पृथ्वी से टकराया सौर तूफान, बिजली ग्रिड के साथ सैटेलाइट ऑपरेशन भी प्रभावित

इस G1 तूफान के कारण बिजली ग्रिड लाइनों में उतार-चढ़ाव हुआ था। इतना ही नहीं, कथित तौर पर इससे सैटेलाइट फंग्शन्स भी प्रभावित हुए।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 21 जुलाई 2022 20:20 IST
ख़ास बातें
  • सूर्य पर मौजूद फिलामेंट सोलर मटेरियल के बादल होते हैं
  • इन फिलामेंट को बेहद अस्थिर माना जाता है
  • सोलर फिलामेंट्स को पहली बार 12 जुलाई को देखा गया था

इन सोलर फिलामेंट्स को पहली बार 12 जुलाई को देखा गया था

हाल ही में हमारा ग्रह सूर्य पर फायर फिलामेंट का एक विशाल हिस्सा टूटने से पैदा हुई सौर वायु की चपेट में आया। शुरुआत में इस घटना के 20 या 21 जुलाई को होने की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन ऐसा बुधवार को हुआ। हालांकि, यह चिंता की बात नहीं है, क्योंकि यह G1 जियोमैग्नेटिक तूफान हल्का था, जो पृथ्वी पर जीवन के लिए कोई खतरा नहीं था। वास्तव में, अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी के अनुसार, इस घटना की वजह से पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में साफ औरोरा दृश्य देखने को मिले।

सूर्य पर मौजूद फिलामेंट सोलर मटेरियल के बादल होते हैं, जो शक्तिशाली मैग्नेटिक फोर्स के कारण इसके ऊपर मंडराते रहते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के अनुसार, इन फिलामेंट को बेहद अस्थिर माना जाता है और ये कई दिनों या हफ्तों तक मौजूद रह सकते हैं।
Advertisement

SpaceWeather.com के अनुसार, सोलर फिलामेंट्स को पहली बार 12 जुलाई को देखा गया था, जब एस्ट्रोनॉमर्स ने सूर्य के ब्राइट बैकग्राउंड के आगे काले धागे जैसी रेखाओं को देखा था। इसके बाद 15 जुलाई को, फूटने से पहले एक फिलामेंट सूर्य के उत्तरी गोलार्ध में चला गया, जिसकी वजह से आग की एक विशाल घाटी पैदा हो गई, जिसकी लंबाई 3,84,400 km और गहराई 20,000 km थी। इस घाटी ने सोलर मटेरियल को हमारे ग्रह की ओर भेजा।

इस तरह के सोलर फिलामेंट पृथ्वी की दिशा में खतरनाक सोलर विंड (सौर वायु) धकेल सकते हैं, जिन्हें कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) कहते हैं। सौर तूफानों को उनकी शक्ति के बढ़ते क्रम में G1, G2, और G3 के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Advertisement

अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी डॉ तमिथा स्कोव ने भी अपने ट्वीट में सौर तूफान के पृथ्वी से टकराने की संभावना की जानकारी दी थी।
Advertisement

यह भी कहा गया था कि इस G1 तूफान के कारण बिजली ग्रिड लाइनों में उतार-चढ़ाव हुआ था। इतना ही नहीं, कथित तौर पर इससे सैटेलाइट फंग्शन्स भी प्रभावित हुए।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , solar winds, Solar Storms

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. HMD ने नोकिया की यादों को ताजा करते हुए Asha 305 किया पेश, 32 घंटे चलेगी बैटरी, सस्ते दामों में मिलेगा स्मार्ट
  2. HMD Key 2 बजट फोन जल्द हो सकता है लॉन्च! 13MP डुअल कैमरा, 5000mAh बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 18 Pro लॉन्च होते ही महंगे हुए पुराने iPhones, 17 से लेकर Air तक की कीमत बढ़ी
  2. iPhone 18 Pro कहां सबसे सस्ता? दुबई, सिंगापुर से लेकर अमेरिका तक, कीमत में इतना अंतर
  3. '10 सालों में AI इंसानों को खत्म कर देगा', Anthropic रिसर्चर ने दी चेतावनी, छोड़ी नौकरी!
  4. iPhone 18 Pro से फोल्डेबल Duo तक, Apple के नए प्रोडक्ट्स की भारत में इतनी है कीमत
  5. PhonePe से अब विदेशों में करें VISA पेमेंट! नहीं पड़ेगी कार्ड की जरूरत, बना भारत का पहला ऐप
  6. HMD Key 2 बजट फोन जल्द हो सकता है लॉन्च! 13MP डुअल कैमरा, 5000mAh बैटरी
  7. 500 रुपये से कम में 5 वायर्ड ईयरफोन, JBL और boAt जैसे कई ऑप्शन
  8. Apple Watch Ultra 4 लॉन्च हुई 50 घंटे की बैटरी के साथ, S11 चिप से लैस, जानें कीमत
  9. Apple Watch Series 12 हुई लॉन्च, नई S11 चिप, 38 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  10. Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च, बुक स्टाइल के साथ डबल कैमरा से लैस, जानें कितना है खास
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.