क्रिप्टो रेगुलेशंस पर अन्य देशों से समर्थन लेगी केंद्र सरकार

लोकसभा में सीतारमण ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रिप्टो सेगमेंट पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया था

विज्ञापन
राधिका पाराशर, अपडेटेड: 18 जुलाई 2022 18:00 IST
ख़ास बातें
  • क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़े स्कैम के मामले बढ़ रहे हैं
  • G20 की FSB ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाने की तैयारी की है
  • FSB के पास कानून बनाने की शक्ति नहीं है

हाल ही में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को लेकर टैक्स से जुड़े कानून लागू हुए हैं

क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर स्पष्ट रेगुलेशंस नहीं होने से इस सेगमेंट में स्कैम के मामले बढ़ रहे हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने संसद को बताया है कि अगर अन्य देश क्रिप्टो सेगमेंट पर बैन लगाने का समर्थन नहीं करते और इस तरह का निर्णय नहीं लेते तो देश में इसे लागू करना मुश्किल होगा।

सीतारमण ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रिप्टो सेगमेंट पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया था। RBI को चिंता है कि फाइनेंशियल सिस्टम में क्रिप्टोकरेंसीज के शामिल होने का मॉनेटरी और फिस्कल स्टेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। देश में हाल ही में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को लेकर टैक्स से जुड़े कानून लागू हुए हैं और इससे क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग वॉल्यूम घट गई है। सीतारमण ने लोकसभा में दिए एक लिखित बयान में कहा, "RBI का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसीज पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। RBI ने बताया है कि यह एक करेंसी नहीं है क्योंकि प्रत्येक करेंसी को सेंट्रल बैंक या सरकार की ओर से जारी किए जाने की जरूरत होती है।" 

हाल ही में इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने ब्लॉकचेन एंड क्रिप्टो एसेट्स काउंसिल (BACC) को बंद करने का फैसला किया था। क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़े स्कैम के मामले बढ़ रहे हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए G20 की संस्था फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बोर्ड (FSB) ने अगले कुछ महीनों में क्रिप्टो सेगमेंट के लिए कड़े ग्लोबल रूल्स का प्रपोजल देने की तैयारी की है।

FSB में  G20 देशों के रेगुलेटर्स और सेंट्रल बैंकों के अधिकारी शामिल हैं। FSB को क्रिप्टो सेगमेंट की निगरानी तक सीमित रखा गया था लेकिन पिछले कुछ महीनों में क्रिप्टोकरेंसीज में वोलैटिलिटी अधिक होने और स्कैम्स के मामले बढ़ने से कड़े रूल्स की जरूरत है। FSB की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में बताया गया था कि वह G20 के फाइनेंस मिनिस्टर्स और सेंट्रल बैंक के गवर्नर्स को स्टेबलकॉइन्स और अन्य क्रिप्टो एसेट्स के रेगुलेटरी कंट्रोल और निगरानी के बारे में रिपोर्ट देगा। स्टेबलकॉइन्स को लेकर FSB का मानना है कि इनका इस्तेमाल पेमेंट के एक जरिए के तौर पर करने के लिए कड़े रेगुलेशन की जरूरत है। FSB के पास कानून बनाने की शक्ति नहीं है लेकिन इसके सदस्य अपने अधिकार क्षेत्रों में इसके रेगुलेटरी सिद्धांतों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Regulations, Ban, Government, Market, Tax, Exchange
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus 16 में मिल सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट
  2. Flipkart Freedom Sale: 33 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy S25+
  3. Amazon Great Freedom Sale में सस्ता हो गया OnePlus का 7000mAh बैटरी वाला फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon Great Freedom Sale: ₹21 हजार से ज्यादा सस्ता मिल रहा Google Pixel 6a
  2. iQOO 16T में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, नया कूलिंग सिस्टम
  3. 8 मेगापिक्सल कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ Lava Smart 4 लॉन्च, जानें सबकुछ
  4. Amazon Great Freedom Sale में गेमिंग लैपटॉप्स पर 65,000 रुपये तक डिस्काउंट 
  5. 120 इंच स्क्रीन पर सिनेमा दिखाएगा boAt का नया CineHead F1 Pro प्रोजेक्टर! इस कीमत में हुआ लॉन्च
  6. OnePlus 16 में मिल सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट
  7. 90 के दशक वाली नाई की दुकान याद दिला देगी ये वेबसाइट! इंटरनेट पर तेजी से हो रही वायरल
  8. ट्रेन छूटने का नहीं रहेगा डर, रेल किस प्लेटफॉर्म पर आ रही है, ऐसे मिलेगी लाइव जानकारी
  9. अपने हिसाब से चुने डेटा! Vi ने लॉन्च किया स्मार्ट रिचार्ज प्लान, ऐसे मिलेगा बेनिफिट
  10. Samsung Galaxy A36 5G vs Redmi Note 17 5G vs Vivo T5x 5G: जानें कौन सा है बेस्ट?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.