बृहस्पति पर चमकी बिजली! नासा के Juno स्पेसक्राफ्ट की फोटो हो रही वायरल

NASA का Juno Mission लगातार बृहस्पति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 18 जून 2023 21:08 IST
ख़ास बातें
  • बृहस्पति मुख्यत: हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बैना है।
  • इसका व्यास 1,43000 किलोमीटर बताया जाता है।
  • जूनो मिशन 2016 से इस पर खोज कर रहा है।

बृहस्पति मुख्यत: हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बैना है।

Photo Credit: NASA/JPL

बृहस्पति ग्रह को सभी ग्रहों में ऊपर रखा जाता है। इसका आकार इतना बड़ा है कि सारे ग्रह मिलाकर भी इसके अकेले के बराबर नहीं हो सकते हैं। रहस्यों से भरा बृहस्पति बेहद खूबसूरत भी है। लेकिन NASA के Juno स्पेसक्राफ्ट को इसके उत्तरी ध्रुव यानि नॉर्थ पोल पर बिजली चमकती दिखाई दी है! नासा का जूनो मिशन जुपिटर यानि बृहस्पति के बारे में खोज करने के लिए चलाया गया है। स्पेस एजेंसी ने अब ऑर्बिटर द्वारा ली गई एक फोटो शेयर की गई है जो बहुत ही रहस्यमयी है। आइए जानते हैं इसके बारे में। 

NASA का Juno Mission लगातार बृहस्पति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी ने अब 20 दिसंबर 2020 को ली गई एक फोटो शेयर की है जो तेजी से वायरल हो रही है। इसमें जुपिटर पर बिजली कड़कती दिखाई दी है। तो इसका क्या मतलब निकलता है? क्या जुपिटर पर बादल बरस रहे हैं? Juno स्पेसक्राफ्ट ने ये फोटो बृहस्पति की 31वीं उड़ान के दौरान ली थी। नासा के मुताबिक, साइंटिस्ट केविन एम गिल ने इस इमेज को कच्चे डेटा से निकाला है। यह JunoCam द्वारा ली गई है। फोटो लेने के समय जूनो स्पेसक्राफ्ट 32 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। 

चमकती बिजली की इस फोटो के बारे में नासा का कहना है कि जैसे धरती पर बिजली चमकती दिखती है, वैसे ही बृहस्पति पर भी दिख सकती है। धरती पर यह पानी भरे बादलों के कारण दिखता है और अधिकतर भूमध्य रेखा पर घटता है। लेकिन बृहस्पति पर ऐसा नहीं है। यहां पर अमोनिया के बादल मौजूद हैं। यहां भी बिजली चमकती है लेकिन यह ध्रुवों पर होता है। यह डेटा बताता है कि धरती पर भी बृहस्पति के जैसे ही बिजली चमक सकती है लेकिन दोनों ग्रहों की संरचना का कहीं भी मेल नहीं है। 

बृहस्पति मुख्यत: हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बैना है। इस पर दिखने वाले पट्टे और इस पर चलने वाले कुछ तूफान इसे रंगीला ग्रह बनाते हैं जो बेहद खूबसूरत लगता है। इसका व्यास 1,43000 किलोमीटर बताया जाता है। यह सूर्य से पांचवें नम्बर का ग्रह है जो सौरमंडल में मौजूद है। जूनो मिशन 2016 से इस पर खोज कर रहा है। 
 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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