क्या कंपनियां AI को बना रही हैं छंटनी का बहाना? Sam Altman ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई

OpenAI के CEO Sam Altman ने कहा कि कुछ कंपनियां AI के नाम पर कर्मचारियों को निकालने का बहाना बना रही हैं, जबकि कुछ नौकरियां वास्तव में AI की वजह से प्रभावित हो रही हैं।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 23 फरवरी 2026 10:13 IST
ख़ास बातें
  • Altman बोले, कुछ कंपनियां कर रहीं AI washing
  • AI से कुछ सेक्टर में असली जॉब बदलाव
  • आने वाले सालों में असर और दिखेगा

Altman बोले, कुछ कंपनियां कर रहीं AI Washing

Photo Credit: Reuters

यह सवाल आज के समय में एक बड़ी बहस बन गया है कि AI वास्तव में नौकरियों को खत्म कर रहा है या कुछ कंपनियां इसे “AI washing” के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस पर अपने विचार शेयर करते हुए कहा है कि कुछ कंपनियां AI के नाम पर कर्मचारियों को निकालने का बहाना बना रही हैं, जबकि असली तकनीकी बदलाव की वजह से भी कुछ नौकरियां प्रभावित हो रही हैं। हालांकि, उनकी यह बात हालिया समय में दिए अन्य टेक दिग्गजों के बयान के विपरीत है, जिनका मानना है कि AI इंसानों की जॉब के लिए बड़ा खतरा है।

Sam Altman ने यह बयान CNBC TV-18 के साथ एक इंटरव्यू में दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि AI नौकरियों पर असर डाल रहा है, लेकिन हर एक छंटनी का कारण AI नहीं है। ऑल्टमैन ने कहा, "मुझे नहीं पता कि सही प्रतिशत कितना है, लेकिन कुछ कंपनियां AI washing कर रही हैं, यानी वे उन्हीं छंटनियों को भी AI से जोड़ देते हैं, जो वे वैसे भी करने वाली थीं।" हालांकि, सैम ने यह भी माना कि AI के कारण कुछ नौकरियां वास्तव में बदल या खत्म हो रही हैं और आने वाले कुछ सालों में इसका प्रभाव और स्पष्ट दिखेगा, हालांकि नई तरह की नौकरियां भी पैदा होंगी।

हाल के दौर में कई बड़ी कंपनियों ने छंटनी की घोषणाएं की हैं, जिनमें AI को एक वजह के रूप में बताया गया है। उदाहरण के लिए बेंगलुरु बेस्ड होम डेकोर स्टार्टअप Livspace ने करीब 1,000 कर्मचारियों को निकाला है, जिसका हिस्सा AI-ऑपरेटेड रीस्ट्रक्चरिंग बताया गया है। Amazon तो इस रास्ते पर सबसे आगे प्रतीत होता है, जिसने हालिया महीनों में एक के बाद एक बड़े लेऑफ्स किए और कंपनी के सीनियर एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि इसके पीछे एक कारण भविष्य में कंपनी का बड़े पैमाने पर AI-ऑपरेटेड रीस्ट्रक्चरिंग करना है।

AI स्पेस में अन्य लीडर्स ने भी अपनी राय दी है। उदाहरण के लिए Anthropic के CEO Dario Amodei ने चेतावनी दी है कि यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि AI उतनी नौकरियां पैदा करेगा जितनी यह खत्म करेगा, जबकि Microsoft के AI प्रमुख Mustafa Suleyman ने संकेत दिया है कि व्हाइट कॉलर नौकरियां भी AI के कारण बदल सकती हैं।

कुल मिलाकर देखा जाए तो इस समय AI और रोजगार के बीच बैलेंस ढूंढना पूरी तरह तय नहीं है। कुछ नौकरियों पर AI का असर साफ देखा जा रहा है, लेकिन “AI washing” का चलन यह संकेत देता है कि हर छंटनी का कारण तकनीक नहीं हो सकता, बल्कि कंपनियों की स्ट्रैटेजी, लागत घटाने और रीस्ट्रक्चरिंग जैसे कारण भी भूमिका निभा सकते हैं।

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 7050mAh बैटरी वाले iQOO Z11 की आज से सेल शुरू, लिमिटेड समय के लिए मिल रही है ₹4 हजार की छूट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple ने भारत में लॉन्च किए Mac Studio और Mac Mini के नए वर्जन, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Nokia 300 Charge फीचर फोन हुआ लॉन्च, 3,700mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Vivo T5 5G अगले महीने होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट
  4. सैटेलाइट इंटरनेट के लिए भारत में छिड़ने वाली है जंग? Starlink-Jio के बाद अब हो रही एक और बड़ी एंट्री
  5. Infinix Hot 70 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6.76 इंच फुल HD+ डिस्प्ले
  6. क्रिप्टो मार्केट को मिला कमजोर डॉलर का फायदा, Bitcoin का प्राइस 81,000 डॉलर से ज्यादा
  7. रोबोट ने उज्जैन में किया सैंडविच शॉप का देसी अंदाज में उद्घाटन, देखें वायरल वीडियो
  8. ₹8 हजार में Xiaomi का नया Air Purifier, साथ में आया बड़ा मॉडल; जानें स्पेसिफिकेशन्स
  9. जब हर कंपनी महंगे कर रही अपने स्मार्टफोन, वहां Samsung ने फ्लैगशिप फोन कर दिया ₹15,000 सस्ता
  10. Vivo T5 5G भारत में 2 सितंबर को होगा लॉन्च, इस प्राइस रेंज में आएगा अपकमिंग स्मार्टफोन
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.