मंगल ग्रह पर शहद के छत्ते जैसी संरचना, जानें क्‍या है इस तस्‍वीर का सच

यहां एक बात साफ है कि मंगल ग्रह पर यह छत्तानुमा आकृति मधुमक्खियों ने नहीं बनाई। यह मौसमी बदलावों की वजह से है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 23 जून 2022 18:46 IST
ख़ास बातें
  • माना जाता है कि मंगल ग्रह के ऊंचाई वाले इलाकों में ऐसी संरचना मिलती हैं
  • इस तरह की संरचना पानी और कार्बन डाइऑक्‍साइड की वजह से बनीं
  • मंगल ग्रह पर पानी की मौजूदगी के सबूत पहले ही मिल चुके हैं

माना जाता है कि बर्फ के रूप में मौजूद पानी और कार्बन डाइऑक्साइड की की वजह से ऐसी अनोखी संरचना वाले पैटर्न मंगल ग्रह पर बने होंगे।

मंगल ग्रह की खोज में जुटे ‘मार्स रीकानिसन्स ऑर्बिटर' (Mars Reconnaissance Orbiter) ने एक बार फिर लाल ग्रह की शानदार तस्वीर दिखाई है। ऑर्बिटर पर लगे HiRISE कैमरे (हाई-रेजॉलूशन इमेजिंग साइंस एक्सपेरिमेंट) ने शहद के छत्ते के आकार या स्पाइडर-वेब पैटर्न वाली तस्‍वीर दिखाई है। हालांकि यहां एक बात साफ है कि मंगल ग्रह पर यह छत्तानुमा आकृति मधुमक्खियों ने नहीं बनाई। यह मौसमी बदलावों की वजह से है। माना जाता है कि बर्फ के रूप में मौजूद पानी और कार्बन डाइऑक्साइड की की वजह से ऐसी अनोखी संरचना वाले पैटर्न मंगल ग्रह पर बने होंगे। 

HiRISE कैमरा को साल 2006 में ‘मार्स रीकानिसन्स ऑर्बिटर' पर इन्‍स्‍टॉल किया गया था। उसी साल इस ऑर्बिटर को मंगल के सफर पर भेजा गया था। तब से इसने वहां कई आकृतियों देखी हैं और उन्‍हें तस्‍वीरों में उतारा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हाल ही में खोजी गई संरचनाओं के निर्माण में पानी और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों की प्रमुख भूमिका रही होगी। 

माना जाता है कि मंगल ग्रह के ऊंचाई वाले इलाकों में इस तरह की संरचना पानी और कार्बन डाइऑक्‍साइड की वजह से बनीं। कम तापमान में मिट्टी में जमा पानी की बर्फ जमीन को अलग करके पॉलीगोनल शेप्‍स बनाती है। फ‍िर सूखी बर्फ इसमें जुड़ जाती है। वसंत के महीने में जब जमीन गर्म हो जाती है, तो सतह के नीचे से सूखी बर्फ अधिक कटान करती है और चैनल बनाती है। इससे पॉलीगोनल शेप्‍स बनता है। इसमें कई साल लगते हैं, क्योंकि सतह के नजदीक की बर्फ मौसम के अनुसार फैलती और सिकुड़ती है। 

गौरतलब है कि मंगल ग्रह पर पानी की मौजूदगी के सबूत पहले ही मिल चुके हैं। पिछले साल यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने नई स्‍टडी में बताया था कि मंगल ग्रह Mars की वैलेस मेरिनेरिस Valles Marineris घाटी की सतह के नीचे पानी छुपा है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर (TGO) ने इस घाटी में बड़ी मात्रा में पानी की खोज की थी। 

मंगल ग्रह पर भविष्‍य में इंसान को पहुंचाने की भी तैयारी है। इसके लिए वैज्ञानिक ऐसी तकनीक ईजाद करने में लगे हैं कि वहां की यात्रा में कम से कम समय लगे। बीते दिनों कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने कहा था कि अगर मंगल पर जाने वाला अंतरिक्ष यान उनके द्वारा बताई गई संचालक शक्ति प्रणाली (propulsion system) का इस्‍तेमाल करता है, तो पृथ्वी-मंगल की यात्रा का समय घटाकर सिर्फ 45 दिन किया जा सकता है। ऐसा संभव हुआ, तो मंगल ग्रह से जुड़ी खोज में काफी तेजी आएगी। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 9000mAh बैटरी 13MP कैमरा के साथ ASUS Pad (T3201) पेश, देखें कितना खास है टैबलेट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Bitcoin को लगा Strategy के बिकवाली करने से झटका, प्राइस 68,000 डॉलर से नीचे गिरा
  2. Asus VivoWatch 6 Plus लॉन्च हुई AMOLED डिस्प्ले, एडवांस AI हेल्थ फीचर्स के साथ, जानें सबकुछ
  3. Vivo Y500 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, Bluetooth SIG प्लेटफॉर्म पर हुई लिस्टिंग
  4. 10,000mAh बैटरी वाला नया Oppo फोन जल्द हो सकता है लॉन्च, जानें डिटेल
  5. Redmi Turbo 5 भारत में लॉन्च होगा 16 जून को, 7560mAh बैटरी, 100W चार्जिंग से होगा लैस!
  6. हो जाओ तैयार! जून में निकलेगी ग्रहों की परेड, शुक्र को ढक लेगा चांद! दिखेंगे अद्भुत नजारे
  7. 30 सेकेंड के अंदर कूलिंग करने वाला AC Xiaomi ने किया लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  8. Excel को PDF फाइल में कैसे करें कन्वर्ट? ये है आसान प्रक्रिया
  9. Oppo Reno 16 Pro ग्लोबल लॉन्च जल्द, 6700mAh बैटरी, Dimensity चिप से होगा लैस!
  10. Hisense U7SE ULED Mini-LED TV लॉन्च, 55,65,75,85 और 100 इंच डिस्प्ले के साथ गजब फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.