देश की सरकार अब बढ़ते साइबर क्राइम और वित्तीय स्कैम पर लगाम लगाने के लिए सख्ती अपना रही है।
टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 का सेक्शन 42(3)(c) टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर के साथ छेड़छाड़ पर रोक लगाता है।
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देश की सरकार अब बढ़ते साइबर क्राइम और वित्तीय स्कैम पर लगाम लगाने के लिए सख्ती अपना रही है। हाल ही में डिपार्टमेंट ऑफर टेलीकम्युनिकेशंस(DoT) ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर जैसे मोबाइल डिवाइस का IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ या उनका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर के गलत उपयोग से नागरिकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है और टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क की सिक्योरिटी और इंटीग्रिटी के लिए खतरा पैदा हो सकता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
कानूनी सजा
किसी भी तरह की कानूनी सजा या जुर्माने से बचने के लिए नागरिकों को ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल, खरीद या असेंबल न करने की सलाह दी जाती है, जैसे कि मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या ऐसे इक्विपमेंट जिनके IMEI को कॉन्फिगर किया जा सकता है या जिनके साथ छेड़छाड़ की गई है।
फर्जी डॉक्यूमेंट से सिम लेने पर सख्त सजा
नागरिकों को फेक डॉक्यूमेंट, फ्रॉड, जालसाजी या किसी और के नाम का सहारा लेकर सिम कार्ड लेने को लेकर चेतावनी दी गई है। किसी को भी अपने नाम पर लिए गए सिम कार्ड दूसरों को ट्रांसफर करने, बेचने या किराए पर देने की अनुमति भी नहीं है। कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) या अन्य टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर को बदलने के लिए मोबाइल ऐप, वेबसाइट या किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल करने को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। अगर कोई नागरिक अपने नाम पर सिम कार्ड लेने के बाद में उन्हें साइबर फ्रॉड या किसी अन्य गैर-कानूनी गतिविधि में इस्तेमाल के लिए उधार देता है, किराए पर देता या म्यूलिंग करता है तो कानूनी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है।
सावधान रहना है जरूरी
अगर कोई छेड़छाड़ किए गए IMEI नंबर वाले डिवाइस का इस्तेमाल करता है, फ्रॉड तरीके से SIM कार्ड लेता है या गलत इस्तेमाल करने वालों को SIM कार्ड देता है तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कदम उठा सकती है। नागरिकों को ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए। नागरिक अपने मोबाइल फोन को वेरिफाई और सिक्योर करने के लिए संचार साथी पहल के तहत उपलब्ध डिजिटल टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
संचार साथी से मिलेगी मदद
मोबाइल की IMEI जानकारी संचार साथी प्लेटफॉर्म के जरिए वेरिफाई की जा सकती है। इस सर्विस से लोगों को डिवाइस से संबंधित जानकारी जैसे ब्रांड का नाम, मॉडल का नाम और बनाने वाली कंपनी की जानकारी देखने की सुविधा मिलती है। सरकार ने टेलीकम्युनिकेशन रिसोर्स के गलत इस्तेमाल को रोकने और भारत के टेलीकम्युनिकेशन इकोसिस्टम की सुरक्षा और मजबूती के लिए कई कदम उठाए हैं। लोग अपने मोबाइल कनेक्शन और डिवाइस को वेरिफाई और सिक्योर करने के लिए संचार साथी पहल के तहत उपलब्ध कई सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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