बिटकॉइन का प्राइस लगभग 72,860 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी गिरावट थी। Ethereum का प्राइस लगभग 1,984 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Cardano, XRP, Solana और Monero में नुकसान था
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी गिरावट थी
क्रिप्टो मार्केट में जून की शुरुआत सोमवार को झटके से हुई है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से दो अरब डॉलर से ज्यादा के आउटफ्लो और अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से मार्केट में गिरावट थी। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin घटकर 73,000 डॉलर से नीचे ट्रेड कर रहा था।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 72,860 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी गिरावट थी। Ethereum का प्राइस लगभग 1,984 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Cardano, XRP, Solana और Monero में नुकसान था। क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग एक प्रतिशत घटकर लगभग 2.48 लाख करोड़ डॉलर पर था।
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट को स्पॉट बिटकॉइन ETFs से पिछले 10 दिनों में दो अरब डॉलर से ज्यादा का आउटफ्लो होने से झटका लगा है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कोई समाधान नहीं निकलने से भी मार्केट पर प्रेशर है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में तेजी जारी रहने से यह संकेत मिल रहा है कि क्रिप्टो मार्केट को बड़े मार्केट्स से फायदा नहीं मिल रहा है। बिटकॉइन के लिए 77,000 डॉलर पर रेजिस्टेंस है। पिछले एक सप्ताह में बिटकॉइन और Ethereum में क्रमशः पांच प्रतिशत से अधिक और छह प्रतिशत की गिरावट हुई है। अमेरिका में एंप्लॉयमेंट और PMI के आगामी डेटा से क्रिप्टो मार्केट को ट्रिगर मिल सकता है।
पिछले वर्ष अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1,26,000 डॉलर से अधिक का हाई लेवल बनाया था। इसके बाद से इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है। मिडल-ईस्ट में स्थिति सामान्य होने और क्रूड ऑयल के प्राइसेज घटने पर बिटकॉइन में तेजी आ सकती है। हालांकि, बिटकॉइन की सबसे बड़ी कॉरपोरेट होल्डर Strategy ने अपने क्रिप्टो के रिजर्व में बढ़ोतरी की है। एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर मेकर Strategy (पहले MicroStrategy) के पास कुल 8,18,869 बिटकॉइन हो गए हैं। हाल ही में Strategy ने पहली तिमाही के रिजल्ट में लगभग 12.5 अरब डॉलर के नेट लॉस की जानकारी दी है। इसका बड़ा कारण पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन के प्राइस में हुई बड़ी गिरावट है। बिटकॉइन की 2.1 करोड़ टोकन की फिक्स्ड सप्लाई में से इस कंपनी के पास लगभग 3.9 प्रतिशत है।
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