FLOAT Project : चांद पर रेलवे सिस्‍टम तैयार करेगी Nasa, क्‍या है प्राेजेक्‍ट फ्लोट? जानें

FLOAT Project : इस प्रोजेक्‍ट का मकसद चंद्रमा पर पहुंचने वाले एस्‍ट्रोनॉट्स को रोबोटिक ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम (robotic transport system) मुहैया कराना है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 14 मई 2024 16:04 IST
ख़ास बातें
  • नासा ने तैयार किया प्रोजेक्‍ट FLOAT
  • चंद्रमा पर रेलवे ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम बनाने की तैयारी
  • पूरी तरह से ऑटोनॉमस होगा यह सिस्‍टम

नासा ने कहा कि 2030 के दशक में परमानेंट मून बेस को ऑपरेट करने के लिए चांद पर ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम काफी महत्‍वपूर्ण होगा।

Photo Credit: Nasa

जब से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने चांद पर इंसान को दोबारा उतारने की योजना बनाई है, पूरी दुनिया की नजरें उस पर हैं। नासा का आर्टिमिस मिशन (Artemis) इसे मुमकिन करने का इरादा रखता है। नासा चाहती है कि इस बार उसके वैज्ञानिक चांद पर एक बेस बनाएं और वहां लंबे वक्‍त तक रहें। इसके लिए कई तरह की तैयारियां और प्रोजेक्‍ट्स पर काम चल रहा है। अब नासा ने चंद्रमा की सतह पर उड़ने वाली रोबोट ट्रेन बनाने की योजना का ऐलान किया है। एक ब्लॉग पोस्ट में अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी के "फ्लेक्सिबल लेविटेशन ऑन ए ट्रैक (FLOAT)" नाम के प्रोजेक्‍ट के बारे में बताया गया है। 

इस प्रोजेक्‍ट का मकसद चंद्रमा पर पहुंचने वाले एस्‍ट्रोनॉट्स को रोबोटिक ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम (robotic transport system) मुहैया कराना है। एक बयान में नासा ने कहा कि 2030 के दशक में परमानेंट मून बेस को ऑपरेट करने के लिए चांद पर ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम काफी महत्‍वपूर्ण होगा।  

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के रोबोटिक्स एक्‍सपर्ट एथन स्केलर (Ethan Schaler) ने कहा कि हम चांद पर पहले रेलवे सिस्‍टम का निर्माण करना चाहते हैं, जो चांद पर भरोसेमंद, ऑटोनॉमस और ड्यूरेबल पेलोड ट्रांसपोर्टेशन ऑफर करेगा। उन्होंने कहा कि 2030 के दशक में एक टिकाऊ मून बेस को ऑपरेट करने के लिए लंबे वक्‍त तक चलने वाले रोबोटिक ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम की जरूरत होगी। 

NASA के शुरुआती डिजाइन से पता चलता है कि FLOAT सिस्‍टम सिर्फ मशीनों पर निर्भर होगा। मैग्‍नेटिक रोबोट चांद पर पहुंचेंगे और उनमें गाड़ियों को फ‍िट किया जाएगा। वो गाड़‍ियां लगभग 1.61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। अनुमान है कि चांद पर चलने वाली गाड़‍ियां मून बेस तक रोजाना 100 टन मटीरियल पहुंचाएंगी। 

प्रोजेक्‍ट का मुख्‍य मकसद उन इलाकों तक ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज को मुहैया करना है, जहां एस्‍ट्रोनॉट एक्टिव होंगे। FLOAT सिस्‍टम पूरी तरह से ऑटोनॉमस होगा। यह चंद्रमा के धूल भरे और कठिन एनवायरनमेंट में काम करेगा। जैसे-जैसे जरूरत होगी, नासा इस सिस्‍टम को दोबारा कॉन्फि‍गर करेगी। खास बात है कि FLOAT सिस्‍टम को नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी (JPL) में तैयार किया जा रहा है। फ‍िलहाल कैलिफोर्निया में सिस्‍टम के अलग-अलग पार्ट्स को टेस्‍ट किया जा रहा है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 96GB रैम, 16 इंच 144Hz डिस्प्ले वाले लैपटॉप Asus ExpertBook B3 G1 हुए लॉन्च, जानें सबकुछ
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tesla को लगा झटका, चीन की BYD ने सेल्स में दी मात 
  2. इस देश ने लगाया बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन....
  3. IPL 2026 Live Streaming: RCB vs SRH मैच से आज आईपीएल 2026 का आगाज, ऐसे देखें फ्री!
  4. OnePlus Nord 6: 7 अप्रैल को लॉन्च होगा 9000mAh बैटरी वाला फोन! प्राइस लीक
  5. 96GB रैम, 16 इंच 144Hz डिस्प्ले वाले लैपटॉप Asus ExpertBook B3 G1 हुए लॉन्च, जानें सबकुछ
  6. OnePlus यूजर्स के लिए खुशखबरी! अब भारत में Oppo स्टोर पर करवा सकेंगे मोबाइल रिपेयर
  7. Vivo X300 Ultra लॉन्च नजदीक, 200MP के 2 कैमरा, 100W चार्जिंग के साथ 30 मार्च को देगा दस्तक
  8. Galaxy Watch 8 पहन कर सोया, जल गई कलाई! Samsung ने दिया हैरानी वाला जवाब ...
  9. 44 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 50MP तीन कैमरा वाला फोन, 120W चार्जिंग!
  10. Samsung Galaxy Book 6 सीरीज भारत में हुई लॉन्च, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.