NASA और चीन के रोवर्स को मिले मंगल ग्रह पर मिले नदी और रेत के टीलों के संकेत

NASA के Perseverance ने मंगल ग्रुप पर अभी तक की सबसे बड़ी नदी की खोज की है। इस रोवर ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई हैं

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 29 मई 2023 18:27 IST
ख़ास बातें
  • चीन का Zhurong रोवर लगभग दो वर्ष पहले मंगल ग्रह पर उतरा था
  • इसने मंगल की सतह पर पानी के निशान खोजे हैं
  • मंगल ग्रह पर मौजूद धूल में खनिजों की बड़ी मात्रा है

पिछले कुछ वर्षों से Nasa ने मंगल ग्रह को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Perseverance रोवर और चीन के Zhurong रोवर को मंगल ग्रह पर नदियों और भीगे हुए रेत के टीलों के संकेत मिले हैं। चीन के रोवर को ठंड की वजह से इन टीलों के लगभग चार लाख वर्ष पहले एक साथ जुड़ने का प्रमाण मिला है। Perseverance रोवर ने एक तेजी से बहने वाली पानी की धारा के Jezero क्रेटर में अपना रास्ता बनाने के संकेत मिले हैं। 

Science Advances में प्रकाशित निष्कर्षों में बताया गया है कि Perseverance ने मंगल पर अभी तक की सबसे बड़ी नदी की खोज की है। यह कुछ स्थानों पर 66 फीट से अधिक गहरी थी। अमेरिका में Utah की Brigham Young University में रिसर्चर, Jani Radebaugh ने कहा कि इन निष्कर्षों से अन्य ग्रहों की सतहों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना का पता चल रहा है। 

चीन का Zhurong रोवर लगभग दो वर्ष पहले मंगल ग्रह पर उतरा था। इसने मंगल की सतह पर पानी के निशान खोजे हैं। इस रोवर के निकट रेत के टीलों के संकेत भी मिले हैं। NASA के मार्स क्यूरोसिटी मिशन के सदस्य और Brown University में साइंटिस्ट, Ralph Milliken के हवाले से National Geographic ने बताया है कि मंगल ग्रह पर मौजूद धूल में खनिजों की बड़ी मात्रा है और ये खनिज हवा से पानी के कणों को खींच सकते हैं। अगर इस तरह का मैटीरियल रेल के टीलों को ढकता है सीजन के साथ आद्रता में होने वाले बदलाव से धूल पानी के कणों को खींच सकती है और इसके दोबारा लिक्विड बने बिना इसे छोड़ सकती है। 

पिछले कुछ वर्षों से Nasa ने मंगल ग्रह को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। Perseverance रोवर ने हाल ही में बेलवा क्रेटर की 152 तस्‍वीरें ली थी। नासा ने इन तस्‍वीरों को जोड़कर एक वीडियो के तौर पर रिलीज किया है। NASA के अनुसार, मंगल ग्रह पर बड़ी संख्‍या में गड्ढे हैं और ये ऑब्‍जेक्‍ट्स के टकराने से बने हो सकते हैं। बेलवा क्रेटर भी इन्हीं गड्ढों में से एक है। इन तस्वीरों से NASA की टीम को जेजेरो क्रेटर क्षेत्र को समझने में आसानी हो सकती है। साइंटिस्ट्स का मानना है कि इस क्षेत्र में मौजूद बड़े बोल्‍डर की वजह उल्‍कापिंडों का टकराना हो सकती है। 
 

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ये भी पढ़े: Science, NASA, Rover, Space, Discovery, River, China, Landing, Data, Mars, Indications, Planet

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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