20 स्‍टारलिंक स्‍पेसक्राफ्ट लेकर उड़ा ‘फाल्कन 9’ रॉकेट रास्‍ते में दे गया ‘जवाब’, आई खराबी, देखें Video

Falcon 9 Rocket anomaly : स्‍पेसएक्‍स की टीम अभी तक मामले की तह में नहीं पहुंच सकी है और डेटा का विश्‍लेषण करने के बाद ही डिटेल जानकारी सामने आ पाएगी।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 12 जुलाई 2024 14:22 IST
ख़ास बातें
  • स्‍पेसएक्‍स के फाल्‍कन-9 रॉकेट में तकनीकी दिक्‍कत
  • तय ऊंचाई तक नहीं पहुंच सके 20 स्‍टारलिंक सैटेलाइट
  • स्‍पेस में इंजन में आई दिक्‍कत, वैज्ञानिक कर रहे जांच
Falcon 9 Rocket anomaly : एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) का फाल्‍कन-9 रॉकेट गुरुवार की रात एक तकनीकी खराबी की चपेट में आ गया। घटना तब हुई जब रॉकेट आसमान में था और 20 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए आगे बढ़ रहा था। गड़बड़ी के कारण स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स का अपनी कक्षा में पहुंचना मुश्किल लग रहा है। स्‍पेसएक्‍स की टीम अभी तक इसकी तह में नहीं पहुंच सकी है और डेटा का विश्‍लेषण करने के बाद ही डिटेल जानकारी सामने आ पाएगी।  

स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार की रात फाल्कन 9 रॉकेट में एक दुर्लभ विसंगति (anomaly) आ गई। शुरुआत में सबकुछ ठीक था। तय योजना के अनुसार, कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से स्पेसएक्स के स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट्स के साथ रॉकेट ने उड़ान भरी। 

हमेशा की तरह रॉकेट ने बेहतर परफॉर्म किया और रॉकेट के दोनों स्‍टेज अपनी-अपनी टाइमिंग में अलग होकर वापस लैंड करने के लिए पहुंच गए। कंपनी के सीईओ एलन मस्‍क ने कहा है कि रॉकेट का ऊपरी स्‍टेज जोकि 20 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स को लेकर पृथ्‍वी के लो-अर्थ ऑर्बिट यानी निचली कक्षा में जा रहा था, उसमें प्रॉब्‍लम आ गई। 
 

बताया गया है कि अपर स्‍टेज को दोबारा स्‍टार्ट करने से इंजन में आरयूडी की प्रॉब्‍लम हुई। इसकी वजह पता नहीं चल पाई है। स्‍पेसएक्‍स की टीम डेटा का विश्‍लेषण कर रही है। माना जा रहा है कि रॉकेट का ऊपरी स्‍टेज इतनी आगे नहीं पहुंच सका था, जितना उसे जाना चाहिए था। ऐसे में स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स का लो-अर्थ ऑर्बिट में पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
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एक पोस्‍ट में स्‍पेसएक्‍स ने कहा है कि स्टारलिंक सैटेलाइट्स को उनकी तय कक्षा से कम ऊंचाई पर तैनात किया गया है। स्पेसएक्स ने अब तक 5 सैटेलाइट्स से संपर्क किया है और उनके आयन थ्रस्टर्स का इस्‍तेमाल करके सैटेलाइट्स को कक्षा में ऊपर उठाने की कोशिश कर रहा है।  
 

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इंजन में आई आरयूडी की प्रॉब्‍लम में आरयूडी का मतलब तेजी से होने वाली अनचाही डिसेंबलिंग है। फ‍िलहाल स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स की स्थिति को देखा जा रहा है कि वह कहां हैं। फाल्‍कन-9 रॉकेट में पहली दफा इस तरह की परेशानी देखी गई है। साल 2024 में यह 68 के करीब लॉन्‍च कर चुका है और सभी सफल रहे। अबतक के इसके इतिहास में यह सिर्फ एक बार पूरी तरह से फेल हुआ है।  
 
 

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