एलियंस की तलाश में अपने सैटेलाइट्स की मदद लेगी Nasa! यह है तैयारी

पिछले महीने नासा ने ऐलान किया था कि वह सैकड़ों एनएक्‍सप्‍लैंड UFO देखे जाने के संबंध में एक जांच शुरू कर रहा है, जो 8 महीने तक चलेगी।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 31 जुलाई 2022 19:39 IST
ख़ास बातें
  • UFO को लेकर अपनी जांच शुरू कर चुकी है नासा
  • इसमें सैटेलाइट्स की भूमिका को देखा जा रहा है
  • यह सब UAP को लेकर हो रहे एक बड़े अध्ययन का हिस्‍सा है

पिछले महीने नासा ने UAP को स्‍टडी करने की अपनी योजना का खुलासा किया था।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने UFO की तलाश तेज कर दी है। वह जल्‍द एलियंस तक पहुंचना चाहती है और इसके लिए अपने सैटेलाइट्स को भी इस मिशन में लगाने की तैयारी कर रही है। नासा का कहना है कि वह अपने सैटेलाइट्स को एलियंस की खोज करने वालीं डिवाइसेज में बदलने पर विचार कर रहा है। पिछले महीने नासा ने ऐलान किया था कि वह सैकड़ों एनएक्‍सप्‍लैंड UFO देखे जाने के संबंध में एक जांच शुरू कर रही है, जो 8 महीने तक चलेगी। जांच शुरू कर चुकी टीम यह पता लगा रही है कि क्या पृथ्वी से रिपोर्ट की गई अजीब हवाई घटनाओं पर एक और दृष्टिकोण देने के लिए स्‍पेस में सैटेलाइट्स को फिर से तैयार किया जा सकता है।

यह अज्ञात हवाई घटनाओं यानी अनआइडेंटिफाइड एरियल फिनामनान (UAP) को लेकर हो रहे एक बड़े अध्ययन का हिस्‍सा है, जो इस साल के आखिर में शुरू होने वाला है। डेली स्‍टार ने टेलीग्राफ के हवाले से लिखा है कि नासा के डेप्‍यूटिंग एडमिनिस्‍ट्रेटर पाम मेलरॉय ने लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी टीम इस तरह के सवालों को देखने जा रही है कि क्या हमारे पास ऐसे सेंसर हैं जो चीजों को देख सकते हैं। 

उन्‍होंने कहा, सवाल यह भी है कि हमारे पास ढेरों सैटेलाइट्स हैं जो पृथ्वी की ओर देख रहे हैं, क्या उनमें से कोई उपयोगी है? अपनी बात को समझाते हुए उन्‍होंने कहा कि मंगल ग्रह पर जाने वाले रोवर का निर्माण करने से पहले यह जरूरी यह पता लगाना है कि वहां सबसे खास चीज ढूंढने के लिए कौन से सेंसर बनाने होंगे। 

पिछले महीने नासा ने UAP को स्‍टडी करने की अपनी योजना का खुलासा किया था। इसके तहत एजेंसी उस तकनीक को इस्‍तेमाल करने की योजना बना रही है, जो अंतरिक्ष में मौजूद है यानी कोई नई तकनीक इस स्‍टडी के लिए फ‍िलहाल ईजाद नहीं की जाएगी। नासा की योजना फ‍िलहाल इस बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा डेटा इकट्ठा करने की है। 

नासा का भी यही कहना है कि UFO, UAP या एलियंस के बारे में बताने के लिए उसके पास फ‍िलहाल कोई सबूत नहीं है। लेकिन इस पर काम करना जरूरी है क्‍यो‍ंकि इसका राष्‍ट्रीय सुरक्षा व एयर सेफ्टी पर असर पड़ता है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon Great Freedom Sale: स्मार्टफोन, लैपटॉप मिलेंगे बंपर सस्ते, डील्स का हुआ खुलासा, अभी से कर लें तैयारी
  2. Vivo S2 में मिलेगा MediaTek Dimensity 7360 Turbo चिपसेट, भारत में इस सप्ताह लॉन्च
  3. Amazon Great Freedom Sale 2026: सस्ते OnePlus फोन खरीदने का मौका! ₹17,499 से शुरू कीमतें
  4. Flipkart Freedom Sale से पहले ₹6,499 सस्ता हुआ Samsung Galaxy S25 FE 5G
#ताज़ा ख़बरें
  1. Elon Musk की नेटवर्थ 600 अरब डॉलर घटी, Tesla और SpaceX  के शेयर्स में गिरावट का असर
  2. भारत में जल्द लॉन्च होगा Boltt स्मार्टफोन, 20,000 रुपये से कम हो सकता है प्राइस
  3. Oppo F35 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, 2 मॉडल हो सकते हैं शामिल
  4. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स 81 प्रतिशत बढ़ी, Tata Motors का टॉप रैंक बरकरार
  5. जापान ने बनाया 'इंसानों का फ्रिज'! वीडियो शेयर कर हर्ष गोयनका बोले- इसे हर सड़क किनारे लगा देना चाहिए
  6. iQOO Z11 में मिलेगा नए डिजाइन वाला कैमरा मॉड्यूल, भारत में इस महीने होगा लॉन्च
  7. WhatsApp पर ये गलती भर देगी फोन की स्टोरेज, सेटिंग में आज ही करें ये बदलाव, दो बार नहीं सेव होंगे फोटो
  8. रेगिस्तान में भी उगेंगे पेड़? 14 साल के बच्चे ने बनाया हवा से पानी निकालने वाला सिस्टम, ऐसे करता है काम
  9. Samsung Galaxy F70 Pro 5G vs OnePlus N6 vs Poco M8 5G: कौन सा है बेहतर?
  10. अब चाभी या बैग खोने की टेंशन नहीं! JioTag 2 ब्लूटूथ ट्रैकर भारत में लॉन्च, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.