Google Pay से बिल भरना अब होगा महंगा, जानें किस तरह बचा सकते हैं पैसे

यह बदलाव केवल Google Pay तक सीमित नहीं है। PhonePe भी क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किए गए बिल पेमेंट पर फीस वसूलता है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 20 फरवरी 2025 20:17 IST
ख़ास बातें
  • नई फीस ट्रांजैक्शन वैल्यू के हिसाब से 0.5% से 1% तक हो सकती है
  • जनवरी 2025 में GPay ने 8.26 ट्रिलियन रुपये के UPI ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए
  • यह PhonePe के बाद दूसरा सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बना हुआ है
भारत में डिजिटल पेमेंट के बड़े प्लेटफॉर्म्स में से एक Google Pay ने अब क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किए जाने वाले बिल पेमेंट पर कंवीनियंस फीस लगानी शुरू कर दी है। यह बदलाव उन लाखों यूजर्स की जेब पर थोड़ा और भार डालेगा, जो बिजली और गैस जैसे जरूरी सर्विस के बिल बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के भरते थे। Google Pay की वेबसाइट के अनुसार, यह फीस 0.5% से 1% तक हो सकती है, जो ट्रांजैक्शन वैल्यू के आधार पर तय होगी। इसके अलावा, इस पर GST भी लागू होगा। हालांकि, UPI लिंक्ड बैंक अकाउंट से किए गए भुगतान पर किसी भी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा। हालिया समय में कई अन्य फिनटेक कंपनियों ने UPI ट्रांजैक्शंस से रेवन्यू जेनरेट करने के लिए इस तरह के कदम उठाए हैं।

Google Pay की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह नई फीस ट्रांजैक्शन वैल्यू के हिसाब से 0.5% से 1% तक हो सकती है। The Economic Times के मुताबिक, जनवरी 2025 में Google Pay ने 8.26 ट्रिलियन रुपये के UPI ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए थे, जिससे यह PhonePe के बाद दूसरा सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बना हुआ है। इससे पहले, Google Pay ने मोबाइल रिचार्ज पर 3 रुपये का कंवीनियंस चार्ज लगाया था।

यह बदलाव केवल Google Pay तक सीमित नहीं है। PhonePe भी क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किए गए बिल पेमेंट पर फीस वसूलता है। वहीं, Paytm प्लेटफॉर्म पर UPI रिचार्ज और बिल भुगतान के लिए 1 रुपये से 40 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है। यह इंडस्ट्री वाइड ट्रेंड डिजिटल पेमेंट कंपनियों के बिजनेस मॉडल को सस्टेनेबल बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, FY24 में UPI ट्रांजैक्शंस की प्रोसेसिंग लागत करीब 12,000 करोड़ रुपये रही, जिसमें से 4,000 करोड़ रुपये सिर्फ 2,000 रुपये से कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शंस पर खर्च हुए। 2020 से सरकार ने 2,000 रुपये से कम की UPI पेमेंट पर MDR (Merchant Discount Rate) खत्म कर दिया था, जिससे छोटे ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा मिल सके। हालांकि, 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 1.1% तक का शुल्क लगाया जा सकता है।

फिनटेक इंडस्ट्री में बढ़ती UPI ट्रांजैक्शंस को मॉनेटाइज करने की प्रवृत्ति को देखते हुए, आने वाले समय में अन्य प्लेटफॉर्म्स भी इस तरह की फीस लागू कर सकते हैं। फिलहाल, Google Pay यूजर्स को क्रेडिट और डेबिट कार्ड से बिल पेमेंट करते समय इस नए चार्ज का ध्यान रखना होगा।
 
 

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