क्या मंगल की सतह के नीचे पानी मौजूद है? नई रिसर्च ने पुराने दावों पर उठाए सवाल

जाकोस्की का तर्क है कि जिस भूकंपीय डेटा के आधार पर यह दावा किया गया था, उसकी व्याख्या अलग तरह से भी की जा सकती है।

विज्ञापन
Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 28 मार्च 2025 12:27 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों का मानना रहा है कि मंगल कभी पानी से भरपूर था
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के ब्रूस जाकोस्की ने इसपर सवाल उठाए हैं
  • मंगल की क्रस्ट में मौजूद छेदों में जरूरी नहीं कि पानी ही भरा हो: ब्रूस

Photo Credit: Pixabay

वैज्ञानिकों का मानना रहा है कि मंगल कभी पानी से भरपूर था। प्राचीन नदी घाटियों, बाढ़ चैनलों और पानी की मौजूदगी में बनने वाले खनिजों के सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि वहां कभी तरल पानी बहता था। लेकिन यह लाल ग्रह अपनी मौजूदा शुष्क स्थिति तक कैसे पहुंचा, इस पर अभी भी बहस जारी है। हाल ही में एक शोध में दावा किया गया था कि मंगल की सतह के नीचे भारी मात्रा में पानी जमा हो सकता है, लेकिन अब इस दावे को चुनौती दी गई है।

PNAS (Proceedings of the National Academy of Sciences) में पब्लिश हुई एक नई स्टडी बताती है कि यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट ब्रूस जाकोस्की ने इस विचार पर सवाल उठाए हैं कि मंगल की मिड-क्रस्ट (सतह के नीचे की परत) पानी से भरी हो सकती है। इससे पहले, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वॉन राइट और उनकी टीम ने NASA के InSight मिशन के डेटा का विश्लेषण करके बताया था कि मंगल की गहराई में मौजूद दरारों वाली आग्नेय चट्टानें पानी जमा करने की क्षमता रखती हैं।

हालांकि, जाकोस्की का तर्क है कि जिस भूकंपीय डेटा के आधार पर यह दावा किया गया था, उसकी व्याख्या अलग तरह से भी की जा सकती है। उनके मुताबिक, मंगल की क्रस्ट में मौजूद छिद्रों में जरूरी नहीं कि तरल पानी ही भरा हो। उन्होंने कहा कि मंगल की सतह के नीचे बर्फ या खाली जगह भी हो सकती है, जिससे पानी की सटीक मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

राइट की स्टडी में अनुमान लगाया गया था कि अगर मंगल की क्रस्ट में मौजूद सभी छिद्र पानी से भरे हों, तो यह पानी ग्रह की सतह पर 1 से 2 किलोमीटर की गहराई तक फैल सकता है। लेकिन जाकोस्की के मुताबिक, यह अनुमान सही नहीं हो सकता क्योंकि इन छिद्रों में ठोस बर्फ हो सकती है या फिर ये पूरी तरह खाली भी हो सकते हैं। इसका मतलब है कि मंगल की सतह के नीचे पानी की मात्रा शून्य से लेकर 2 किलोमीटर तक कुछ भी हो सकती है, जिससे स्थिति पहले से भी ज्यादा अनिश्चित हो गई है।

फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं है कि मंगल की क्रस्ट में वाकई पानी मौजूद है या नहीं। डेटा इसकी संभावनाओं को नकारता भी नहीं है, लेकिन पुष्टि भी नहीं करता। जाकोस्की के अनुसार, इस रहस्य को सुलझाने के लिए अगली स्पेस मिशनों की ज्यादा सटीक माप जरूरी होगी।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Mars, water on Mars

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. अब AI से बातचीत करके बनेगा ट्रिप प्लान, MakeMyTrip और OpenAI ने मिलाया हाथ
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में Samsung Galaxy S26 सीरीज के लिए प्री-बुकिंग कराने वाले कस्टमर्स को मिलेगा मुफ्त स्टोरेज अपग्रेड
  2. Vivo X300 FE में मिल सकते हैं RAM और स्टोरेज के 2 वेरिएंट
  3. Pixel 10a भारत में लॉन्च: 48MP कैमरा, 5100mAh बैटरी वाले फोन को 7 साल तक मिलेंगे OS अपडेट्स! जानें कीमत
  4. Samsung Galaxy S26 के लॉन्च से पहले धमाका! प्री-रिजर्वेशन के साथ Rs 50 हजार तक जीतने का मौका
  5. अब AI से बातचीत करके बनेगा ट्रिप प्लान, MakeMyTrip और OpenAI ने मिलाया हाथ
  6. Tecno Camon 50, Camon 50 Pro लॉन्च हुए 50MP कैमरा, 6150mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  7. इंटरनेशनल टेक कंपनियों को करना होगा भारत के संविधान का पालन, सरकार ने दी हिदायत 
  8. क्या है वो रोबोट डॉग जिसने AI Summit में Galgotias University से उसका पवेलियन छीन लिया? यहां जानें पूरी कहानी
  9. Maruti Suzuki ने लॉन्च की e Vitara, जानें प्राइस, रेंज
  10. Google I/O 2026: इस दिन होगा Google का सबसे बड़ा डेवलपर कॉन्फ्रेंस, इवेंट में दिखेगा AI का जलवा?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.