'एलियन' जैसा बर्ताव कर रहे धूमकेतु का नासा ने लगाया पता! जानें मामला

धूमकेतु के बारे में कहा गया है कि यह कूपर बेल्ट से आया है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 29 मार्च 2026 12:32 IST
ख़ास बातें
  • हबल टेलीस्कोप के डेटा की मदद से इस अनोखी घटना का पता लगा है।
  • तूफान की गति से चलने वाले एक धूमकेतु ने अपनी घूमने की दिशा एकदम से बदल दी
  • जैसे ही यह धूमकेतु सूरज के करीब पहुंचा इसने अपनी रोटेशन बदल दी।

हबल टेलीस्कोप के डेटा की मदद से इस अनोखी और हैरान कर देने वाली घटना के बारे में पता चला है।

Photo Credit: NASA

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की नजर एक हैरान करने वाली घटना पर पड़ी है। NASA ने एक धूमकेतु या, कॉमेट (comet) की दिशा बदलते देखी है। यह धूमकेतु बृहस्पति परिवार का बताया गया है जिसकी दिशा पलट गई है। ऐसा पहली बार देखा गया है। हबल टेलीस्कोप के डेटा की मदद से इस अनोखी और हैरान कर देने वाली घटना के बारे में पता चला है। आइए जानते हैं क्या हैं इसके मायने। 

अंतरिक्ष में तूफान की गति से चलने वाले एक धूमकेतु ने अपनी घूमने की दिशा एकदम से बदल दी। NASA के मुताबिक, हबल टेलीस्कोप के 2017 के डेटा को देखने से पता चलता है कि एक धूमकेतु जिसका नाम 41P/Tuttle–Giacobini–Kresak है, ने अपनी दिशा एकदम से बदल ली। यह जुपिटर फैमिली से संबंध रखता है। नासा ने बताया है कि जैसे ही यह धूमकेतु सूरज के करीब पहुंचा इसने अपनी रोटेशन बदल दी। 

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Hubble Space Telescope के दिसंबर 2017 के डेटा के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने जब इसकी चमक को देखा तो इसके बारे में पता चला। कहा गया है कि इस कॉमेट का न्यूक्लियस यानी केंद्र या नाभिक बहुत छोटा है। यह केवल 1 किलोमीटर जितने साइज का है। किसी धूमकेतु के लिए यह न्यूक्लियस बहुत छोटा है जिससे कि उसके लिए पलटना बहुत आसान हो जाता है।

धूमकेतु के बारे में कहा गया है कि यह कूपर बेल्ट से आया है। यह सूरज का चक्कर लगाता है और जुपिटर के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में अक्सर पहुंचता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 1500 साल पहले यह इस ऑर्बिट में आया था और आने वाले करीबन 10 हजार सालों तक यह इसी ऑर्बिट में रह सकता है। 

यह धूमकेतु भीतरी सौरमंडल में हर 5.4 साल में आता है। जब 2017 में यह आया तो इसकी गति एकदम से धीमी हो गई। यहां से इसने एक बड़ी पलटी मारी और इसकी गति धीमी होने के बाद फिर से तेज हुई। लेकिन अचानक इसने उल्टी दिशा में घूमना शुरू कर दिया। जब कोई धूमकेतु सूर्य के निकट आता है, तो उसकी गर्मी से जमी हुई बर्फ सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती है। इस प्रक्रिया को उर्ध्वपातन (sublimation) कहा जाता है, जिससे पदार्थ अंतरिक्ष में ब्लास्ट हो जाता है और धूमकेतु की चमकती पूंछ बनती दिखती है। गैस के ये जेट स्ट्रीम किसी भी कॉमेट की घूमने की प्रक्रिया को बदलने की ताकत रखते हैं। 
 

 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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