स्वदेशी जागरण मंच ने क्रिप्टोकरंसीज पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग उठाई

SJM ने रविवार को अपनी 15वीं राष्ट्रीय बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से डिजिटल करंसी जारी करने से जुड़ा कानून जल्द बनाया जाना चाहिए

विज्ञापन
Press Trust of India, अपडेटेड: 27 दिसंबर 2021 16:23 IST
ख़ास बातें
  • सेंट्रल बैंक डिजिटल करंसी (CBDC) को कानूनी दर्जा देने की मांग की गई है
  • केंद्र सरकार का कहना है कि वह क्रिप्टोकरंसीज से जुड़ा कानून लाएगी
  • इससे पहले भी देश में क्रिप्टोकरंसीज का विरोध किया जा चुका है

प्रस्ताव में कहा गया है कि Bitcoin, Ethereum जैसी क्रिप्टोकरंसीज को एक एसेट या डिजिटल एसेट के तौर पर मान्यता नहीं देनी चाहिए

RSS से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से क्रिप्टोकरंसी की खरीद, बिक्री, निवेश और इससे जुड़ी किसी भी प्रकार की ट्रांजैक्शन पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की है। SJM ने रविवार को अपनी 15वीं राष्ट्रीय बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से डिजिटल करंसी जारी करने से जुड़ा कानून जल्द बनाया जाना चाहिए। 

प्रस्ताव में सेंट्रल बैंक डिजिटल करंसी (CBDC) को कानूनी दर्जा देने की भी मांग है। SJM के सह-संयोजक, अश्विनी महाजन ने बताया कि प्रस्ताव में सरकार से देश में किसी भी व्यक्ति की ओर से क्रिप्टोकरंसीज की खरीद, बिक्री, निवेश और किसी अन्य प्रकार की ट्रांजैक्शन पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि क्रिप्टोकरंसीज रखने वाले लोगों को इन्हें एक सीमित अवधि के अंदर बेचने या एक्सचेंज करने की अनुमति दी जा सकती है, जिसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होगी।

स्वदेशी जागरण मंच की मांग है कि बैन का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या एंटिटी पर वित्तीय जुर्माना लगाया जाए। प्रस्ताव में दलील दी गई है कि क्रिप्टोकरंसीज को मान्यता देने से सट्टेबाजी बढ़ सकती है और इसका फाइनेंशियल मार्केट पर खराब असर पड़ेगा। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों के लिए फाइनेंसिंग जैसी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, क्रिप्टोकरंसीज पर बैन लगाने के बाद उपभोक्ता मामलों और कंपनी मामलों के मंत्रालयों को एक उपभोक्ता जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को "कथित क्रिप्टोकरंसीज एक्सचेंजों" की ओर से दिए जा रहे "भ्रामक विज्ञापनों" के झांसे में न आने की सलाह देनी चाहिए। 

प्रस्ताव में कहा गया है कि Bitcoin, Ethereum जैसी क्रिप्टोकरंसीज को एक एसेट या डिजिटल एसेट के तौर पर मान्यता नहीं देनी चाहिए क्योंकि ये अप्रत्यक्ष तौर पर करंसी जैसा एक्सचेंज का माध्यम बन जाएंगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से डिजिटल करंसी जारी करने से जुड़ा कानून जल्द बनना चाहिए। CBDC को कानूनी दर्जा मिलना चाहिए। इससे पहले भी देश में क्रिप्टोकरंसीज का विरोध किया जा चुका है। केंद्र सरकार का कहना है कि वह क्रिप्टोकरंसीज से जुड़ा कानून लगाकर इस सेगमेंट को रेगुलेट करेगी। इससे जुड़ा विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जाना था लेकिन इसे टाल दिया गया है। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Ban, RSS, SJM, Investment, Government, Law
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. मिनी कूलर से लेकर स्मार्टवॉच और पावर बैंक तक Amazon सेल में मात्र ₹500 में मिल रहे ये स्मार्ट गैजेट्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 Pro Max में हो सकते हैं डुअल 200 मेगापिक्सल कैमरा
  2. Vivo X300e के जल्द लॉन्च की तैयारी, Snapdragon 8 Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  3. Flipkart GOAT Sale: ₹45 हजार में Samsung Galaxy S25 FE या Google Pixel 10a, कौन सा बेहतर?
  4. Xiaomi की इस पॉपुलर स्मार्टफोन सीरीज का हुआ The End? लीक हुआ बड़ा खुलासा
  5. Samsung Galaxy F70 Pro में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, Bluetooth SIG पर हुई लिस्टिंग
  6. iPhones ₹32 हजार से शुरू! ControlZ की Anniversary Sale हुई लाइव
  7. Flipkart Goat Sale में ₹12 हजार से सस्ता खरीदें Samsung Galaxy F70e 5G
  8. क्रिप्टो मार्केट को मिला ETF से सपोर्ट, बिटकॉइन का प्राइस 63,000 डॉलर से ज्यादा
  9. अब भारत में बनेंगे सेमी कंडक्टर, गुजरात में CG SEMI OSAT फेसिलिटी में काम शुरू, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
  10. भूकंप आते ही हवा में उठ जाएगा घर! जापान की ये टेक्नोलॉजी कर देगी हैरान
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.