NASA ने 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर सेट किया प्रदूषण मापने वाला डिवाइस! हर घंटे भेजेगा आंकड़े

NASA का ये TEMPO यंत्र स्पेस में छोड़ा गया पहला टूल है जो कि इतनी ऊंचाई से धरती के प्रदूषण को मापेगा।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 8 अप्रैल 2023 18:33 IST
ख़ास बातें
  • नासा ने कहा है कि यह हर घंटे मॉनिटरिंग के आंकड़े भेजेगा
  • यह एक वाशिंग मशीन के साइज जितना बड़ा है
  • इसे 7 अप्रैल को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है

TEMPO यंत्र स्पेस में छोड़ा गया पहला टूल है जो कि इतनी ऊंचाई से धरती के प्रदूषण को मापेगा।

Photo Credit: ISRO

स्पेस एजेंसी NASA ने एलन मस्क की कंपनी SpaceX के साथ मिलकर एक ऐसा डिवाइस अंतरिक्ष में लॉन्च किया है जिससे कि धरती पर प्रदूषण के स्तर पर नजर रखी जा सकेगी। यानि कि स्पेस में से ही एयर क्वालिटी को मापा जा सकेगा। एलन मस्क के एयर क्वालिटी मॉनिटर का नाम TEMPO रखा गया है। यह ट्रोपोस्फैरिक एमिशन मॉनिटरिंग ऑफ पल्यूशन इंस्ट्रूमेंट कहलाता है। जिसे 7 अप्रैल को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है। 

NASA का ये TEMPO यंत्र स्पेस में छोड़ा गया पहला टूल है जो कि इतनी ऊंचाई से धरती के प्रदूषण को मापेगा। एजेंसी के मुताबिक एटलांटिक से लेकर पेसिफिक महासागर तक, और कनाड़ा से लेकर मैक्सिको तक 4 स्क्येअर मील के एरिया में अपना काम करेगा। ट्विटर पोस्ट में एजेंसी ने इसके बारे में जानकारी दी है। नासा ने कहा है कि यह हर घंटे मॉनिटरिंग के आंकड़े भेजेगा और पूरे दिन के समय में मॉनिटरिंग करेगा। यह यंत्र प्रदूषण में पाए जाने वाले तीन मुख्य तत्वों का पता लगाएगा। 
 
इसके बारे में कहा गया है कि यह एक वाशिंग मशीन के साइज जितना बड़ा है। हार्वर्ड एंड स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के एक वायुमंडलीय भौतिक विज्ञानी कैरोलिन नोवेलन ने कहा कि वेदर सैटेलाइट्स जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में बहुत आम हैं लेकिन अभी तक वहां कोई एयर क्वालिटी मापने वाला यंत्र नहीं था। अभी तक जो पॉल्यूशन मॉनिटरिंग सैटेलाइट धरती की निचली कक्षा में मौजूद हैं, वे केवल दिन में एक बार ही किसी निश्चित समय पर ही इसके आंकड़े बता सकते हैं। लेकिन टेम्पो के बारे में कहा गया है कि यह हर घंटे का डेटा दे सकता है। 

एजेंसी का कहना है कि जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में, जो कि इक्वेटर के ऊपर धरती की सतह से 35,786 किलोमीटर ऊंचाई पर है, टेम्पो धरती के रोटेशन के साथ घूमेगा। यानि कि इसका मतलब ये है कि जितनी स्पीड से धरती घूम रही है, उतनी ही स्पीड से टेम्पो भी ऑर्बिट में घूमेगा और यह इस प्रकार उसी जगह पर बना रहेगा। जिससे कि यह पूरे दिन सटीक आंकड़े भेज सकेगा। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Nothing Phone 4a पर मिल रहा गजब डिस्काउंट, कीमत हुई कम, जानें कैसे खरीदें
  2. Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: खरीदने के लिए कौन सा रहेगा बेस्ट?
  3. iPhone से एंड्रॉयड में WhatsApp चैट कैसे करें ट्रांसफर, जानें पूरी प्रक्रिया
  4. Lava Bold N2 Pro 4G होगा 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ 31 मार्च को लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone से एंड्रॉयड में WhatsApp चैट कैसे करें ट्रांसफर, जानें पूरी प्रक्रिया
  2. Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: खरीदने के लिए कौन सा रहेगा बेस्ट?
  3. Nothing Phone 4a पर मिल रहा गजब डिस्काउंट, कीमत हुई कम, जानें कैसे खरीदें
  4. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में TVS Motor का पहला रैंक, Ola Electric को पीछे छोड़ा
  5. 365 दिनों तक डेली 2GB, अनलिमिटिड कॉलिंग, फ्री बेनिफिट्स वाला BSNL का धांसू प्लान
  6. Lava Bold N2 Pro 4G होगा 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ 31 मार्च को लॉन्च
  7. Lenovo के 60 घंटे चलने वाले ईयरबड्स, चार्जिंग केस में मिलता है डिस्प्ले, जानें कीमत
  8. 'एलियन' जैसा बर्ताव कर रहे धूमकेतु का नासा ने लगाया पता! जानें मामला
  9. Motorola Razr 70 Ultra का डिजाइन लीक, बड़ी बैटरी, 7 इंच डिस्प्ले से होगा लैस!
  10. 14 हजार कर्मचारियों को निकालेगी Nokia, जानें वजह
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.