने हड़कंप मचा दिया था। खबर आई थी कि भारत में संसद के एजेंडे में देश में सभी निजी क्रिप्टोकरेंससी को संचालित करने से रोकने के लिए एक विधेयक शामिल था। एजेंडा में यह भी कहा गया है कि सरकार भारत के लिए एक आधिकारिक डिजिटल मुद्रा लाना चाहती है। हालांकि, बताते चलें कि यह वही बिल है, जिसे बजट सत्र के लिए भी लिस्ट किया गया था, लेकिन उस समय इसके ऊपर चर्चा नहीं हुई थी।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. यह लैपटॉप नहीं, पावरबैंक है! Krafted Edge लाई लैपटॉप चार्जिंग के लिए 20,000mAh का 65W पावरबैंक, जानें सबकुछ
  2. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  3. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  4. Samsung Galaxy M47 हुआ गीकबेंच पर लिस्ट, 8GB रैम, Snapdragon चिप का खुलासा
  5. 25 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 4 कैमरों वाला फोन! धांसू डिस्काउंट ऑफर
  6. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  7. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  8. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  9. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  10. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »