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81 साल पहले समुद्र में डूबे जहाज का मलबा मिला, द्वितीय विश्‍व युद्ध के 1000 कैदी थे सवार, जानें पूरा मामला

करीब 12 दिनों की खोज के बाद 18 अप्रैल को दक्षिण चीन सागर में लगभग 13,100 फीट (4,000 मीटर) की गहराई पर मलबे का पता लगा।

81 साल पहले समुद्र में डूबे जहाज का मलबा मिला, द्वितीय विश्‍व युद्ध के 1000 कैदी थे सवार, जानें पूरा मामला

Photo Credit: Fugro

मलबे की इमेजेस और जहाज के ब्‍लू प्रिंट की तुलना के बाद यह सुनिश्चित हुआ कि मलबा उसी जापानी जहाज का है, जिसे अमेरिकी पनडुब्‍बी के हमले ने बर्बाद करके डुबो दिया था।

ख़ास बातें
  • कई वर्षों की मेहनत के बाद खोजा गया मलबा
  • जहाज डूबने से सभी कैदियों की हो गई थी मौत
  • कैदियोंके रिश्‍तेदार वर्षों से जहाज की खोज में जुटे थे
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विश्‍व युद्धों ने इस दुनिया को गहरे जख्‍म दिए हैं। उन्‍हीं में से एक है द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) का जापानी ट्रांसपोर्ट शिप ‘मोंटेवीडियो मारू' (Montevideo Maru)। साल 1942 में एक अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले ने जापानी जहाज को समुद्र में डुबो दिया था। घटना के वक्‍त उस जहाज में 1,000 से ज्‍यादा सहयोगी कैदी सवार थे। कहा जाता है कि सभी की मौत डूबने से हो गई थी। अब एक ऐतिहासिक घटना में ‘मोंटेवीडियो मारू' का मलबा दक्षिण चीन सागर में खोजा गया है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘मोंटेवीडियो मारू' के डूबने से जिन सहयोगी कैदियों की जान गई, उनमें से ज्‍यादातर ऑस्‍ट्रेलियाई थे। जापानी जहाज के मलबे को खोजने की कोशिश कई दशकों से की जा रही थी और पिछले हफ्ते बड़ी कामयाबी मिली। इस खोज में एक नॉनप्रॉफ‍िट ऑर्गनाइजेशन साइलेंटवर्ल्ड फाउंडेशन ने अहम भूमिका निभाई। 

ऑस्‍ट्रेलिया के रक्षा विभाग की मदद से साइलेंटवर्ल्ड ने पूरे मिशन को को-ऑर्डिनेट किया। मिशन को मोंटेवीडियो मारू सोसायटी का भी सपोर्ट मिलाा, जिसे जहाज में सवार कैदियों के रिश्‍तेदारों ने बनाया है। कई और टीमें भी मिशन में शामिल थीं और वर्षों से शोध कर रही थीं कि जहाज की खोज कहां की जाए। 

लंबी रिसर्च के बाद खोज टीम समुद्र में एक एरिया पर फोकस करने लगी। 6 अप्रैल को टीम ने मल्टीबीम सोनार इक्विपमेंट की मदद से इलाके को स्‍कैन करना शुरू किया। करीब 12 दिनों की खोज के बाद 18 अप्रैल को दक्षिण चीन सागर में लगभग 13,100 फीट (4,000 मीटर) की गहराई पर मलबे का पता लगा। इस क्षेत्र का नियंत्रण फ‍िलीपींस के पास है। रिपोर्ट के अनुसार, मलबे की इमेजेस और जहाज के ब्‍लू प्रिंट की तुलना के बाद यह सुनिश्चित हुआ कि मलबा उसी जापानी जहाज का है, जिसे अमेरिकी पनडुब्‍बी के हमले ने बर्बाद करके डुबो दिया था।  

रिसर्चर्स का कहना है कि यह खोज बताती है कि आज भी जीवित लोग अपने मृतक रिश्‍तेदार के प्रति सम्‍मान रखते हैं। जहाज में सवार कुल 1,054 कैदियों में ज्‍यादातर ऑस्ट्रेलियाई थे। कुल 850 सैनिक, नाविक और एविएटर जहाज में मौजूद थे। कहा जाता है कि अमेरिकी पनडुब्‍बी इस बात से अनजान थी कि जहाज में कैदी सवार हैं। पनडुब्‍बी ने कम से चार टॉरपीडो को जापानी जहाज पर दागा था। एक निशाना सही लगा और जहाज सिर्फ 11 मिनट में डूब गया था।  
 

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