'ये हेलमेट सब जानता है'! वैज्ञानिकों ने बनाया दिमाग पढ़ने वाला हेलमेट! जानें इसके बारे में

रिसर्च के प्रमुख सीटी लिन के मुताबिक, यह शोध बताता है कि उन्होंने EEG वेव्स को सीधे लैंग्वेज में बदलने का अपनी तरह का पहला काम किया है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 20 दिसंबर 2023 11:38 IST
ख़ास बातें
  • इससे न्यूरोसाइंस के नए आयाम खुलेंगे।
  • AI की मदद से इसमें बहुत प्रगति की जा सकती है।
  • हेलमेट में इलेक्ट्रोएंसीफेलोग्राम लगा है जिसे EEG भी कहते हैं।

वैज्ञानिकों ने दिमाग को पढ़ने वाला हेलमेट तैयार किया है।

न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में एक नया क्रांतिकारी प्रयोग किए जाने का दावा वैज्ञानिकों ने किया है। जो मनुष्य के दिमाग में चल रहे विचारों को पढ़कर उसे लिखित भाषा में बदल कर पेश कर सकता है। वैज्ञानिकों ने दिमाग को पढ़ने वाला हेलमेट तैयार कर लिया है। जी हां, सिडनी टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के ग्राफिनेक्स यूटीएस ह्यूमन सेंट्रिक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस सेंटर के शोधकर्ताओं ने ऐसा पोर्टेबल हेलमेट तैयार किया है जो इंसान के दिमाग में चल रहे विचारों को पढ़कर लिख सकता है। यह दुनिया का पहला हेलमेट है जो माइंड रीड कर सकता है। इस खोज से कई तरह के फायदे होने की बात कही गई है। 

दिमाग को पढ़ने वाले हेलमेट के जरिए ऐसे लोगों की मदद की जा सकेगी जो अंदर से बीमार हैं लेकिन किसी से बात कह नहीं पाते हैं। जैसे कि पैरालिसिस या स्ट्रोक के पेशेंट, जो दूसरों से बात नहीं कर पाते हैं। इसके अलावा इससे इंसानों और मशीनों के बीच में बेहतर संपर्क साधने में मदद मिलेगी। जिससे आने वाले समय में रोबोट्स, बायोनिक आर्म्स वगैरह को कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी। 

ये कैसे काम करता है, ये भी जान लें। दरअसल प्रयोग के दौरान भागीदारों ने सिर पर ये हेलमेट पहना और किताब से कुछ पढ़ना शुरू किया। हेलमेट में इलेक्ट्रोएंसीफेलोग्राम लगा है जिसे EEG भी कहते हैं। यह दिमाग में चल रही विद्युतीय गतिविधि को खोपड़ी की त्वचा के माध्यम से कैप्चर करता है। इसमें सेंसर लगे हैं। जैसे ही व्यक्ति कुछ सोचने लगता है, सेंसर अपना काम शुरू कर देते हैं। ये ब्रेन वेव को रिकॉर्ड करते हैं और उसके बाद इन वेव्स को टेक्स्ट में बदल देते हैं जो कि ओरिजनल टेक्स्ट से काफी मिलता जुलता होता है। यानी पता लग जाता है कि इंसान के दिमाग में क्या विचार चल रहा था। 

रिसर्च के प्रमुख सीटी लिन के मुताबिक, यह शोध बताता है कि उन्होंने EEG वेव्स को सीधे लैंग्वेज में बदलने का अपनी तरह का पहला काम किया है। यह इस क्षेत्र में क्रांति ला देगा। इससे न्यूरोसाइंस के नए आयाम खुलेंगे और AI की मदद से इसमें बहुत प्रगति की जा सकती है। कहा गया है कि 29 लोगों ने इसमें भाग लिया था। जिसमें से 40% रिजल्ट्स में शोधकर्ताओं ने सफलता पाई है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Bharat Taxi launch: सस्ती, सरकारी कैब बुकिंग सर्विस Bharat Taxi में क्या है अलग, कैसे करें कैब बुक, यहां जानें
  2. Lenovo AI ग्लासेस कॉन्सेप्ट देगा Apple और Meta को टक्कर, टेलीप्रॉम्प्टर मोड से लेकर धांसू AI फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola Electric की बढ़ी सेल्स, Hyperservice से मिला फायदा
  2. Moto X70 Air Pro में मिल सकती है 50 मेगापिक्सल की ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  3. Oppo Reno 15 Pro Max लॉन्च हुआ 200MP कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  4. Lenovo AI ग्लासेस कॉन्सेप्ट देगा Apple और Meta को टक्कर, टेलीप्रॉम्प्टर मोड से लेकर धांसू AI फीचर्स
  5. Xiaomi 17, Xiaomi 17 Ultra भारत में होगा मार्च में लॉन्च, इस डिवाइस की भी है तैयारी
  6. Oppo Reno 15 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  7. आज चिंता में नासा! 3 एस्टरॉयड को लेकर दिया अलर्ट
  8. पब्लिक चार्जर उपयोग करने में नहीं रहेगा कोई डर, iPhone का ये फीचर आएगा काम, ऐसे करें इस्तेमाल
  9. iPhone 18 Pro Max, OLED MacBook, iPhone 17e लॉन्च के साथ Apple 2026 में करेगी धमाका!
  10. Oppo Reno 15 vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.