ProShares ने लॉन्च किया बिटकॉइन में गिरावट पर दांव लगाने वाला ETF

इससे इनवेस्टर्स को बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट से प्रॉफिट कमाने या क्रिप्टो में अपने इनवेस्टमेंट को हेज करने का मौका मिलेगा

विज्ञापन
शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 21 जून 2022 16:42 IST
ख़ास बातें
  • शॉर्ट सेलिंग में किसी एसेट की वैल्यू में गिरावट पर दांव लगाया जाता है
  • इनवेस्टर्स एक ETF खरीदकर बिटकॉइन में शॉर्ट पोजिशन ले सकते हैं
  • पिछले कुछ महीनों से बिटकॉइन में गिरावट आ रही है

अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस को ट्रैक करने वाले बिटकॉइन ETF लोकप्रिय हो रहे हैं

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से जुड़ी ProShares ने शॉर्ट Bitcoin स्ट्रैटेजी ETF लॉन्च किया है। इससे इनवेस्टर्स को बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट से प्रॉफिट कमाने या क्रिप्टो में अपने इनवेस्टमेंट को हेज करने का मौका मिलेगा। ट्रेडिंग की एक स्ट्रैटेजी शॉर्ट सेलिंग में किसी एसेट की वैल्यू में गिरावट पर दांव लगाया जाता है। 

ProShares के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर Michael Sapir ने एक स्टेटमेंट में कहा, "हाल के महीनों में यह पता चला है कि बिटकॉइन की वैल्यू घट सकती है। यह ETF ऐसे इनवेस्टर्स के लिए है जो मानते हैं कि बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट आएगी और उन्हें इससे प्रॉफिट कमाने या अपनी क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग को हेज करने का मौका मिलेगा।" उन्होंने बताया कि इनवेस्टर्स ब्रोकरेज एकाउंट में एक ETF खरीदकर बिटकॉइन में शॉर्ट पोजिशन ले सकते हैं। अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस को ट्रैक करने वाले बिटकॉइन ETF लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) की ओर से स्पॉट बिटकॉइन ETF के लिए अनुमति देने में देरी हुई है। 

पिछले वर्ष SEC ने पहले बिटकॉइन फ्यूचर्स ETF की अनुमति दी थी। इसे ProShares ने लॉन्च किया था। इससे इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इनवेस्टर्स को तकनीकी जटिलताओं या कानूनी रुकावटों का सामना किए बिना बिटकॉइन का एक्सेस मिला था। ProShares का शॉर्ट बिटकॉइन ETF इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से इस सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में रुकावटों के बिना ट्रेडिंग करने का मौका देगा। 

पिछले कुछ महीनों से बिटकॉइन के प्राइस में गिरावट आ रही है। पिछले सप्ताह यह लगभग छह महीने में पहली बार 20,000 डॉलर से नीचे गया था। यह लगभग 17,000 डॉलर तक गिरा था। हालांकि, इसके बाद से बिटकॉइन के प्राइस में कुछ रिकवरी हुई है और यह लगभग 21,000 डॉलर से कुछ अधिक पर है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व ने इन्फ्लेशन पर नियंत्रण करने के लिए इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की है। इसका क्रिप्टो मार्केट पर बड़ा असर पड़ा है। इनवेस्टर्स अधिक रिस्क वाले इस सेगमेंट से दूरी बना रहे हैं। इस सेगमेंट से जुड़ी कुछ फर्मों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने से भी मार्केट में गिरावट आई है। कई देशों में क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर स्क्रूटनी बढ़ाई जा रही है। कुछ देशों में क्रिप्टो सेगमेंट के लिए कानून बनाने पर काम हो रहा है। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, ETF, Risk, America, Investors, Bitcoin, Market
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Tata Punch EV को भारत NCAP रेटिंग में मिले 5-स्टार
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo T5e vs Samsung Galaxy M17e 5G vs Realme P4 Lite 5G: तीनों में से कौन सा है बेस्ट?
  2. Tata Punch EV को भारत NCAP रेटिंग में मिले 5-स्टार
  3. UPI यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव! PhonePe, Google Pay, Paytm में छिप जाएगा आपका मोबाइल नंबर, जानें कारण
  4. Vivo Ignite 2026 में रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन, ₹35 लाख तक की स्कॉलरशिप मिलने का मौका
  5. 10W साउंड, 8 घंटे बैटरी वाला यह ब्लूटूथ स्पीकर रिलैक्स होने में करता है मदद! जानें कीमत और फीचर्स
  6. Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra, Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Flip 8 ने प्री-ऑर्डर में तोड़े रिकॉर्ड, 72 घंटे में 2.71 लाख बुकिंग!
  7. अगस्त में फ्री मिल रहे हैं Dying Light 2 समेत 3 बड़े गेम, इन यूजर्स को मिलेगा फायदा
  8. 50W साउंड पावर के साथ Lyne Jukebox 18 Pro वायरलैस स्पीकर भारत में 1,999 रुपये में लॉन्च
  9. पुराने बंद पड़े PF अकाउंट से भी मिलेगा पैसा, EPFO ने बनाया नया ई-पोर्टल, घर बैठे कर पाएंगे
  10. भारत ने 6G की रेस में बढ़ाया कदम! 7,700 से ज्यादा पेटेंट फाइल, 2030 मिशन पर बड़ा अपडेट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.