क्रिप्टो के जरिए बिजनेस बढ़ाने की तैयारी में दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज

NYSE की योजना नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) बेचने के लिए एक वर्चुअल मार्केटप्लेस बनाने की है। यह मेटावर्स सेगमेंट में भी एक्सपैंशन करना चाहता है

विज्ञापन
राधिका पाराशर, अपडेटेड: 17 फरवरी 2022 16:49 IST
ख़ास बातें
  • लाइसेंस मिलने के बाद NYSE की योजना क्रिप्टो टोकन लॉन्च करने की भी है
  • NYSE का कहना है कि क्रिप्टो से जुड़ी योजना पर तुरंत काम नहीं किया जाएगा
  • यह मेटावर्स सेगमेंट में भी एक्सपैंशन करना चाहता है

NYSE ने US पेटेंट एंड ट्रे्डमार्क ऑफिस को आवेदन दिया है और इससे अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है

दुनिया के सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) ने क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज और मेटावर्स से जुड़ा एक NFT मार्केटप्लेस शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए  NYSE का एक ट्रेडमार्क के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई है। अमेरिका में क्रिप्टो सेगमेंट को राजनीतिक, प्रशासनिक और इंडस्ट्री का समर्थन मिल रहा है। हालांकि, इस सेगमेंट से जुड़े कानून अमेरिका में मौजूद नहीं हैं।

NYSE ने US पेटेंट एंड ट्रे्डमार्क ऑफिस को आवेदन दिया है और इससे अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। NYSE की योजना नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) बेचने के लिए एक वर्चुअल मार्केटप्लेस बनाने की है। यह मेटावर्स सेगमेंट में भी एक्सपैंशन करना चाहता है, जहां बायर्स एक पूरी तरह वर्चुअल सेटिंग में अपने NFT के साथ इंटरएक्ट कर सकेंगे। लाइसेंस मिलने के बाद NYSE की योजना अपना क्रिप्टो टोकन लॉन्च करने की भी है। इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, NYSE का कहना है कि क्रिप्टो से जुड़ी उसकी योजना पर तुरंत काम नहीं किया जाएगा।

New York Post ने एक्सचेंज के हवाले से दी गई एक रिपोर्ट में कहा है, "NYSE नियमित तौर पर नए प्रोडक्ट्स और उनके अपने ट्रेडमार्क पर असर पर विचार करता है। इसके साथ ही इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स की भी सुरक्षा की जाती है। NYSE की तुरंत क्रिप्टोकरंसी या NFT ट्रेडिंग शुरू करने की योजना नहीं है।" 

यह पहली बार नहीं है कि जब NYSE ने क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर कोई कदम उठाया है। पिछले वर्ष NYSE ने पहला बिटकॉइन फ्यूचर्स ETF लॉन्च किया था। इससे बिटकॉइन के प्राइसेज में भी काफी तेजी आई थी। रूस में भी क्रिप्टोकरंसी को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में क्रिप्‍टोकरेंसी को रेगुलेट करने को लेकर सरकार और बैंक ऑफ रूस ने एक समझौता किया है। इसके बाद एक ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं, जो 18 फरवरी तक सामने आ सकता है। इसमें क्रिप्टो को DFA (डिजिटल फाइनेंशियल असेट्स) के बजाय ‘करेंसीज के एनालॉग' के रूप में परिभाषित किया जाएगा। कानूनी तरीके से क्रिप्‍टो से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पूरी पहचान के साथ सिर्फ बैंकिंग सिस्‍टम या लाइसेंस प्राप्‍त बिचौलियों के जरिए हो सकेगा। रूस में क्रिप्टो माइनिंग को लेकर भी नियमों में छूट दी रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी क्रिप्टो सेगमेंट के लिए उदार रुख का संकेत दिया था।
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Bitcoin, License, NYSE, Stock exchange, ETF, Regulations
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 21 हजार रुपये सस्ता मिल रहा OnePlus का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, देखें पूरी डील
#ताज़ा ख़बरें
  1. BYD की नई Blade बैटरी से सिर्फ 5 मिनट में EV होगा 70 प्रतिशत चार्ज
  2. Infinix GT 50 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  3. Samsung लाएगा 20,000mAh तक बैटरी वाले स्मार्टफोन्स? टेस्टिंग रिपोर्ट हुई लीक
  4. Redmi K90 Ultra में गेमिंग के लिए मिल सकते हैं फीचर्स, 8,000mAh से ज्यादा हो सकती है बैटरी 
  5. Bitcoin ने पकड़ी रफ्तार, 70,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
  6. PS5 Pro की भारत एंट्री तय? BIS लिस्टिंग लेकर आई गेमर्स के लिए खुशखबरी
  7. iQOO Z11 में मिल सकती है 9,020mAh की दमदार बैटरी, जल्द लॉन्च की तैयारी
  8. Lava Bold 2 5G भारत में 13 मार्च को होगा लॉन्च, ऐसा दिखाई देगा अपकमिंग फोन
  9. Apple अब भारत में बना रहा 25% iPhone, चीन के बाद सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब
  10. Vivo T5x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,200 mAh की बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.