What is Ariane 6 Rocket : एरियन-6 रॉकेट का सफल लॉन्‍च, अब अपने दम पर बड़े स्‍पेस मिशन लॉन्‍च कर पाएगा यूरोप

What is Ariane 6 Rocket : यह लॉन्‍च फ्रेंच गुयाना में यूरोप के स्पेसपोर्ट से किया गया।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 10 जुलाई 2024 13:14 IST
ख़ास बातें
  • Ariane 6 रॉकेट की पहली सफल उड़ान
  • यूरोप का हैवी लिफ्ट रॉकेट है यह
  • भविष्‍य के मिशनों में यूरोप को मिलेगा फायदा

एरियन-6 को एरियन-5 रॉकेट के सक्‍सेसर के तौर पर बनाया गया है।

Photo Credit: @esa

यूरोपीय स्‍पेस प्रोग्राम ने बुधवार को बड़ी छलांग लगाई। यूरोप के पहले हैवी लिफ्ट रॉकेट ‘एरियन-6' (Ariane 6) ने अपनी पहली सफल उड़ान भरी। यह लॉन्‍च फ्रेंच गुयाना में यूरोप के स्पेसपोर्ट से किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एरियन-6 का उड़ान भरना यूरोप के लिए काफी मायने रखता है। इस रॉकेट की मदद से वह भविष्‍य में अपने सुदूर स्‍पेस मिशनों को अकेले के दम पर लॉन्‍च करने के काबिल बनेगा और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) पर निर्भरता कम होगी। एरियन-6 को एरियन-5 रॉकेट के सक्‍सेसर के तौर पर बनाया गया है। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नया रॉकेट लो-अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्‍वी की निचली कक्षा में और डीप स्‍पेस में भी मिशनों को लॉन्‍च कर सकता है। रॉकेट के डिजाइन ऐसा है कि इसे मिशनों की जरूरत के हिसाब से सेट किया जा सकता है। यही वजह है कि एरियन-6 की सफल उड़ान के बाद दुनिया के स्‍पेस लॉन्‍च मार्केट में प्रतिस्‍पर्धा बढ़ सकती है।  
Advertisement
 

ईएसए के डायरेक्‍टर जनरल जोसेफ एशबैकर ने इस लॉन्‍च को ‘इंजीनियरिंग और टेक्‍नोलॉजी में यूरोपीय उत्कृष्टता' का प्रदर्शन बताया। उन्‍होंने वर्षों से इस काम में लगे हजारों लोगों की मेहनत को भी स्‍वीकारा। रॉकेट को तैयार करने में यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA), CNES, एरियन ग्रुप और एरियनस्‍पेस की टीमों ने अहम भूमिका निभाई है।  
Advertisement

एरियन-6 की पहली उड़ान को VA262 नाम दिया गया था। इस उड़ान के दौरान रॉकेट ने पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बचने और अंतरिक्ष में ऑपरेट करने की अपनी क्षमता को दिखाया। टेस्‍ट फ्लाइट होने के बावजूद रॉकेट अपने साथ कई पेलोड लेकर गया। इनमें स्‍पेस एजेंसियों, कंपनियों, रिसर्च इंस्टिट्यूट और यूनिवर्सिटीज के एक्‍सपेरिमेंट और सैटेलाइट शामिल थे।  

लॉन्‍च के लगभग एक घंटे बाद रॉकेट ने सैटेलाइट्स को धरती से 600 किलोमीटर ऊपर ऑर्बिट में पहुंचा दिया। माना जा रहा है कि इस रॉकेट दम पर यूरोप ग्‍लोबल स्‍पेस सेक्‍टर में अपनी पकड़ को मजबूत बना सकता है। 
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
  2. Lava Bold N4 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹22000 सस्ता मिल रहा Samsung का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, जानें क्या है पूरा ऑफर
  2. Lava Bold N4 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
  3. Airtel vs Jio vs Vi: 365 दिनों की वैधता के साथ किसका प्लान है ज्यादा बेहतर
  4. MSI Cyborg 15 Max C2W, C13W गेमिंग लैपटॉप भारत में पेश, जानें कैसे हैं गजब फीचर्स
  5. Instagram पर बदल गया पोस्ट दिखाने का तरीका, अब टैग्ड पोस्ट भी आएंगी मुख्य प्रोफाइल पर नजर
  6. iPhone 18 Pro Max vs Oppo Find X9 Ultra vs Vivo X300 Ultra: जानें कौन सा फ्लैगशिप है बेस्ट?
  7. 10,000mAh बैटरी वाले Redmi Note 17 Pro और Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा, 15 सितंबर को होंगे भारत में लॉन्च
  8. AI से जाएगी अनगिनत लोगों की जान, Anthropic के AI रिसर्चर ने नौकरी छोड़ी, बताया सभ्यता पर बड़ा खतरा
  9. Poco X8 5G और X8 Power 5G की सेल लाइव; 10,000mAh तक बैटरी, कीमत ₹30 हजार से शुरू
  10. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.