OpenAI के कर्मचारी ने कहा कि AI इंजीनियर और सेल्स टीम से पहले खा लेगा रिसर्चर की नौकरी

AI का तेजी के साथ दुनिया भर में विस्तार हो रहा है और साथ-साथ ऐसे सवाल भी उठ रहे हैं क्या यह इंसानों द्वारा किए जाने वाले कई कार्यों को तेजी के साथ कर लेगा।

विज्ञापन
Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 22 जनवरी 2026 09:38 IST
ख़ास बातें
  • OpenAI के अंदर रिसर्चर की जगह सबसे पहले AI लेगा।
  • AI इंफ्रास्ट्रक्चर कोड का इस्तेमाल रिसर्चर प्रयोग करने के लिए करते हैं।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी के साथ दुनिया भर में विस्तार हो रहा है।

AI का उपयोग रिसर्च में तेजी से हो रहा है।

Photo Credit: Unsplash/ Igor Omilaev

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी के साथ दुनिया भर में विस्तार हो रहा है और साथ-साथ ऐसे सवाल भी उठ रहे हैं क्या यह इंसानों द्वारा किए जाने वाले कई कार्यों को तेजी के साथ कर लेगा। वर्तमान में कई कंपनियों ने एआई को अपने सिस्टम में शामिल करते हुए एंट्री लेवल की कई नौकरियों को खत्म करना शुरू कर दिया है। आईटी से लेकर एजुकेशन, कंटेंट क्रिएशन और हेल्थ में इसका काफी उपयोग हो रहा है। हालांकि, इसी बीच कुछ लोगों का कहना है कि यह नौकरी खत्म नहीं करेगा, बल्कि ट्रेनिंग के साथ नए अवसर लेकर आएगा और इंसानों की मदद करेगा। अब हाल ही में हाइपरबोलिक लैब्स के को-फाउंडर और सीटीओ यूचेन जिन ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर पोस्ट किया कि OpenAI के एक रिसर्चर ने उन्हें बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे पहले रिसर्चर की जगह ले लेगा। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

यूचेन जिन की पोस्ट के अनुसार, OpenAI के एक रिसर्चर ने कहा कि OpenAI के अंदर रिसर्चर की जगह सबसे पहले AI लेगा, फिर इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियर की जगह लेगा और आखिर में सेल्स डिपार्टमेंट की जगह लेगा।

सुनने में यह अटपटा लग सकता है, लेकिन ऐसा हो सकता है। विचार हमेशा सस्ते होते हैं। अधिकतर रिसर्च विचारों को पैदा करने के साथ-साथ प्रयोगों पर बेस्ड होती हैं, जो AI लगभग कर सकता है (टॉप रिसर्चर को छोड़कर)।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर कोड वह आधार है जिसका इस्तेमाल रिसर्चर प्रयोग करने के लिए करते हैं। कोडबेस बहुत बड़ा है, ट्रेनिंग डाटा में बड़े स्तर पर डिस्ट्रीब्यूट (वितरित) नहीं है, और इसमें बग होना आम बात है।

सेल्स डिपार्टमेंट पूरी तरह से मानवीय मनोविज्ञान पर निर्भर है, जिसमें मानवीय स्वभाव, भरोसा, इंसेटिव और भावनाएं शामिल हैं। एआई के लिए सबसे आखिर में यही लक्ष्य है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: OpenAI, Researcher, AI, Artificial Intelligence

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. MWC 2026: Nubia Neo 5 GT लॉन्च हुआ 6210mAh बैटरी, 144Hz डिस्प्ले के साथ, धांसू गेमिंग फीचर्स
  2. 5 हजार सस्ता खरीदें Motorola का धांसू फोन, 50MP कैमरा, 5500mAh बैटरी
  3. Apple ने भारत में  M5 चिप के साथ लॉन्च किया नया MacBook Air, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. 10 करोड़ साल पहले का डायनासोर मिला! पानी में तैरता था खूंखार शिकारी
#ताज़ा ख़बरें
  1. MWC 2026: Nubia Neo 5 GT लॉन्च हुआ 6210mAh बैटरी, 144Hz डिस्प्ले के साथ, धांसू गेमिंग फीचर्स
  2. 5 हजार सस्ता खरीदें Motorola का धांसू फोन, 50MP कैमरा, 5500mAh बैटरी
  3. Apple ने भारत में लॉन्च किया नया MacBook Pro, 16 इंच तक का डिस्प्ले, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Apple ने भारत में  M5 चिप के साथ लॉन्च किया नया MacBook Air, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Oppo Find X9 Ultra में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा, जल्द लॉन्च की तैयारी
  6. OnePlus 15T देगा धाकड़ परफॉर्मेंस, AnTuTu स्कोर में दिखा iQOO 15 Ultra जैसा दम!
  7. Tecno Camon 50 Ultra 5G में मिलेगी 6,500mAh की बैटरी, जल्द होगा लॉन्च
  8. WhatsApp के लिए चुकाने होंगे पैसे! कंपनी ला रही पेड वर्जन, मिलेंगे खास फीचर्स और कंट्रोल
  9. 17 साल तक चल सकता है Xiaomi का नया स्टडी लैम्प! 12700 ल्यूमेन की रोशनी, AI फीचर्स भी, जानें कीमत
  10. 10 करोड़ साल पहले का डायनासोर मिला! पानी में तैरता था खूंखार शिकारी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.