क्या गाय का गोबर चलाएगा AI? डेटा सेंटर के लिए बिजली बनाने का नया तरीका

AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती बिजली जरूरत को पूरा करने के लिए Renewable Natural Gas पर जोर दिया जा रहा है। यह गैस गाय के गोबर से निकलने वाली मीथेन को प्रोसेस करके तैयार की जाती है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 7 जुलाई 2026 12:45 IST
ख़ास बातें
  • गाय के गोबर से बनने वाली गैस AI डेटा सेंटर्स को बिजली देने में करेगी मदद
  • डेटा सेंटर्स की बिजली खपत 2030 तक दोगुनी से ज्यादा होने का अनुमान
  • Renewable Natural Gas से बिजली के साथ मीथेन एमिशन भी कम किया जा सकता है

Photo Credit: AI Generated

Artificial Intelligence (AI) जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से उसकी बिजली की जरूरत भी बढ़ रही है। बड़े AI मॉडल्स को ट्रेन और रन करने के लिए विशाल डेटा सेंटर्स की जरूरत होती है, जो भारी मात्रा में बिजली खर्च करते हैं। ऐसे में दुनिया भर की टेक कंपनियां और एनर्जी सेक्टर नई एनर्जी के सोर्स तलाश रहे हैं। इसी बीच एक ऐसा ऑप्शन सामने आया है, जिसका संबंध डेयरी फार्म और गाय के गोबर से है। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे AI डेटा सेंटर्स को बिजली देने में मदद मिल सकती है। चलिए विस्तार से जानते हैं कैसे।

आखिर गाय के गोबर से कैसे बनेगी बिजली?

ये तो हम सभी जानते हैं कि गाय के गोबर के सड़ने पर बड़ी मात्रा में मीथेन गैस निकलती है। अगर इसे सीधे वातावरण में छोड़ दिया जाए तो यह कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में कहीं ज्यादा असरदार ग्रीनहाउस गैस मानी जाती है। इस समस्या का समाधान नवीकरणीय प्राकृतिक गैस (Renewable Natural Gas (RNG)), यानी बायोमीथेन के रूप में देखा जा रहा है।

Advertisement

अमेरिकी उर्जा विभाग का कहना है कि इसके लिए गोबर को ऑक्सीजन रहित बंद टैंकों (Anaerobic Digesters) में रखा जाता है, जहां सूक्ष्मजीव उसे तोड़कर बायोगैस तैयार करते हैं। बाद में इस गैस को साफ करके उसमें मौजूद अशुद्धियां हटाई जाती हैं। इसके बाद जो गैस बचती है, वही RNG कहलाती है।

AI डेटा सेंटर्स के लिए क्यों है जरूरी?

AI डेटा सेंटर्स 24 घंटे चलते हैं और उन्हें लगातार बिजली की जरूरत होती है। सोलर और विंड एनर्जी मौसम पर निर्भर रहती हैं, जबकि RNG से गैस आधारित पावर प्लांट लगातार बिजली पैदा कर सकते हैं। यही वजह है कि इसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन माना जा रहा है।

Advertisement

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, साल 2030 तक दुनिया भर के डेटा सेंटर्स की बिजली खपत करीब 945 टेरावॉट-आवर (TWh) तक पहुंच सकती है, जो मौजूदा समय से दोगुनी से भी ज्यादा होगी। इसमें सबसे बड़ा योगदान AI का रहने की उम्मीद है।

एक साथ दो समस्याओं का समाधान

RNG की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे सिर्फ बिजली ही नहीं बनती, बल्कि खेती और पर्यावरण को भी फायदा हो सकता है। गोबर से निकलने वाली मीथेन को पकड़कर उसका इस्तेमाल करने से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम किया जा सकता है। वहीं, इस प्रोसेस के बाद बचा पदार्थ जैविक खाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Advertisement

क्या AI की पूरी बिजली जरूरत पूरी कर सकता है RNG?

एक्सपर्ट्स का मानना (via Sentient Media) है कि इसका जवाब नहीं है। AI की बढ़ती बिजली मांग इतनी बड़ी है कि सिर्फ RNG से इसे पूरा नहीं किया जा सकता। इसलिए भविष्य में न्यूक्लियर एनर्जी, जियोथर्मल, सोलर, विंड, बैटरी स्टोरेज और RNG जैसी कई तकनीकों का एक साथ इस्तेमाल करना होगा।

भविष्य में बढ़ सकती है ऐसी तकनीकों की भूमिका

AI के विस्तार के साथ दुनिया की ऊर्जा जरूरतें भी बदल रही हैं। कुछ साल पहले तक शायद ही किसी ने सोचा होगा कि हाई-परफॉर्मेंस AI डेटा सेंटर्स को चलाने में गाय के गोबर से बनी गैस की भी भूमिका हो सकती है। हालांकि यह अकेला समाधान नहीं है, लेकिन भविष्य की ऊर्जा रणनीति में इसे एक अहम ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

Advertisement

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi K100 में मिलेगा 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  2. Poco X8s लॉन्च हुआ 6300mAh बैटरी फीचर, IP68 रेटिंग के साथ
  3. Motorola के नए वाइड-फोल्डिंग स्मार्टफोन में मिल सकता है Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट
  4. स्मार्टफोन मार्केट में जल्द होगी Karbonn Mobiles की वापसी, Karbonn Rebel 5G के लॉन्च की तैयारी
  5. OnePlus Ace 7 सीरीज में गेमिंग के लिए मिलेगा एक्टिव कूलिंग सिस्टम
  6. ₹15000 में खरीदना है नया 5G फोन: Mivi One 5G vs HMD Vibe 2 5G vs Samsung Galaxy F16 5G में कौन सा रहेगा बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Realme C01 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 6,500mAh हो सकती है बैटरी
  2. स्मार्टफोन मार्केट में जल्द होगी Karbonn Mobiles की वापसी, Karbonn Rebel 5G के लॉन्च की तैयारी
  3. Motorola के नए वाइड-फोल्डिंग स्मार्टफोन में मिल सकता है Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट
  4. OnePlus Ace 7 सीरीज में गेमिंग के लिए मिलेगा एक्टिव कूलिंग सिस्टम
  5. SBI डाटा लीक, क्या हुआ और कैसा डाटा था, अकाउंट है तो क्या करना चाहिए?
  6. Honor WIN 2 हुआ लॉन्च, 10100mAh बैटरी, 200MP दो कैमरा के साथ, जानें कीमत
  7. Honor WIN Turbo2 लॉन्च: 12070mAh बैटरी, 50MP कैमरा से लैस, जानें सबकुछ
  8. Redmi K100 में मिलेगा 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  9. Oppo की पहला वाइड फोन लॉन्च करने की तैयारी! 8000mAh बैटरी
  10. भारत में गिरी स्मार्टफोन की बिक्री, फोन महंगे होने से 26% हुई कम शिपमेंट, जानें टॉप 5 में कौन रहा आगे
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.