सूर्य से आने वाली है एक नई आफत! दिखाई दिया विशाल सनस्पॉट

AR3315 सनस्पॉट में M-क्लास फ्लेयर्स निकलने का 55% चांस है और X-क्लास फ्लेयर्स के पृथ्वी से टकराने की 10% संभावना है।

सूर्य से आने वाली है एक नई आफत! दिखाई दिया विशाल सनस्पॉट

सनस्‍पॉट कुछ घंटों से लेकर कुछ महीनों तक रह सकता है

ख़ास बातें
  • AR3315 नाम का एक सनस्पॉट देखा गया है
  • ये खतरनाक सोलर एनर्जी को फैला सकता है
  • इसमें वर्तमान में अस्थिर 'बीटा-गामा-डेल्टा' चुंबकीय क्षेत्र है
विज्ञापन
सूर्य में हलचलों का दौर जारी है, जिसका समय-समय पर सीधा असर पृथ्‍वी पर दिखाई देता है। पिछले महीने का अंत पृथ्वी पर सूर्य से आए जबरदस्त सोलर फ्लेयर के थपेड़ों से हुआ था और अब, ऐसा प्रतीत होता है कि हम जल्द ही एक और जबरदस्त सोलर फ्लेयर के हमले से प्रभावित हो सकते हैं। एक सनस्पॉट की खोज की गई है, जिसमें खतरनाक सोलर फ्लेयर छोड़ने की क्षमता है।

Spaceweather.com की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के फोरकास्टर्स ने खुलासा किया है कि AR3315 नाम का एक सनस्पॉट देखा गया है, जो खतरनाक सोलर एनर्जी को फैला सकता है। जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि सनस्पॉट सूर्य में मौजूद एक अंधेरा क्षेत्र है, जो इसके चुंबकत्व के कारण सूर्य पर दिखाई देता है। सनस्‍पॉट कुछ घंटों से लेकर कुछ महीनों तक रह सकता है। सभी सनस्‍पॉट सोलर फ्लेयर पैदा नहीं करते, लेकिन जब ऐसा होता है, तब उसका असर पृथ्‍वी तक दिखाई दे सकता है।

रिपोर्ट बताती है कि AR3315 सनस्पॉट खतरनाक है, क्योंकि इसमें वर्तमान में अस्थिर 'बीटा-गामा-डेल्टा' चुंबकीय क्षेत्र है। इस सनस्पॉट की अस्थिर प्रकृति के कारण, न केवल M-क्लास सोलर फ्लेयर्स, बल्कि X-क्लास फ्लेयर्स के रिलीज होने की भी संभावना है। स्पेस एजेंसियां सोलर फ्लेयर्स को क्लास के हिसाब से मापती है और X-क्लास फ्लेयर्स को काफी खतरनाक माना जाता है। इस क्लास की सोलर फ्लेयर डिवाइस और इक्विपमेंट्स को तो प्रभावित करती ही हैं साथ ही ब्लैकआउट के खतरे को भी बढ़ा देती है।

रिपोर्ट के अनुसार, AR3315 सनस्पॉट में M-क्लास फ्लेयर्स निकलने का 55% चांस है और X-क्लास फ्लेयर्स के पृथ्वी से टकराने की 10% संभावना है। यह भी बताया गया है कि इस सनस्पॉट में भू-चुंबकीय तूफान जैसे भू-चुंबकीय गड़बड़ी को ट्रिगर करने की भी क्षमता है. क्योंकि इसका मुह सीधे हमारे ग्रह की ओर है।

बता दें कि हर 11 साल में एक नया सौर चक्र शुरू होता है। इस दौरान सूर्य काफी एक्टिव हो जाता है। उसमें विस्‍फोट देखने को मिलते हैं। इस दौरान सूर्य से कोरोनल मास इजेक्शन और सोलर फ्लेयर्स उत्सर्जित होते हैं। अगर इनकी दिशा पृथ्‍वी की ओर हो, तो हमारे ग्रह पर भू-चुंबकीय तूफान आते हैं, जिससे सैटेलाइट्स व पृथ्‍वी पर मौजूद पावर ग्रिड पर असर पड़ता है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 17T भारत में लॉन्च से पहले प्राइस लीक, 6500mAh बैटरी, 50MP 3 कैमरा के साथ, 4 जून को देगा दस्तक
  2. पुराना तरीका छोड़ो! WhatsApp पर अब AI से बनाओ Stickers, जानिए तरीका
  3. OnePlus ला रही अल्ट्रा स्लिम OLED टैबलेट! 8000mAh बैटरी से हो सकता है लैस
  4. OnePlus Nord 6 vs iQOO Neo 10 5G vs Vivo V60 में जानें कौन सा फोन है सबसे बेस्ट!
  5. आपका पालतू जानवर क्या कहना चाहता है? ये नया AI डिवाइस करेगा ट्रांसलेट
  6. Vivo Y600 Turbo हुआ लॉन्च 12GB रैम, 50MP कैमरा, 9020mAh बैटरी के साथ, जानें सबकुछ
  7. AI फीचर्स, 32GB RAM और 120Hz टचस्क्रीन डिस्प्ले! लॉन्च हुआ Lenovo IdeaPad Slim 5i लैपटॉप
  8. Vivo Y600 Turbo आज होगा लॉन्च, मिलेंगे 9000mAh बैटरी के साथ धांसू फीचर्स, जानें सबकुछ
  9. 15 हजार सस्ता खरीदें Samsung का 50MP 3 कैमरा वाला फोन! देखें बेस्ट स्मार्टफोन डील
  10. VinFast ने लॉन्च किया VF8 इलेक्ट्रिक SUV का नया वर्जन, 500 किलोमीटर तक रेंज
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »