Mitron ऐप Google Play से हटाया गया, कंटेंट पॉलिसी उल्लंघन का आरोप

जैसे ही Mitron App की उत्पति को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हुए थे, तब सामने आया था कि यह ऐप पाकिस्तानी सॉफ्टवेयर डेवलपिंग कंपनी Qboxus से लगभग 2,500 रुपये में खरीदा गया है।

Mitron ऐप Google Play से हटाया गया, कंटेंट पॉलिसी उल्लंघन का आरोप

50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने किया था Mitron App को डाउनलोड

ख़ास बातें
  • Google ने प्ले स्टोर से हटाया Mitron App
  • पाकिस्तानी ऐप का रीब्रांडेड वर्ज़न था मित्रों ऐप
  • लगभग 2,500 रुपये देकर खरीदा गया ऐप का सोर्स कोड
विज्ञापन
Mitron App, जिसे TikTok का भारतीय वर्ज़न बताया गया था, देखते ही देखते ऐप को कुछ ऐसी आपार लोकप्रियता मिली कि इसे कुछ ही दिनों में 50 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। लेकिन जितना जल्दी यह ऐप Google Play पर लोकप्रिय हुआ था, उतनी ही जल्दी अब इस ऐप का वजूद गूगल प्ले स्टोर से गायब हो गया है। जी हां, गूगल प्ले स्टोर ने मित्रों ऐप को हटा दिया है। दरअसल, हाल ही में खुलासा हुआ था कि यह ऐप किसी दूसरे ऐप का रिब्रांडेड वर्ज़न है, जिसे पाकिस्तान के एक डेवलपर द्वारा बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार Google ने इसे ‘स्पैम और मिनिमम फंगशनेलिटी' पॉलिसी का उल्लंघन करने की वजह से अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।

Google की पॉलिसी के मुताबिक बिना किसी ऑरिज़नल बदलाव के दूसरे ऐप से कॉन्टेंट कॉपी करना गूगल के नियमों का उल्लंघन है। पॉलिसी में लिखा है कि (अनुवादित) “हम ऐसी ऐप्स को अनुमति नहीं देते, जो यूज़र्स को Google Play पर पहले से मौजूद ऐप जैसा अनुभव प्रदान करती हैं। ऐप्स को अपने अनोखे कॉन्टेंट और सर्विंस के जरिए से यूज़र्स को बेहतर अनुभव प्रदान करना चाहिए।"

गौरतलब है कि जैसे ही मित्रों ऐप की उत्पति को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हुए थे, तब सामने आया था कि यह ऐप पाकिस्तानी सॉफ्टवेयर डेवलपिंग कंपनी Qboxus से $34 (लगभग 2,500 रुपये) में खरीदा गया है। Qboxus के संस्थापक और सीईओ इरफान शेख ने News18 को बताया कि, (अनुवादित) “डेवलपर ने जो किया है, उससे कोई समस्या नहीं है। उन्होंने स्क्रिप्ट के लिए पैसा दिया है और इसका इस्तेमाल किया, जो ठीक है। लेकिन, समस्या उन लोगों से हैं, जो इसे एक भारतीय-निर्मित ऐप बता रहे हैं, जो पूरी तरह से सच नहीं है, क्योंकि डेवलपर्स ने इस ऐप में कोई बदलाव नहीं किया है।”

इस कड़ी में CNBC-TV18 की रिपोर्ट बताती है कि गूगल ने ऐप को रेड फ्लैग देते हुए सस्पेंड कर दिया है और कहा है कि यह ऐप Google के ‘spam and minimum functionality' पॉलिसी का उल्लंघन है।
 

Gadgets 360 की पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, मित्रों ऐप सुरक्षा और निजता को लेकर सवालों के घेरे में थी। इसकी डेवलपर वेबसाइट का लीड पेज ब्लैंक था और इसकी कोई प्राइवेसी पॉलिसी भी नहीं थी। सिक्योरिटी एनालिस्ट ने यह भी पाया कि यह ऐप आपके अकाउंट को ओपन छोड़ सकती है, जिसे कोई भी टेकओवर कर सकता है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Mitron, Google Play Store, TikTok
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स हुई दोगुनी, Tata Motors का पहला रैंक बरकरार
  2. Tecno Camon 50 Ultra 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  3. Samsung के सबसे स्टाइलिश फोन का हो सकता है The End! सामने आया बड़ा लीक
  4. Apple का iPhone 17 की मैन्युफैक्चरिंग घटाने का प्लान, कॉस्ट का बढ़ा प्रेशर
  5. Samsung के नए 2026 AI AC लॉन्च, इनमें मानसून के लिए मिलेंगे 3 खास फीचर्स
  6. Galaxy Z Fold 8, Fold 8 Ultra का प्राइस हो गया लीक, 5000mAh तक बैटरी के साथ 22 जुलाई को देंगे दस्तक!
  7. Vivo T5 Lite 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  8. Sony IER-M500 ईयरबड्स हुए लॉन्च, यूनीक कलर, पारदर्शी डिजाइन के साथ जानें खास फीचर्स
  9. Asus Vivobook 14, Vivobook 15 लैपटॉप भारत में लॉन्च, 16GB रैम, Intel Core 7 सीरीज प्रोसेसर, जानें कीमत
  10. Oppo Find N7 में मिल सकती है 6,500mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »