वैज्ञानिकों ने Particle-armored Liquid Robot तैयार किया है, जो बाधा पार करने के लिए खुद को अलग-अलग हिस्सों में बांट सकता है और फिर दोबारा जुड़ सकता है।
वैज्ञानिकों ने ऐसा Liquid Robot बनाया जो टुकड़ों में बंटकर फिर जुड़ सकता है
Photo Credit: AI Generated
रोबोटिक्स में आमतौर पर रोबोट को ठोस ढांचे और मोटर जैसी चीजों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसा Liquid Robot तैयार किया है जो काफी हद तक जीवित कोशिकाओं (Living Cells) की तरह अपना आकार बदल सकता है। यह रोबोट रास्ते में किसी बाधा से टकराने पर अलग-अलग हिस्सों में बंट सकता है और फिर दोबारा जुड़कर एक यूनिट बन सकता है। इसे Particle-armored liquid robot यानी PB नाम दिया गया है। यह रिसर्च दक्षिण कोरिया की सोल नेशनल यूनिवर्सिटी और गाचोन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है।
इस रिसर्च को मार्च 2025 को Science Advances जर्नल में पब्लिश किया गया था। हालांकि, इसके वीडियो और रिसर्च के डेमो सोशल मीडिया पर दोबारा चर्चा में आने की वजह से यह तकनीक अभी वायरल हो रही है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
इस रोबोट को बनाने के लिए एक छोटे Liquid Blob को बेहद घनी परत में सुपरहाइड्रोफोबिक यानी पानी को दूर रखने वाले माइक्रोपार्टिकल्स से कवर किया गया है। ये छोटे पार्टिकल्स लिक्विड के चारों तरफ एक तरह की मजबूत लेकिन लचीली आर्मर बना देते हैं।
यही डिजाइन इस रोबोट को एक साथ दो अलग-अलग खूबियां देता है। अंदर मौजूद लिक्विड की वजह से यह आसानी से अपना आकार बदल सकता है, जबकि बाहर मौजूद पार्टिकल लेयर इसे इतना स्थिर रखती है कि यह दबाव और दूसरी बाहरी परिस्थितियों को सह सके। रिसर्च में इन रोबोट्स का आकार कुछ मिलीमीटर के स्तर पर था।
इस लिक्विड रोबोट की सबसे दिलचस्प क्षमता इसका स्प्लिट और मर्ज होना है। वैज्ञानिकों ने इसे छोटे-छोटे खंभों वाली बाधा के बीच से गुजरते हुए टेस्ट किया। जब रोबोट किसी खंभे से टकराता है, तो उसका आगे वाला हिस्सा दबाव के कारण अलग हो सकता है। इसके बाद पीछे का हिस्सा भी अलग होने लगता है।
लेकिन यहां दिलचस्प हिस्सा यह है कि बाधा पार करने के बाद इसके अलग हुए हिस्से फिर से एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। यानी रोबोट बाधा को पार करने के लिए अस्थायी तौर पर अपना शरीर बदलता है और फिर दोबारा एक यूनिट की तरह काम करने लगता है।
This one actually made me pause.
Scientists built a robot made of liquid.
Not flexible.
Liquid.
It can split, merge, squeeze through tiny spaces, and then re-form.
When it breaks, it heals itself.
No motors.
No joints.
No rigid body.
I've spent years thinking about AI as the… pic.twitter.com/AuXV61BgQN
वापस जोड़ने के लिए रिसर्चर्स ने Acoustic Radiation Force यानी अल्ट्रासोनिक तरंगों से पैदा होने वाले बल का इस्तेमाल किया। जब दोनों लिक्विड रोबोट्स एक-दूसरे के करीब आए और उन पर पर्याप्त फोर्स लगाया गया, तो उनके बीच लिक्विड ब्रिज बना और दोनों धीरे-धीरे मिलकर एक बड़ा रोबोट बन गए।
रिसर्च में दो अलग-अलग रोबोट्स के अंदर अलग-अलग पदार्थ भी रखे गए थे। दोनों के Merge होने के बाद उनके अंदर मौजूद पदार्थों के बीच रासायनिक रिएक्शन हुआ, जिससे पूरे लिक्विड रोबोट का रंग बदल गया। इससे वैज्ञानिकों ने यह भी दिखाया कि ऐसे रोबोट भविष्य में छोटे माइक्रोरिएक्टर की तरह काम कर सकते हैं।
यह रोबोट खुद से इंसान की तरह फैसला लेकर घूमने वाला ऑटोनोमस रोबोट नहीं है। रिसर्च में इसे कंट्रोल करने के लिए अल्ट्रासॉनिक ट्रांसड्यूसर का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों ने 24kHz की अल्ट्रासाउंड-बेस्ड अकूस्टिक रेडिएसन फोर्स के जरिए PB को धक्का देने, घुमाने और अलग-अलग दिशा में ले जाने का प्रयोग किया।
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